آیــا تـــو کـــجـــا و مـــا کـــجـــائیــمتـــو زان کـــه ای و مـــا تــــرائیـــممــــائیــــم و نــــوای بــــی نــــوائیبــســم الــلــه اگــر حـ…
| آیــا تـــو کـــجـــا و مـــا کـــجـــائیــم | تـــو زان کـــه ای و مـــا تــــرائیـــم |
| مــــائیــــم و نــــوای بــــی نــــوائی | بــســم الــلــه اگــر حــریـف مـائی |
| افــلــاس خــران جـــان فــروشــیــم | خــز پــاره کـن و پــلـاس پــوشـیـم |
| از بــــــنـــــدگـــــی زمـــــانـــــه آزاد | غـم شـاد بـه ما و ما بـه غـم شـاد |
| تــشــنــه جــگــر و غــریــق آبـــیــم | شــب کــور و نــدیــم آفــتــابـــیــم |
| گـــمـــراه و ســـخـــن زره نــمـــائی | در ده نــــه و لــــاف دهـــخــــدائی |
| ده رانـــد و دهـــخـــدای نـــامـــیـــم | چــون مــاه بــه نـیـمــه تــمــامـیـم |
| بــی مــهــره و دیـده حــقــه بــازیـم | بــی پــا و رکــیــب رخــش تــازیــم |
| جـــز در غـــم تــــو قـــدم نـــداریـــم | غـــم دار تـــوئیــم و غــم نــداریــم |
| در عـالـم اگـرچــه سـسـت خـیـزیـم | در کـــوچـــگــه رحـــیــل تـــیــزیــم |
| گــوئی کــه بـــمــیــر در غـــمــم زار | هـســتــم ز غــم تــو انـدریـن کــار |
| آخــر بـــه زنــم بـــه وقــت حـــالــی | بـــر طــبــل رحــیــل خــود دوالــی |
| گــــرگ از دمــــه گــــر هـــراس دارد | بـــا خـــود نــمـــد و پـــلـــاس دارد |
| شب خوش مکنم که نیست دلکش | بـی تـو شـب مـا و آنـگـهی خـوش |
| نـاآمـده رفـتــن ایـن چــه ســازسـت | نـاکـشـتــه درودن ایـنـچـه رازسـت |
| بـــا جـــان مـــنـــت قـــدم نــســـازد | یـعـنـی کـه دو جـان بــهـم نـسـازد |
| تـــا جـــان نــرود ز خـــانــه بـــیــرون | نــایـی تــو از ایـن بــهـانــه بــیـرون |
| جـــانـــی بـــه هـــزار بــــار نـــامـــه | مـــعـــزول کـــنــش ز کـــار نــامــه |
| جـــانـــی بـــه از ایــن بـــیـــار در ده | پـــائی بـــه از ایــن بـــکـــار درنـــه |
| هــر جــان کــه نــه از لــب تـــو آیــد | آیــد بـــه لـــب و مـــرا نـــشـــایــد |
| وان جـان که لب تـواش خـزانه است | گـنـجــیـنـه عـمـر جــاودانـه اســت |
| بــســیـار کــســان تــرا غــلــامــنــد | امــا نـه چــو مــن مــطــیـع نـامـنـد |
| تــا هــســت ز هـســتــی تــو یـادم | آســوده و تـــن درســـت و شــادم |
| وانــگـــه کـــه ز دل نــیــارمـــت یــاد | بـاشـم بـه دلـی کـه دشـمنت بـاد |
| زین پـس تـو و من و من تو زین پـس | یـک دل بــه مـیـان مـا دو تـن بــس |
| وان دل دل تــو چــنـیـن صـوابــسـت | یـعـنـی دل مـن دلـی خــرابــسـت |
| صـبـحـی تـو و بـا تـو زیـسـت نـتـوان | الــا بــه یـکــی دل و دو صــد جــان |
| در خود کشمت که رشتـه یکتـاست | تـا این دو عـدد شـود یکـی راسـت |
| چـــون ســـکــه مــا یــگــانــه گــردد | نــقـــش دوئی از مـــیــانــه گـــردد |
| بــــادام کـــه ســــکـــه نـــغــــز دارد | یـــک تـــن بــــود و دو مـــغـــز دارد |
| مـن بــا تـوام آنـچـه مـانـده بـر جـای | کفشی اسـت بـرون فتـاده از پـای |
| آنچـه آن مـن اسـت بـا تـو نور اسـت | دورم مـن از آنـچـه از تـو دور اسـت |
| تـن کـیـسـت کـه انـدریـن مـقـامـش | بـــر ســـکـــه تـــو زنــنــد نــامــش |
| ســـر نـــزل غـــم تــــرا نـــشـــایـــد | زیـــر عــــلــــم تــــرا نــــشــــایـــد |
| جـانـیسـت جـریده در مـیان چـسـت | وان نـیز نـه بـا مـنـسـت بـا تـسـت |
| تـو سـگـدل و پـاسـبـانت سـگ روی | مــن خـــاک ره ســـگــان آن کــوی |
| ســگــبــانــی تــو هـمــی گــزیـنــم | در جــنـب ســگـان از آن نـشـیـنـم |
| یــعــنــی ددگــان مــرا بــه دنــبـــال | هـســتــنـد سـگـان تــیـز چــنـگـال |
| تـــو بـــا زر و بـــا درم هــمــه ســال | خــالـت درم و زر اســت خــلـخــال |
| تـــــا خـــــال درم وش تـــــو دیــــدم | خـــلـــخــــال تــــرا درم خــــریـــدم |
| ابــر از پــی نــوبــهــار بــگــریـســت | مـجـنـون ز پـی تـو زار بــگـریـسـت |
| چـــرخ از رخ مـــه جـــمـــال گـــیــرد | مــجــنــون بــه رخ تــو فــال گــیـرد |
| هــنــدوی ســـیــاه پـــاســـبـــانـــت | مـجـنـون بــبــر تـو هـمـچـنـانـسـت |
| بــلـبــل ز هـوای گـل بـه گـرد اسـت | مـجـنـون ز فـراق تـو بـه درد اسـت |
| خــلـق از پــی لـعـل مـی کـنـد کـان | مـجـنـون ز پـی تـو مـی کـنـد جـان |
| یـارب چــه خــوش اتــفــاق بــاشــد | گــر بــا مــنـت اشــتــیـاق بــاشــد |
| مــهـتــاب شــبــی چــو روز روشــن | تــنـهـا مـن و تــو مـیـان گــلــشــن |
| من بـا تـو نشـسـتـه گوش در گوش | بـا مـن تـو کـشـیده نـوش در نـوش |
| در بــر کـشـمـت چــو رود در چــنـگ | پـنهان کـنمـت چـو لـعـل در سـنگ |
| گــردم ز خــمـار نـرگـســت مـســت | مسـتـانه کشم بـه سنبـلت دست |
| بــرهـم شـکـنـم شـکـنـج گـیـسـوت | تــاگــوش کــشــم کــمــان ابــروت |
| بـــا نــار بـــرت نــشــســـت گــیــرم | سـیـب زنـخــت بــه دســت گـیـرم |
| گــه نــار تــرا چــو ســیــب ســایــم | گــه ســیــب تــرا چــو نــار خــایـم |
| گــه زلــف بــرافــکــنـم بــه دوشــت | گـه حـلـقـه بــرون کـنـم ز گـوشـت |
| گـاه از قـصـبــت صـحــیـفـه شــویـم | گــه بــا رطــبــت بــدیـهــه گــویــم |
| گــه گــرد گــلــت بــنـفــشــه کــارم | گــاهـی ز بــنــفــشــه گــل بــرآرم |
| گـه در بــر خــود کـنـم نـشـســتــت | کـه نـامـه غـم دهـم بــه دســتــت |
| یـار اکـنـون شـو کـه عـمـر یار اسـت | کار است به وقت و وقت کار است |
| چــشــمــه مــنــمــا چــو آفــتــابـــم | مــفــریــب ز دور چـــون ســـرابـــم |
| از تــشــنـگــی جــمـالــت ای جــان | جـوجـو شده ام چو خالت ای جـان |
| یـک جــو نــدهـی دلــم در ایـن کــار | خــونــاب دلــم دهــی بـــه خــروار |
| غــم خــوردن بــی تــو مــی تــوانـم | مــی خــوردن بـــا تـــو نــیــز دانــم |
| در بـزم تـو می خـجـسـتـه فـالسـت | یعـنی بـه بـهشـت می حـلالسـت |
| ایــن گــفــت و گــرفــت راه صــحــرا | خـــون در دل و در دمـــاغ صـــفـــرا |
| وان ســـرو رونــده زان چـــمــنــگــاه | شـد روی گـرفـتــه سـوی خــرگـاه |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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