تـــا نــگــوئی ســـخـــنــوران مــردنــدســـر بــــه آب ســـخـــن فـــرو بــــردنـــدچــون بــری نــام هــر کــرا خــواهــیســـــر بـــــرآرد ز آب چـ…
| تـــا نــگــوئی ســـخـــنــوران مــردنــد | ســـر بــــه آب ســـخـــن فـــرو بــــردنـــد |
| چــون بــری نــام هــر کــرا خــواهــی | ســـــر بـــــرآرد ز آب چـــــون مــــاهــــی |
| سـخـنی کو چـو روح بـی عیب اسـت | خـــازن گـــنـــج خـــانـــه غـــیــب اســـت |
| قــــصــــه نــــاشــــنـــیـــده او دانــــد | نـــامـــه نـــانـــبــــشـــتــــه او خــــوانـــد |
| بـــنــگــر از هــرچـــه آفــریــد خـــدای | تــا ازو جــز سـخـن چــه مـانـد بــه جــای |
| یـــادگـــاری کــــز آدمـــیـــزاد اســــت | سـخــن اسـت آن دگـر هـمـه بــاد اسـت |
| جــهــد کــن کــز نــبـــاتــی و کــانــی | تـــا بـــه عــقــلــی و تــا بـــه حــیــوانــی |
| بــاز دانـی کـه در وجــود آن چـیـسـت | کـــابـــدالــدهــر مــی تـــوانــد زیــســـت |
| هر کـه خـود را چـنانکه بـود شـناخـت | تـــا ابـــد ســـر بـــه زنــدگــی افــراخـــت |
| فانی آن شد که نقش خـویش نخواند | هـرکـه ایـن نـقــش خــوانـد بــاقـی مـانـد |
| چـون تـو خـود را شـناخـتـی بـدرسـت | نــگــذری گــرچــه بــگــذری ز نــخــســت |
| وانـکـســان کــز وجــود بــی خــبــرنـد | زیــــن درآیــــنــــد وزان دگــــر گــــذرنــــد |
| روزنـــه بــــی غـــبــــار و در بـــی دود | کــس نــبـــیــنــد در آفــتـــاب چــه ســود |
| هست خشنود هر کس از دل خویش | نــکــنــد کــس عـــمــارت گــل خـــویــش |
| هرکـسـی در بـهـانـه تـیز هش اسـت | کــس نـگـویـد کـه دوغ مـن تــرش اســت |
| بـــالــغـــانــی کــه بـــلــغـــه کـــارنــد | ســــر بــــه جــــذر اصــــم فـــرو نـــارنـــد |
| صــاحـــب مــایــه دوربـــیــن بـــاشــد | مــایـه چــون کــم بــود چــنــیــن بــاشــد |
| مــرد بـــا مــایــه را گــر آگــاهــســـت | شــحــنــه بـــایــد کــه دزد در راهــســت |
| خــواجــه چــیـن کـه نـافــه بــار کــنـد | مـــشـــگـــر از انــگـــژه حـــصـــار کـــنـــد |
| پـــر هــدهــد بـــه زیــر پـــر عـــقـــاب | گــوی بـــرد از پـــرنــدگــان بـــه شــتـــاب |
| ز آفـــت ایــمـــن نـــیــنـــد نـــامـــوران | بــی خــطــر هـســت کـار بــی خــطــران |
| مـرغ زیـرک بــه جــسـتــجـوی طـعـام | بــــه دو پـــای اوفـــتـــد هـــمـــی در دام |
| هرکجـا چـون زمین شـکم خـواریسـت | از زمــیــن خـــورد او شــکــم واریــســـت |
| بــا هــمــه خــورد و بــرد ازیـن انــبــار | کـــم نـــیـــایـــد جــــوی بــــه آخـــر کـــار |
| جــو بــه جـو هـرچـه زوسـتــانـی بــاز | یــک بــه یــک هــم بـــدو رســانــی بـــاز |
| شـــمـــع وارت چـــو تـــاج زر بــــایـــد | گـــریــه از خـــنـــده بـــیــشـــتـــر بـــایــد |
| آن مـــفــــرح کــــه لــــعــــل دارد و در | خـــنــده کــم شــد اســـت و گــریــه پـــر |
| هـر کـسـی را نـهـفـتـه یاری هـسـت | دوسـتـی هـسـت و دوسـتـداری هـسـت |
| خـــرد اســـت آن کــز او رســد یــاری | هــــــمــــــه داری اگـــــــر خـــــــرد داری |
| هــــرکـــــه داد خـــــرد نــــدانــــد داد | آدمـــی صـــورتــــســــت و دیـــو نـــهـــاد |
| وان فـرشـتـه کـه آدمـی لـقـب اسـت | زیــرکــانــنــد و زیــرکــی عــجـــب اســت |
| در ازل بــــود آنـــچــــه بــــایـــد بــــود | جـــــهــــد امــــروز مـــــا نــــدارد ســـــود |
| کـار کـن زانـکـه بـه بــود بـه سـرشـت | کـــار و دوزخ ز کـــاهــلــی و بـــهــشـــت |
| هــرکــه در بــنــد کــار خــود بـــاشــد | بــا تــو گــر نــیـک نــیـســت بــد بــاشــد |
| بــا تــن مــرد بــد کــنــد خــویــشــی | در حــــق دیـــگـــران بــــدانـــدیـــشــــی |
| هـمـتـی را کـه هـسـت نـیک انـدیش | نــیـکــوئی پــیــشــه نــیـکــی آرد پــیـش |
| آنــچــنــان زی کــه گــر رســد خــاری | نــخـــوری طـــعـــن دشـــمـــنــان بـــاری |
| ایــن نــگـــویــد ســـرآمـــد آفـــاتـــش | وان نــخـــنــدد کــه هــان مــکــافــاتـــش |
| گـرچــه دسـت تــو خـود نـگـیـرد کـس | پــــای بــــر تـــو فـــرو نـــکـــوبــــد بــــس |
| آنــکـــه رفـــق تـــواش بـــه یــاد بـــود | بــــه از آن کـــز غــــم تــــو شــــاد بــــود |
| نـان مـخـور پــیـش نـاشـتــا مـنـشـان | ور خـوری جــمـلـه را بــه خـوان بــنـشـان |
| پــیـش مــفــلــس زر زیـاده مــســنـج | تـــا نــه پـــیــچــد چــو اژدهــا بـــر گــنــج |
| گـــــر بـــــود بــــــاد بـــــاد نـــــوروزی | بـــه کــه پـــیــشـــش چـــراغ نــفـــروزی |
| آدمــی نـز پــی عــلــف خــواریـســت | از پـــی زیــرکـــی و هـــشـــیــاریــســـت |
| ســــگ بــــر آن آدمـــی شــــرف دارد | کـــه چـــو خـــر دیـــده بـــر عـــلـــف دارد |
| کـــوش تـــا خـــلــق را بـــه کـــار آئی | تـــا بـــه خـــلـــقـــت جـــهــان بـــیــارائی |
| چـون گـل آنبـه کـه خـوی خـوشـداری | تــــــا در آفـــــاق بــــــوی خـــــوش داری |
| نـشـنـیـدی کـه آن حـکـیم چـه گـفـت | خـواب خـوش دید هرکـه او خـوش خـفـت |
| هـــرکــــه بــــدخــــو بــــود گـــه زادن | هــم بـــرآن خــوســت وقــت جـــان دادن |
| وانــکــه زاده بــود بــه خــوش خــوئی | مـردنـش هـســت هـم بــه خــوش روئی |
| سـخـت گیری مکـن که خـاک درشـت | چــون تــو صــد را ز بــهـر نـانـی کــشــت |
| خــاک پـــیــراســتـــن چــه کــار بـــود | حــــامــــل خــــاک خــــاکــــســــار بــــود |
| گـر کـسـی پـرسـدت کـه دانـش پـاک | ز آدمــــی خـــــیــــزد آدمــــی از خـــــاک |
| گـو گــلـاب از گـل و گـل از خــارســت | نــوش در مـــهــره مــهــره در مـــارســـت |
| بـــا جــهــان کــوش تـــا دغــا نــزنــی | خــــیـــمــــه در کــــام اژدهـــا نــــزنــــی |
| دوســتــی ز اژدهـا نـشـایـد جــسـت | کـــاژدهـــا آدمـــی خـــورد بــــه درســـت |
| گـر ســگـی خــود بــود مـرقــع پــوش | ســـگ دلــی را کــجـــا کــنــد فــرمــوش |
| دوســتــانـی کــه بــا نـفــاق افــتــنـد | دشـــمــنــان را هــم اتـــفـــاق افــتـــنــد |
| چـون مـگـس بـر سـیه سـپـیـد خـزنـد | هــــردو را رنــــگ بـــــرخـــــلــــاف رزنــــد |
| بــه کــز ایـن ره زنــان کــنــاره کــنــی | بـــرخــود ایــن چـــار بـــنــد پـــاره کــنــی |
| در چـنـیـن دور کـاهـل دیـن پــسـتـنـد | یـوســفــان گــرگ و زاهـدان مــســتــنــد |
| نـتــوان بــرد جــان مـگـر بــه دو چــیـز | بـــه بـــدی و بـــه بـــد پــســنــدی نــیــز |
| حــاش لــلــه کــه بـــنــدگــان خــدای | ایـن چــنـیـن بــنــد بــر نــهـنــد بــه پــای |
| آنچـه او هم نوسـت و هم کهن است | سخن است و در این سخن سخن است |
| ز آفــــریــــنــــش نــــزاد مــــادر کــــن | هــیــچ فـــرزنـــد خـــوبـــتـــر ز ســـخـــن |
| از پــــی دوزخ آتــــش انـــگــــیـــزنـــد | نــفـــط جـــویــنـــد و طـــلـــق را ریــزنـــد |
| خـــیــز تـــا فــتـــنــه زیــر پـــای آریــم | شـــرط فـــرمــانــبـــری بـــه جـــای آریــم |
| بـــه جـــوی زر نــیــازمــنــدی چـــنــد | هــفــت قــفــلــی و چــاربـــنــدی چــنــد |
| لــالــه را بــیــن کــه بــاد رخــت ربــود | از پــــی یـــک دو قــــلــــب خــــون آلـــود |
| چــــو درمــــنـــه درم نــــدارد هـــیـــچ | بــــاد در پــــیـــکــــرش نـــیـــارد هـــیـــچ |
| گـنـج بــر سـر مـشـو چـو ابـر سـفـیـد | پــای بــر گــنــج بــاش چــون خــورشــیـد |
| تـــا زمـــیــنـــی کـــز ابـــر تـــر گـــردد | از زمــــیـــن بــــوش تــــو بــــه زر گــــردد |
| کــیــســـه زر بـــر آفــتـــاب فــشـــان | ســـنـــگ در لـــعـــل آفـــتـــاب نـــشـــان |
| تـو بـه زر چـشم روشنی و بـه دسـت | چــشــم روشـن کـن جــهـان خــردســت |
| زر دو حــرفـســت هـردو بــی پــیـونـد | زیــن پـــراکــنــده چـــنــد لــافــی چـــنــد |
| دل مــکــن چـــون زمــیــن زر آگــنــده | تــــا نــــگــــردی چــــو زر پـــــراگــــنــــده |
| هــر نــگـــاری کـــه زر بـــود بـــدنــش | لــــاجــــوردی رزنــــد پـــــیــــرهــــنــــش |
| هــــر تـــــرازو کـــــه گــــرد زر گــــردد | ســـــنـــــگـــــســـــار هــــزار در گـــــردد |
| کـرده گـیرت بـه هم بـه بـانگـی چـنـد | از حـــلـــال و حــــرام دانـــگـــی چــــنـــد |
| آمـــــده لـــــاابــــــالـــــیـــــی بـــــرده | ســیــم کــش زنــده ســیـم کــش مــرده |
| زر بـــه خــوردن مــفــرح طــربـــســت | چـون نـهـی رنـج و بــیـم را سـبــب سـت |
| آنـکـه خــود را ز رنـج و بــیـم کــشــی | زر پــرســتــی بــود نــه ســیـم کــشــی |
| ابــلـهـی بــیـن کــه از پــی ســنـگـی | دوســت بــا دوســت مـی کـنـد جــنـگـی |
| بــــه کـــه دل زان خـــزانـــه بــــرداری | کـــــه ازو رنـــــج و بــــــیـــــم بــــــرداری |
| تــشــنــه را کــی نــشــاط راه افــتــد | کــــی زیــــد گــــر در آب چــــاه افــــتــــد |
| آنــــچ زو بـــــگـــــذرد و بـــــگـــــذاری | چــــنــــد بــــنــــدی و چــــنـــد بــــرداری |
| خــانــه دیـو شــد جــهـان بــشــتــاب | تـــا نــگـــردی چـــو دیــو خـــانــه خـــراب |
| خــــانــــه دیـــو دیـــو خــــانـــه بــــود | گـــر خـــود ایـــوان خــــســـروانـــه بــــود |
| چـــنــد حـــمــالـــی جـــهــان کـــردن | در زمـــیـــن حـــمـــل زر نـــهـــان کـــردن |
| گـــر ســــه حــــمـــال کـــارگـــر داری | چـــــار حـــــمـــــال خـــــانــــه بـــــرداری |
| خـاک و بـادی که بـا تـو مخـتـلف ست | خــاک بــی الــف و بــاد بــی الــف ســت |
| خــار کــز نــخــل دور شــد تـــاجـــش | بـــه کــه ســازنــد ســیــخ تــتــمــاجــش |
| آری آنـرا کــه در شــکــم دهـلــســت | بـــرگ تــتــمــاج بـــه ز بـــرگ گــلــســت |
| بــه کــه دنــدان کــنـی ز خــوردن پــر | تــــا گــــرامــــی شــــوی چــــو دانـــه در |
| شـــانــه کـــو را هــزار دنـــدانــســـت | دســت در ریـش هـر کــســی زانــســت |
| تــا رســیــدن بــه نــوشــداروی دهــر | خــــورد بــــایـــد هـــزار شـــربــــت زهـــر |
| بــــر در ایــــن دکــــان قــــصــــابــــی | بـــی جـــگـــر کـــم نـــوالـــه ای یــابـــی |
| صـد جـگـر پـاره شـده بـه هـر سـوئی | تـــا در آمـــد پــــهـــی بــــه پـــهـــلـــوئی |
| گـردن صــد هـزار ســر بــشــکـســت | تــــا یـــکـــی گـــر دران ز گـــردن رســـت |
| آن یـکــی پــا نــهـاده بــر ســر گــنــج | ویــن ز بـــهــر یــکـــی قـــراضـــه بـــرنــج |
| نـیـســت چــون کـار بــر مـرادکـســی | بــــی مـــرادی بــــه از مـــراد بــــســــی |
| هـــر مـــرادی کـــه دیــر یــابـــد مـــرد | مـــژده بـــاشـــد بـــه عـــمـــر دیــر نــورد |
| دیــر زی بـــه کـــه دیــر یـــابـــد کـــام | کــز تــمــامــیــســت کــار عــمــر تــمــام |
| لــعــل کــو دیــر زاد دیــر بـــقــاســـت | لـالـه کـامـد سـبــک سـبــک بــرخــاسـت |
| چـنـد چـون شـمـع مـجــلـس افـروزی | جــلــوه ســازی و خــویــشــتــن ســوزی |
| پـای بــگـشـای ازیـن بــهـیـمـی سـم | ســـر بـــرون آر ازیــن ســفــالــیــن خـــم |
| از ســر ایـن شــاخ هـفـت بــیـخ بــزن | وز ســم ایــن نــعــل چــار مــیــخ بـــکــن |
| بـــر چــنــیــن چــاره بــوریــا بـــر ســر | مــرده چـــون ســـنــگ و بـــوریــا مــگــذر |
| زنــده چــون بـــرق مــیــر تــاخــنــدی | جـــان خـــدائی بــــه از تــــنـــومـــنـــدی |
| گـــر مـــریــدی چـــنـــانــک رانــنـــدت | بـــر رهـــی رو کـــه پـــیــر خـــوانـــنـــدت |
| از مـــریـــدان بــــی مـــراد مـــبــــاش | در تـــوکـــل کـــم اعـــتـــقـــاد مـــبــــاش |
| من کـه مـشـکـل گـشـای صـد گـرهم | دهــــــخـــــــدای ده و بـــــــرون دهــــــم |
| گــــر درآیــــد ز راه مــــهــــمــــانــــی | کــیـســت کــو در مــیـان نــهـد خــوانــی |
| عــقـل دانـد کـه مـن چــه مـی گـویـم | زیـن اشــارت کـه شــد چــه مـی جــویـم |
| نـیـسـت از نـیـسـتـی شـکـسـت مـرا | گـلـه زانـکـس کـه هـســت هـســت مـرا |
| تــرکــیـم را در ایـن حــبــش نــخــرنـد | لــاجـــرم دو غــبـــای خـــوش نــخـــورنــد |
| تـــا در ایــن کــوره طـــبـــیــعـــت پـــز | خـــامـــیــی داشـــتـــم چـــو مـــیـــوه رز |
| روزگـارم بــه حــصــر مـی مـی خــورد | تـــو تـــیــاهــای حــصــر مــی مــی کــرد |
| چـــون رســیــدم بـــه حـــد انــگــوری | مـــی خـــورم نـــیــشـــهـــای زنـــبـــوری |
| مــی کــه جــز جــرعــه زمـیـن نـبــود | قــــدر انـــگـــور بــــیـــش ازیـــن نـــبــــود |
| بـــر طـــریـــقـــی روم کـــه رانـــنـــدم | لـــاجــــرم آب خــــفـــتــــه خـــوانـــنـــدم |
| آب گــویــنــد چـــون شــود در خـــواب | چـــشـــمــه زر بـــود نــه چـــشــمــه آب |
| غـلـطـنـد آب خــفـتــه بــاشـد ســیـم | یــخ گــواهــی دهــد بــر ایـن تــســلــیـم |
| ســـیــم را کـــی بـــود مــثـــابـــت زر | فــرق بــاشــد ز شــمــس تــا بــه قــمــر |
| ســیـم بــی یـا ز مــس نـمــونـه بــود | خـــاصـــه آنــگــه کـــه بـــاژگـــونــه بـــود |
| آهــــن مــــن کــــه زرنــــگــــار آمــــد | در ســخــن بــیــن کــه نــقــره کــار آمــد |
| مــــرد آهــــن فــــروش زر پــــوشــــد | کـــاهــنــی را بـــه نــقـــره بـــفـــروشـــد |
| وای بـــر زرگــری کــه وقــت شـــمــار | زرش از نـــقـــره کـــم بـــود بـــه عـــیـــار |
| از جـهـان این جـنـایتـم سـخـت اسـت | کـز هـنـر نـیـسـت دولـت از بــخـت اسـت |
| آن مـبــصـر کـه هـسـت نـقـدشـنـاس | نــیــم جــو نــیــســتـــش ز روی قــیــاس |
| وآنـکـه او پـنـبــه از کـتـان نـشـنـاخـت | آســمــان را ز ریــســمــان نــشــنــاخــت |
| پــر کــتــان و قــصــب شــد انــبــارش | زر بـــه صـــنــدوق و خـــز بـــه خـــروارش |
| چـون چـنین اسـت کـار گـوهر و سـیم | از فـــراغـــت چـــه بـــرد بــــایـــد بـــیـــم |
| چــنـد تــیـمـار ازیـن خــرابــه کـشـیـم | آفـــتـــابــــی در آفـــتـــابــــه کـــشـــیـــم |
| آیـــد آواز هــــر کــــس از دهـــلــــیـــز | روزی آواز مـــــــا بـــــــرآیــــــد نــــــیــــــز |
| چـون من این قـصـه چـند کس گفـتـند | هـم در آن قــصــه عــاقــبــت خــفــتــنــد |
| واجـــب آن شـــد کــه کـــار دریــابـــم | گـــر نــگـــیــرد چـــو دیــگـــران خـــوابـــم |
| راه رو را بـــســیــچ ره شــرطــســـت | تــیــز رانــدن ز بــیــمــگــه شــرطــســت |
| مـــی روم مـــن خـــرم نـــمـــی آیـــد | خــــود شــــدن بـــــاورم نــــمــــی آیــــد |
| آنــگــه از رفــتـــنــم خـــبـــر بـــاشــد | کــــاشــــیــــانــــم بــــرون در بـــــاشــــد |
| چـــنــد گــویــای بـــی خــبـــر بـــودن | دیــــده در بــــســــتــــه در بــــر آمــــودن |
| یــک ره از دیــدهــا فـــرامـــش بـــاش | مـــحـــرم راز بــــاش و خـــامـــش بـــاش |
| تــا بــدانـی کــه هـر چــه مــی دانـی | غــلــطــی یــا غــلــط هــمــی خـــوانــی |
| پـیـل بـفـکـن کـه سـیـل ره کـنـدسـت | پــیـلــکــیـهــای چــرخ بــیـن چــنــدســت |
| خــاک را پـــیــل چــرخ کــرده مــغــاک | بـــه چــنــیــن پـــیــل گــل نــدارد بـــاک؟ |
| بــنـگــر اول کــه آمــدی ز نــخــســت | زآنـچــه داری چــه داشـتــی بــه درسـت |
| آن بــــری زیـــن دو پــــیـــل نــــاوردی | کـــــاولـــــیـــــن روز بــــــا خــــــود آوردی |
| وام دریــــــــا و کــــــــوه در گــــــــردن | بـــا فـــلــک رقـــص چـــون تـــوان کـــردن |
| کــوش تـــا وام جــمــلــه بـــاز دهــی | تـــا تـــو مــانــی و یــک ســتـــور تـــهــی |
| چـــون ز بـــار جـــهـــان نـــداری جـــو | در جــهــان هــرکــجـــا کــه خــواهــی رو |
| پــیـش ازانــت فــکــنــد بــایــد رخــت | کــافــســرت را فــرو کــشــنــد از تــخــت |
| روز بــاشــد کـه صــد شــکـوفـه پــاک | از غـــبــــار حـــســـد فـــتـــد بـــر خـــاک |
| مـن کـه چـون گـل سـلـاح ریـخـتــه ام | هـــم ز خـــار حـــســـد گـــریــخـــتـــه ام |
| تــا مــگــر دلــق پـــوشــی جــســدم | طـــلـــق ریـــزد بــــر آتــــش حــــســــدم |
| ره در ایــن بـــیـــمـــگـــاه تـــا مـــردن | ایـن چــنـیـن مــی تــوان بــه ســر بــردن |
| چــون گــذشــتــم ازیـن ربــاط کــهــن | گــو فــلــک را هــرآنــچــه خــواهـی کــن |
| چــنــد بـــاشــی نــظــامــیــا دربــنــد | خـــــیــــز و آوازه ای بـــــرآر بـــــلـــــنـــــد |
| جــان درافــکــن بــه حــضــرت احــدی | تــــا بـــــیــــابــــی ســــعــــادت ابـــــدی |
| گــوش پــیـچــیـدگــان مــکــتــب کــن | چـــون در آمــوخـــتـــنــد لـــوح ســـخـــن |
| عـــلـــم را خـــازن عـــمـــل کـــردنـــد | مـــشـــکـــل کـــایــنـــات حـــل کـــردنـــد |
| هـرکــســی راه خــوابــگـاهـی رفــت | چــون کـه هـنـگـام خـوابــش آمـد خــفـت |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
منبع : درج











