مــرد بـــایــد کــه جـــگــر ســوخـــتـــه چـــنــدان بـــودانــه هــمــانــا کــه چــنــیـن مــرد فــراوان بــودا***کــــار چــــون بـــــســــتــــ…
| مــرد بـــایــد کــه جـــگــر ســوخـــتـــه چـــنــدان بـــودا | نــه هــمــانــا کــه چــنــیـن مــرد فــراوان بــودا |
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| کــــار چــــون بـــــســــتــــه شــــود بــــگــــشــــایــــدا | وز پــــــس هـــــر غـــــم طــــــرب افـــــزایـــــدا |
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| خــــــــداونـــــــدا بــــــــگـــــــردانـــــــی بــــــــلـــــــا را | ز آفـــــتـــــهـــــا نـــــگـــــه داری تــــــو مـــــا را |
| بـــــه حـــــق هــــر دو گـــــیــــســـــوی مــــحـــــمــــد | زبــــــون گـــــردان زبــــــردســـــتـــــان مـــــا را |
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| نـــســــیـــمــــا جــــانــــب بــــســــتــــان گــــذر کــــن | بــــگــــو آن نـــازنـــیـــن شــــمـــشــــاد مـــا را |
| بــــــه تــــــشـــــریـــــف قـــــدوم خــــــود زمـــــانـــــی | مـــــشـــــرف کـــــن خــــــراب آبــــــاد مـــــا را |
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| چــــــــون مــــــــرا دیـــــــدی تــــــــو او را دیـــــــده ای | چـــــون ورا دیــــدی تـــــو دیــــدی مـــــر مــــرا |
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| گـــر مــن ایــن دوســـتـــی تـــو بـــبـــرم تـــا لــب گــور | بــزنــم نــعــره ولــیــکــن ز تــو بــیــنــم هــنــرا |
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| گـــرفـــت خـــواهـــم زلـــفـــیـــن عـــنـــبــــریـــن تــــرا | بــه بــوسـه نـقـش کـنـم بــرگ یـاسـمـیـن تــرا |
| هــر آن زمــیــن کــه تـــو یــک ره بـــرو قــدم بـــنــهــی | هــزار ســـجـــده بـــرم خـــاک آن زمــیــن تـــرا |
| هـــزار بــــوســـه دهـــم بــــر ســـخـــای نـــامـــه تــــو | اگـــر بـــبـــیــنــم بـــر مـــهــر او نــگـــیــن تـــرا |
| بـــه تــیــغ هــنــدی گــو دســت مــن جــدا بـــکــنــنــد | اگـــر بـــگـــیـــرم روزی مـــن آســـتـــیـــن تـــرا |
| اگــر چــه خــامــش مــردم کــه شــعــر بـــایــد گــفــت | زبــــان مـــن بــــه روی گــــردد آفــــریـــن تــــرا |
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| در شـــب تـــاریــک بـــرداری نــقـــاب از روی خـــویــش | مـــرد نـــابـــیــنــا بـــبـــیــنــد بـــازیــابـــد راه را |
| طــاقــت پـــنــجـــاه روزم نــیــســـت تـــا بـــیــنــم تـــرا | دلــبــرا شــاهــا ازیـن پــنــجــه بــیـفــگــن آه را |
| پــنــج و پــنــجــاهـم نــبــایـد هـم کــنـون خــواهـم تــرا | اعـجــمـی ام مـی نـدانـم مـن بــن و بــنـگـاه را |
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| هر کـسـی مـحـراب کـردسـت آفـتـاب و سـنـگ و چـوب | مـن کــنـون مـحــراب کــردم آن نـگـاریـن روی را |
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| بــا عــاشــقــان نـشــیـن و هـمــه عــاشــقــی گــزیـن | بــا هـر کـه نـیـسـت عـاشـق کـم کـن قـریـنـیـا |
| بــــاشـــد گـــه وصـــال بــــبــــیـــنـــنـــد روی دوســـت | تـــو نــیــز در مـــیــانــه ایــشـــان بـــبـــیــنــیــا |
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| آتــــش نـــمـــرود هـــرگـــز پــــور آذر را نـــســــوخــــت | پـور آذر پیش ازین آتش چو خاکستر شده است |
| تــا بــدیـن آتــش نـســوزی تــو یـقـیـن صــافــی نـه ای | خـواه گو دیوانه خوانی خواه گویی بـیهده است |
| *** | |
| ای دریـغـا جــان قـدســی کـز هـمـه پــوشــیـده اســت | بس که دیدست روی او یا نام او بشنیده است |
| هــر کــه بــیـنــد در زمــان آن حــســن او کــافــر شــود | ای دریغـا کین شـریعـت کـفـر ما بـبـریده اسـت |
| کـون و کـان بــر هـم زن و از خـود بـرون شـو یـک رهـی | کین چنین جان را خدا از دو جهان بـگزیده است |
| *** | |
| امـــروز بــــهـــر حــــالـــی بــــغــــداد بــــخــــاراســــت | کـجــا مـیـر خـراسـانـسـت پــیـروزی آنـجـاسـت |
| ســـاقـــی تـــو بـــده بــــاده و مـــطـــرب تـــو بـــزن رود | تــا مـی خــورم امـروز کـه وقـت طـرب مـاســت |
| مـی هـسـت و درم هـسـت و بـت لـالـه رخـان هـسـت | غـم نیسـت و گر هسـت نصـیب دل اعـداسـت |
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| هــر آن دلــی کــه تـــرا، ســیــدی بـــدان نــظــرســـت | خـطـر گـرفـت اگـرچـه حـقـیر و بـی خـطـرسـت |
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| اگـــرچــــه خــــرد یـــکـــی شــــاخــــک گـــیـــاه بــــود | کــه تــو بــدو نـگـری زاد ســر و غــاتــفــرســت |
| هــر آن دلــی کــه نــهــفــتــســت زیـر هــفــت زمــیـن | کـه تـو بــدو نـگـری هـمـتـش ز عـرش بــرسـت |
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| صــاحـــب خـــبـــران دارم آنــجـــا کــه تـــو هــســتـــی | یـک دم زدن از حـال تـو غـافـل نـیم ای دوسـت |
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| ای تــــرک جــــان نـــکـــرده و جــــانـــانـــت آرزوســــت | زنــــار نـــابــــریـــده و ایـــمــــانـــت آرزوســــت |
| در هـــیـــچ وقــــت خــــدمــــت مــــردی نــــکــــرده ای | و آنگـه نـشـسـتـه صـحـبـت مـردانـت آرزوسـت |
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| رنــــج مــــردم ز پــــیـــشــــی و بــــیـــشــــیـــســــت | راحــــت و ایـــمــــنـــی ز درویـــشــــیـــســــت |
| بـــــر گــــزیــــن زیــــن جـــــهــــان یــــکــــی و بـــــس | گــرت بـــا دانــش و خـــرد خـــویــشـــیــســـت |
| *** | |
| از دوســــت پــــیـــام آمـــد کــــاراســــتــــه کـــن کـــار | مـــهـــر دل پـــیــش آر و فـــضـــول از ره بـــردار |
| ایــــــــــنــــــــــســـــــــــت شــــــــــریــــــــــعــــــــــت | ایــــــــنــــــــســـــــــت طـــــــــریــــــــقــــــــت |
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| ای روی تـــــــو چــــــو روز دلــــــیــــــل مــــــوحــــــدان | وی مـوی تــو چـنـان چـو شـب مـلـحـد از لـحـد |
| ای مــن مــقــدم از هــمــه عـــشـــاق چـــون تـــویــی | مــر حـــســـن را مــقــدم چـــون از کــلــام قــد |
| مـکــی بــه کــعــبــه فــخــر کــنـد مــصــریـان بــه نـیـل | تــرسـا بــه اسـقـف و عـلـوی بــه افـتــخـار جـد |
| فــخــر رهــی بــدان دو ســیـه چــشــمــکــان تــســت | کـــامـــد پـــدیـــد زیــر نـــقـــاب از بـــر دو خـــد |
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| از دوســــت بــــه هــــر چــــیـــز چــــرا بــــایــــدت آزرد | کـین عـیش چـنین بـاشـد گـه شـادی و گه درد |
| گــر خـــوار کـــنــد مــهــتـــر خـــواری نــکـــنــد عـــیــب | چـــون بـــاز نــوازد شــود آن داغ جـــفــا ســـرد |
| صـــد نــیــک بـــه یــک بـــد نــتـــوان کـــرد فـــرامـــوش | گــر خــار بــر انـدیـشــی خــرمـا نـتــوان خــورد |
| او خـــشــم هــمــی گــیــرد تـــو عــذر هــمــی خـــواه | هــر روز بــه نــو یـار دگــر مــی نــتــوان نــکــرد |
| *** | |
| آری چـــنــیــن کـــنــنــد کـــریــمـــان کـــه شـــاه کـــرد | ســوی رهـی بــچــشــم بــزرگــی نـگــاه کــرد |
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| هـــــر آن شـــــمـــــعـــــی کـــــه ایـــــزد بـــــرفـــــروزد | کــســی کــش پــف کــنـد ســبــلـت بــســوزد |
| *** | |
| بـــرون ز گــوشــه بــهــشــت بـــریــن ســقــر بـــاشــد | فـزون ز تــوشـه شـکـر مـعـده بــار خــر بــاشـد |
| هــــر آنــــکــــه تــــوشــــه روزی و گــــوشــــه ای دارد | بــه راسـتــی مـلـک مـلـک بــحــر و بــر بــاشـد |
| زیــــادت از ســــرت ار یــــک کــــلــــه بــــدســــت آری | بــه خــاکـپــای قـنـاعــت کـه درد ســر بــاشــد |
| *** | |
| عـــاشــــقـــی خــــواهـــی کـــه تــــا پــــایـــان بــــری | بــس کــه بـــپــســنــدیــد بـــایــد نــاپــســنــد |
| زشـــــت بــــــایـــــد دیـــــد و انـــــگـــــاریـــــد خـــــوب | زهـــر بــــایـــد خــــورد و انـــگــــاریـــد قــــنــــد |
| تــــوســــنــــی کــــردم نــــدانــــســــتــــم هــــمــــی | کــز کــشــیــدن ســخـــت تـــر گــردد کــمــنــد |
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| بـــا خـــلــق هــر کـــرم کــه کـــنــد هــم خـــدا کـــنــد | بــاشــد کــه نـاگـهـی نـگـهـی هـم بــمـا کــنـد |
| *** | |
| مـــرا تـــو راحـــت جـــانـــی مـــعـــایــنـــه نـــه خـــبـــر | کــرا مــعــایـنــه آمــد خــبــر چــه ســود کــنــد |
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| هــیــچ صــورتـــگــر بـــصــد ســـال از بـــدایــع وزنــگــار | آن نـدانـد کــرد و نـتــوانـد کــه یـک بــاران کــنـد |
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| او دریــــن فـــــکـــــر تـــــا بـــــه مـــــا چـــــه کـــــنــــد | مـــا دریـــن فــــکــــر تــــا خــــدا چــــه کـــنـــد |
| مــــــا دل آســــــوده تـــــــا خــــــدا چــــــه کــــــنــــــد | خــواجـــه در حــیــلــه تـــا بـــه مــا چــه کــنــد |
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| بـــزیــر قـــبـــه تـــقـــدیــس مــســـت مــســـتـــانــنــد | کـه هـر چـه هـسـت هـمـه صـورت خـدا دانـنـد |
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| کــــار هـــمــــه راســــت چــــنــــانــــکــــه بــــبــــایـــد | حـــال شــادیــســـت شــاد بـــاشــی شــایــد |
| انــــــــده و انــــــــدیـــــــشــــــــه را دراز چــــــــه داری | دولــت تــو خــود هــمــان کــنــد کــه بـــبـــایــد |
| رای وزیــــــران تـــــــرا بـــــــه کـــــــار نـــــــیــــــایــــــد | هـر چــه صــوابــســت بــخــت خــود فــرمــایـد |
| چـــــرخ نـــــیـــــارد بـــــدیـــــل تـــــو ز خـــــلـــــایـــــق | وانـــکـــه تــــرا زاد نـــیـــز چـــون تــــو نـــزایـــد |
| ایـــــزد هـــــرگــــــز دری نــــــبــــــنــــــدد بــــــر تــــــو | تـــا صــد دیــگــر بـــه بـــهــتـــری نــگــشــایــد |
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| خــوش آیــد او را چـــون مــن بـــنــاخــوشــی بـــاشــم | مـرا کـه خــوشــی او بــود نـاخــوشـی شــایـد |
| مـــرا چـــو گـــریـــان بـــیـــنـــد بــــخـــنـــدد از شـــادی | مـرا چــو کـاســتــه بــیـنـد کـرشــمـه بــفــزایـد |
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| هــــر بــــاد کــــه از ســــوی بــــخــــارا بــــمــــن آیــــد | بــا بــوی گـل و مـشـک و نـسـیـم ســمـن آیـد |
| بــــر هــــر زن و هــــر مــــرد کــــجــــا بــــروزد آن بــــاد | گــویــی مــگــر آن بــاد هــمــی از خــتــن آیــد |
| نــی نــی ز خــتـــن بـــاد چــنــان خــوش نــوزد هــیــچ | کــان بــاد هــمــی از بــر مــعــشــوق مــن آیـد |
| هــر شـــب نــگـــرانــم بـــه یــمـــن تـــا تـــو بـــر آیــی | زیـرا کــه ســهــیـلــی و ســهـیـل از یـمــن آیـد |
| کــوشــم کــه بـــپــوشــم صــنــمــا نــام تــو از خــلــق | تـــا نـــام تـــو کـــم در دهـــن انـــجـــمـــن آیــد |
| بــا هــر کــه ســخــن گــویـم اگــر خــواهـم و گــر نــی | اول ســـخــــنـــم نـــام تــــو انـــدر دهـــن آیـــد |
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| بـــده تـــو بـــار خـــدایــا دریــن خـــجـــســتـــه ســفــر | هــزار نــصــرة و شــادی هــزار فــتــح و ظــفــر |
| بـــه حـــق چـــار مــحـــمــد بـــه حـــق چـــار عـــلـــی | بـدو حـسـن بـه حـسـین و بـه موسی و جـعفر |
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| چـــیــســـت ازیــن خـــوبـــتـــر در هــمـــه آفـــاق کـــار | دوسـت بـه نـزدیـک دوسـت یـار بـه نـزدیـک یـار |
| دوســـت بـــر دوســـت رفـــت یـــار بـــه نـــزدیــک یـــار | خـوشـتـر ازین در جـهان هیچ نـبـوده اسـت کـار |
| *** | |
| خــــوبــــتــــر انـــدر جــــهـــان ازیـــن چــــه بــــود کـــار | دوســـت بــــر دوســـت رفـــت و یـــار بـــر یـــار |
| آن هــــمــــه انــــدوه بــــود و ایـــن هـــمــــه شــــادی | آن هــمــه گــفــتــار بــود و ایــن هــمــه کــردار |
| *** | |
| دوســـــت بــــــر دوســـــت رفـــــت یـــــار بــــــر یـــــار | خــوشــتــر ازیـن هـیـچ در جــهــان نــبــود کــار |
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| حــــق تــــعـــالـــی کـــه مـــالـــک الـــمـــلـــکـــســـت | لـــیـــس فـــی الـــمـــلـــک غـــیـــره مـــالـــک |
| بــــــــرســــــــانـــــــد بــــــــیـــــــک دگــــــــر مـــــــا را | انـــــــــه قـــــــــادر عـــــــــلـــــــــی ذلـــــــــک |
| *** | |
| مـــعـــدن شـــادیــســـت ایــن مــعـــدن جـــود و کـــرم | قــبــلــه مــا روی یـار قــبــلــه هـر کــس حــرم |
| *** | |
| دریـــــغـــــم آیـــــد خـــــوانـــــدن گـــــزاف وار دو نـــــام | بـــزرگـــوار دو نـــام از گـــزاف خـــوانـــدن عـــام |
| یــکــی کــه خـــوبـــان را یــکــســـره نــکــو خـــوانــنــد | دگـر کــه عــاشــق گـویـنـد عــاشــقــان را نـام |
| دریـــغـــم آیـــد چــــون مـــر تــــرا نـــکـــو خــــوانـــنـــد | دریـغــم آیــد چــون بــر رهــیــت عــاشــق نــام |
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| نـظــری فــگــن بــه حــالــم کــه ز دســت رفــت کــارم | بـه کـسـم مکـن حـواله که بـجـز تـو کـس ندارم |
| تــو چــو صــاحــب عــطــایـی طــلــب مــنــســت از تــو | چو تو غالبی بـهر کس به تو خویش می سپارم |
| *** | |
| بـــــوالــــعــــجـــــب یــــاری ای یــــار خــــراســــانــــی | بـــنــده بـــوالــعــجـــبـــی هــای خـــراســانــم |
| *** | |
| هــمــه جـــمــال تـــو بـــیــنــم چـــو دیــده بـــاز کــنــم | هــمــه تــنــم دل گــردد کــه بـــا تــو راز کــنــم |
| حــــرام دارم بــــا دیــــگــــران ســــخــــن گــــفــــتــــن | کــجـــا حــدیــث تـــو آمــد ســخــن دراز کــنــم |
| *** | |
| مــدتــی هـســت کــه مــا از خــم وحــدت مــســتــیـم | شـیـشـه کـثـرت این طـایـفـه را بـشـکـسـتـیـم |
| ایـنــکــه گــویـنــد فــنــا هــســت غــلــط مــیــگــویـنــد | تـا خـدا هسـت درین مـعـرکـه مـا هم هسـتـیم |
| *** | |
| بــس کـه جـسـتـم تـا بــیـابــم مـن از آن دلـبــر نـشـان | تـا گـمـان اندر یقـین گـم شـد یقـین اندر گـمـان |
| تــا کـه مـی جــســتــم نـدیـدم تــا بــدیـدم گـم شــدم | گـم شـده گـم کـرده را هرگـز کـجـا یابـد نشـان |
| در خـــیــال مـــن نــیــامـــد در یــقـــیــنــم هــم نــبـــود | بــی نـشــانـی کـه صـواب آیـد ازو دادن نـشـان |
| چــنــد گــاهــی عــاشــقــی بــرزیــدم و پــنــداشــتــم | خـویشـتـن شـهره بـکرده کو چـنین و من چـنان |
| در حــقــیـقــت چــون بــدیـدم زو خــیـالــی هـم نــبــود | عاشق و معشوق من بـودم بـبـین این داستـان |
| *** | |
| تــــعــــویـــذ گـــشــــت خــــوی بــــدان روی خــــوب را | ورنـه بــه چــشــم بــد بــخــورنـدیـش مـردمـان |
| *** | |
| تــو چــنــانـی کــه تــرا بــخــت چــنــانـســت و چــنــان | مـن چـنینم کـه مـرا بـخـت چـنینـسـت و چـنین |
| *** | |
| بــا عــاشــقــان نـشــیـن و هـمــه عــاشــقــی گــزیـن | بـا هر که نیسـت عاشـق کم گوی و کم نشین |
| بـــاشـــد کــه در وصـــال تـــو بـــیــنــنــد روی دوســـت | تــو نــیــز در مــیــانــه ایـشــان نــه ای بــبــیـن |
| *** | |
| تـــــــــــــــــــــــرا روی زرد و مـــــــــــــــــــــــرا روی زرد | تــــو از مـــهـــر و مـــاه و مـــن از مـــهـــر مـــاه |
| *** | |
| بـــــر فـــــلـــــک بـــــر دو مــــرد پـــــیــــشـــــه ورنــــد | آن یــــــکــــــی درزی آن دگــــــر جـــــــولــــــاه |
| ایـــــن نـــــدوزد مــــــگــــــر قــــــبــــــای مــــــلــــــوک | و آن نـــبــــافــــد مـــگـــر گـــلـــیـــم ســــیـــاه |
| *** | |
| مـــــا و هــــمـــــیــــن دوغ وا و تـــــرب و تـــــریــــنـــــه | پــــخــــتــــه امــــروز یـــا ز بــــاقــــی دیـــنــــه |
| عـــــــز ولـــــــایــــــت بـــــــه ذل عـــــــزل نــــــیــــــرزد | گـــرچـــه تـــرا نـــور حـــاج تـــا بـــه مـــدیــنـــه |
| *** | |
| حــال عــالــم ســر بـــســر پــرســیــدم از فــرزانــه ای | گفـت: یا خـاکیسـت یا بـادیسـت یا افسـانه ای |
| گـفــتــمـش، آن کـس کـه او انـدر طــلـب پــویـان بــود؟ | گـفـت: یـا کـوریسـت یـا کـریسـت یا دیوانـه ای |
| گـفـتـمش: احـوال عـمر مـا چـه بـاشـد عـمر چـیسـت؟ | گفت: یا بـرقیسـت یا شـمعیسـت یا پـروانه ای |
| بـــر مــثـــال قــطـــره بـــرفـــســـت در فــصـــل تـــمــوز | هـیچ عـاقـل در چـنـین جـاگـاه سـازد خـانـه ای |
| یــا مــثـــال ســیــل خـــانــســت آب در فــصــل بـــهــار | هـیـچ زیرک در چـنـین مـنـزل فـشـانـد دانـه ای |
| فــیـلــســوفــی گــفــت: انــدر جــانــب هـنــدوســتــان | حـکـمـتـی دیـدم نـوشـتـه بـر در بـت خـانـه ای |
| گفتم: آن حکمت چه حکمت بود؟ گفت: این حکمتست | آدمی را سـنگ و شیشه چـرخ چـون دیوانه ای |
| نــعــمــت دنــیــا و دنــیــا نــزد حــق بــیــگــانــه اســت | هـیـچ عـاقـل مـهـر ورزد بـا چـنـین بـیگـانـه ای؟ |
| *** | |
| ای بـــــــار خــــــدا بـــــــه حــــــق هــــــســــــتـــــــی | شــــش چــــیـــز مــــرا مــــدد فــــرســــتــــی |
| ایـــــــمـــــــان و امـــــــان و تــــــــن درســــــــتــــــــی | فــــــتــــــح و فــــــرج و فـــــراخ دســــــتــــــی |
| *** | |
| ای ســــاقــــی پــــیـــش آر ز ســــرمــــایـــه شــــادی | زان مـی کـه هـمـی تــابــد چـون تــاج قـبــادی |
| زان بـــاده کــه بـــا بـــوی گــل و گــونــه لــعـــلــســـت | قــفـــل در کــرمــســـت و کــلــیــد در شـــادی |
| *** | |
| ایـا بــر جــان مــا مــاهــر چــو بــر شــطــرنــج اهــوازی | چـو ما را شـاه مات آید تـرا سـپـری شـود بـازی |
| *** | |
| تـــــــنــــــگ دلــــــی نــــــی و دل تــــــنــــــگ نــــــی | تـــــنــــگـــــدلـــــان را بـــــر مــــا رنــــگ نــــی |
| *** | |
| صــاحـــب خـــبـــران دارم آنــجـــا کــه تـــو هــســتـــی | یـا جـمـلـه مـرا هـسـتـی یا عـهـد شـکـسـتـی |
| *** | |
| یــک دم زدن از حـــال تـــو غـــافــل نــیــم ای دوســـت | صـاحـب خـبــران دارم آنـجــا کـه تــو هـسـتــی |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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