گـیتـی کـه نـشـیمـن زوال اسـتآسـوده دلـی در او مـحـال اسـتمـاتـمـکـده ایـسـت تـیـره و تـنـگدر وی ز وفــا نـه بــوی نـی رنـگهــر گـــل کـــه بـــرآیــد…
| گـیتـی کـه نـشـیمـن زوال اسـت | آسـوده دلـی در او مـحـال اسـت |
| مـاتـمـکـده ایـسـت تـیـره و تـنـگ | در وی ز وفــا نـه بــوی نـی رنـگ |
| هــر گـــل کـــه بـــرآیــد از گــل او | چـــاک اســت ز خــار غــم دل او |
| هـر لـالـه کــه بــردمـد ز بــاغــش | بـاشـد ز فـنـا بـه سـینـه داغـش |
| سـروش کـه کـله بـه چـرخ سـاید | از بــــــاد اجـــــل ز پـــــا درآیـــــد |
| گردون که حـواله گاه عـامه سـت | در ماتـم خـود کـبـود جـامه سـت |
| خورشید کش از فلک حصاریست | از بـیـم و زوال رعـشـه داریـسـت |
| انـجــم کـه بــریـن بــلـنـد طـاقـنـد | درمــانــده بــه داغ احــتــراقــنــد |
| ارکـان کـه درین سـرای پـسـتـنـد | از هم شـب و روز درشـکـسـتـند |
| گــه بـــاد کــشـــد چـــراغ آتـــش | گـه گــردد ازو ســمـوم نـاخــوش |
| گــه خــاک شــود بــر آب چــیــره | سـازد گـهـرش چـو خـویش تـیره |
| گـاهـی شـود آب سـیل بـی بـاک | صـد چـانـه زنـد بـه سـینـه خـاک |
| روزی دو ســه گـر شــونـد نـاکـام | در طــیـنـت تــو بــه یـکــدگـر رام |
| آن رام شـدن نـه جــاودانـیـســت | دامـی پــی مـرغ زنـدگـانـیـسـت |
| ایــن دام درد بــه یــکــدم از هــم | ویــن مــرغ کـــنــد ز دامــگــه رم |
| زیـرک مـرغـی کـه پـر نـیـنـداخـت | در حـلقـه دام کـار خـود سـاخـت |
| بــگـشــاد ز خــود رهـی نـهـانـی | تـــا نـــزهـــتـــگـــاه جـــاودانـــی |
| چــون دام ز پــیـش بــرگـرفــتــنـد | وارکـان ره خــویـش بــرگـرفـتــنـد |
| او نـیـز بـه جـای خـویشـتـن رفـت | زین تنگ قفس سوی چمن رفت |
| بــیـرون ز مــضــیـق بــیـم و امـیـد | بــرداشـت نـوای عـیـش جــاویـد |
| نـادان مـرغـی کـه دام نشـناخـت | بــر روضـه جـان نـظـر نـیـنـداخـت |
| بــر دولــت خــود بــبــســت ره را | مـعــشــوقــه گــرفــت دامـگـه را |
| از گــیــســوی دام و خـــال دانــه | شـد بــنـد بــه عـشـق جـاودانـه |
| معـشـوقـه چـو روی ازو بـپـوشـید | در قــطـــع ره فــراق کــوشـــیــد |
| افـتــاد جــدا ز وصــل مـعــشــوق | بــگــذشــت فــغــان او ز عــیـوق |
| لــیـکــن چــو فــراق دیـدنـی بــود | فـریـاد و فـغـان کـجــا کـنـد سـود |
| مـعـشـوقـه گـرفـتـه در بـغـل نـی | جـز حـسرت و درد ازو بـه دل نی |
| بـخـتـش چـو بـدیـن وبــال بـاشـد | آســودگــیــش مــحــال بـــاشــد |
| جـامـی بـه کـسـی مـگـیر پـیونـد | کــاخــر دل ازو بــبـــایــدت کــنــد |
| از خـلق جـهان جـلیس خـود شـو | زین وحـشـتـیان انیس خـود شـو |
| بــیـگـانـه شـو از بــرون ســرایـی | بــا جــوهـر خــود کـن آشــنـایـی |
| کـــرده ز بـــرونــیــان فـــرامـــوش | بـا جـوهر خویش شو هم آغوش |
| مـعـشـوق ازل کـه در بـر تـوسـت | آیـیـنـه طـلـب ز جــوهـر تــوسـت |
| در هر چه زنی بـه غیر خود چـنگ | بـــر آیــنــه تـــو گـــردد آن زنـــگ |
| تــا آیـنــه تــو غــرق زنــگ اســت | نزهتـگه وصـل بـر تـو تـنگ اسـت |
| زآیــیــنــه خــویــش زنــگ بــزدای | راهی بـه حـریم وصـل بـگـشـای |
| چـــون آیــنــه تـــو ســـاده گــردد | آن ره بـــر تـــو گــشـــاده گـــردد |
| چـــنـــدان تـــابـــد لـــوامـــع نــور | ک آیینـه شـود هـم از مـیـان دور |
| مـغـزت یـابــد رهـایـی از پــوسـت | از پـوست جدا تو مانی و دوست |
| نـی نـی کـه تـو نـیز هم نـمـانـی | بــا او بــاشــی ز خــود نــهـانــی |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
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