بــــبــــیـــنــــی کــــه روزی هــــم آزار اوکـــــســــــادی در آرد بــــــه بــــــازار اونــــوازشــــگــــری هــــای بــــد رام تــــوبـــرآرد ب…
| بــــبــــیـــنــــی کــــه روزی هــــم آزار او | کـــــســــــادی در آرد بــــــه بــــــازار او |
| نــــوازشــــگــــری هــــای بــــد رام تــــو | بـــرآرد بـــه هــفــتـــم فــلــک نــام تـــو |
| ز حـق دشـمـنـی چــنـد بــاطـل سـتــیـز | مـکـن چــون کـنـد بــاطـل از حـق گـریـز |
| کـــمــربـــنــد بـــیــداری بـــخـــت گـــیــر | کــلــه داریــی کــن ســر تــخــت گــیــر |
| نــبــایــد کــه بــنــدد تــو را ایــن خــیــال | که دولت به ملک است و نصرت به مال |
| ســری کــردن مــردم از مــردمــیــســت | وگـــرنــه هــمـــه آدمــی آدمــیــســـت |
| هــمـــه مـــردمــی ســـرفـــرازی کـــنــد | ســر آن شــد کــه مــردم نـوازی کــنــد |
| دد و دام را شـــیـــر از آنـــســــت شـــاه | کــه مــهـمــان نـوازســت در صــیـدگــاه |
| جهان خوش بدان نیست کآری به دست | بـه زنجـیر و قـفـلـش کـنی پـای بـسـت |
| ز عـیـش خــوش آنـگـه نـشـانـش دهـی | کــز ایـنـش ســتــانـی بــه آنـش دهـی |
| جــوانــمــرد پــیــوســتــه بــا کــس بــود | کــس آن را نـبــاشــد کـه نـاکــس بــود |
| بــدان کـس کـه او را خـمـیـریـسـت خـام | هـمـه کـس دهـد نـان پــخــتــه بــه وام |
| مـــروت تـــو داری و مــردی تـــو راســـت | بــدانــدیــش را گــنــج بـــا اژدهــاســت |
| گـر او تــنـدر آمـد تــو هـسـتــی درخــش | گـر او گـنجـدان شـد تـوئی گنج بـخـش |
| پـــدر گـــرچـــه بـــا قـــوت شـــیـــر بـــود | بـه کـین خـواسـتـن نرم شـمـشـیر بـود |
| تــو آن شــیـرگـیـری کـه در وقـت جــنـگ | ز شـمشیر تـو خـون شـود خـاره سـنگ |
| چــگــوئی ســیـاهـان زنـگـی ســرشــت | کــه بــودنـد چــون دیـو دژخــیـم زشــت |
| چـو بــا تـیـغ تــو سـرکـشـی سـاخـتــنـد | بــه جـز سـر چـه در پــایـت انـداخـتــنـد |
| چـو زان سـیلـهـا بـر نـگـشـتـی چـو کـوه | از ایـن قــطــره هـا هـم نـداری شــکـوه |
| نــهــنــگــی کــه او پــیــل را پــی کــنــد | از آهــو بـــره عـــاجـــزی کـــی کـــنـــد |
| هــژبـــر ژیــان کــی شـــود صـــیــد گــور | ســـیــه مـــارکـــی روی تـــابـــد ز مــور |
| عــقــابــی کــه نـخــجــیـر ســازی کــنـد | بـــه فــروجــکــان دســت بـــازی کــنــد |
| دگــر کــاخــتـــران نــیــک خــواه تـــوانــد | هــمــان خـــاکــیــان خــاک راه تـــوانــد |
| نــمــودار گــیــتــی گــشــائی تــراســت | خــلـل خــصــم را مـومـیـائی تــراســت |
| بــه چــنــدیـن نـشــانـهـای فــیـروزمــنـد | بـــدانــدیــش را چــون نــبـــایــد گــزنــد |
| بــه فــالـی کـز اخــتــر تــوان بــرشــمـرد | تــــوداری دریـــن داوری دســــتــــبــــرد |
| هــمـــان در حـــروف خـــط هــنــدســـی | تــو غـالـب تــری گـر سـخــن بــررسـی |
| پــلـنـگــر کــه لــشــکــرکــش زنـگ بــود | بــه وقــتــی کــه بــا قــوت چــنـگ بــود |
| بـه مـغـلـوبـم و غـالـب چـو بـشـتـافـتـیـم | در آن فــتـــح غــالــب تــو را یــافــتــیــم |
| چــو پــیـروز بــود آن نـمــونــش بــه فــال | در ایــن هــم تــوان بـــود پـــیــروز حــال |
| شــه از نــصــرت رهــنــمــایـان خــویـش | حــســاب جــهــانــگــیــری آورد پــیــش |
| بـه هر جـا که شـمشـیر و سـاغـر گرفت | بــه نـیـک اخــتــری فـال اخــتــر گـرفـت |
| بــه فــرخــنـدگــی فــال زن مـاه و ســال | کــه فـــرخ بـــود فـــال فـــرخ بـــه فـــال |
| مــــزن فــــال بـــــد کــــاورد حــــال بــــد | مــبـــادا کـــســـی کــو زنــد فـــال بـــد |
| بــیـا سـاقـی آن مـی کـه فـرخ پــیـسـت | بــه مـن ده کـه داروی مـردم مـیـســت |
| مـیی کـوسـت حـلـوای هـر غـم کـشـی | نــدیــده بـــه جـــز آفـــتـــاب آتـــشـــی |
| *** | |
| جــهــان بــیـنــم از مــیــل جــویـنــده پــر | یــکــی ســوی دریــا یــکــی ســوی در |
| نــه بــیــنــم کــســی را در ایــن روزگــار | کــه مــیــلــش بـــود ســـوی آمــوزگــار |
| چــو مــن بـــلــبـــلــی را بـــود نــاگــزیــر | کـز این گـوش گـیران شـوم گـوشـه گیر |
| بــه مــشــغــولــی نـغــمــه ایـن ســرود | شـــوم فـــارغ از شــــغـــل دریـــا و رود |
| چـو بــیـرون جــهـم گـه گـه از کـنـج بــاغ | تـرنـجـی بــه دسـتـم چـو روشـن چـراغ |
| نـبــیـنـم کــس از هـوشــیـاران مــســت | کـه دادن تـوان آن تـرنـجـش بــه دسـت |
| دگـــر بـــاره از دســـت ایــن دوســـتـــان | گـــریـــز آورم ســـوی آن بــــوســـتـــان |
| تــمــاشــای ایــن بـــاغ دلــکــش کــنــم | بــدو خــاطــر خــویـش را خــوش کــنـم |
| *** | |
| گــــزارشــــگــــر کــــارگــــاه ســــخــــن | چـــنــیــن گــویــد از مــوبـــدان کـــهــن |
| کـه چــون شـاه روم از شـبــیـخـون زنـگ | بـــرآســود و آمــد مــرادش بــه چــنــگ |
| پــــذیـــره شـــد آســـایـــش و خـــواب را | روان کــــرد بــــر کــــف مــــی نــــاب را |
| بـه نـوروز بــنـشـسـت و مـی نـوش کـرد | ســـرود ســـرایــنــدگـــان گــوش کـــرد |
| نــبـــودی ز شـــه دور تـــا وقــت خـــواب | مــغـــنــی و ســـاقــی و رود و شـــراب |
| حـسـابــی بــه جــز کـامـرانـی نـداشـت | از آن بــه کـســی زنـدگـانـی نـداشــت |
| نــشــســتــه جــهـانــدار گــیـتــی فــروز | بـــه فـــیــروزی آورده شـــب را بـــه روز |
| بــه پــیــرامــنــش فــیـلــســوفــان دهــر | جــهــان را بـــه داد و دهــش داد بــهــر |
| ارسـطـو بــه سـاغـر فـلـاطـون بــه جــام | مــی خـــام ریــزنــده بـــر خـــون خـــام |
| مــغــنــی ســـرایــنــده بـــر بـــانــگ رود | بـــه نــوروزی شـــه نــو آیــیــن ســـرود |
| کــه دولـت پــنـاهـا جــوان بــخــت بــاش | هـمـه سـالـه بــا افـسـر و تـخـت بــاش |
| گـــرو کـــن بــــه عـــمـــر ابــــد جـــام را | گــــرو گــــیــــر کــــن بـــــاده خـــــام را |
| بــــســــاط مــــی ارغــــوانـــی بــــنــــه | طــــرب ســــاز و داد جــــوانــــی بــــده |
| چــو داری جــوانــی و اقــبـــال هــســت | بـه رود و بـه مـی شـاد بـاید نـشـسـت |
| چــو تــرتــیـب شــمـشـیـر کـردی تــمـام | بــر آرای مـجــلــس بــه تــرتــیـب جــام |
| جــهــان گــیــر در ســایـه تــاج و تــخــت | نـگـیـرد جـهـان بــا تــو ایـن کـار سـخـت |
| ســیـاهـی گـرفــتــی ســپــیـدی بــگـیـر | چــنـیـن ابــلــقــی بــا شــدت نــاگــزیـر |
| عـلـم بــر فـلـک زن کـه عـالـم تــراســت | بــه دولــت در آویـز کــان هـم تــراســت |
| شـــه از نــصـــرت مــصــر و تـــاراج زنــگ | بـــه چـــهــره در آورده بـــود آب و رنــگ |
| زبـــون کــردن دشــمــن آســان گــرفــت | حــســاب خــراج از خــراســان گــرفــت |
| بـه هـم سـنـگـی خـویش در روم و شـام | نــیــامــد کـــســـش در تـــرازو تـــمــام |
| بـــه دارا نــداد آنــچـــه داد از نــخــســت | هــمــان داده را نــیــز ازو بــاز جــســت |
| از آنـــجــــا کـــه روز جـــوانـــیـــش بــــود | تــمــنــای کــشــور ســتــانــیــش بــود |
| کــمــربـــنــد ایــرانــیــان ســســت کــرد | بــه ایـران گـرفـتــن کـمـر چــسـت کـرد |
| درخـــتـــی کــه او ســـر بـــرآرد بـــلــنــد | بـــه دیــگــر درخــتــان رســانــد گــزنــد |
| بــه نـخــجــیـر شــد شــاه یـک روز کـش | هم او خوش منش بـود و هم روز خوش |
| شــکــار افــکـنـان دشــتــهـا در نـوشــت | هـمـی کـرد نـخـجــیـر در کـوه و دشـت |
| فـلـک وار مـی شــد ســری پــر شــکـوه | گـهـی سـوی صـحـرا گـهی سـوی کـوه |
| گـذشــت از قـضــا بــر یـکـی کـوهـســار | کـه بـود از بــسـی گـونـه در وی شـکـار |
| دو کــبــک دری دیــد بـــر خــاره ســنــگ | بــه آیـیـن کـبــکـان جـنـگـی بــه جـنـگ |
| گـه آن مـغـز ایـن را بــه مـنـقـار خــسـت | گـه ایـن بـال آنـرا بـه نـاخـن شـکـسـت |
| در آن مــعـــرکـــه رانــد شـــه بـــارگـــی | هــمــی بـــود بـــر هــر دو نــظـــارگــی |
| ز سـخــتــی کـه کـبــکـان در آویـخــتــنـد | ز نـــظـــاره شـــاه نـــگـــریـــخـــتـــنـــد |
| شــگـفـتــی فـرومـانـده شـه زان شـمـار | کـه در مـغـز مـرغـان چـه بـود آن خـمـار |
| یـکــی را نـشــان کــرد بــر نـام خــویـش | بــرو بــســت فـال سـرانـجــام خــویـش |
| دگــــــر مــــــرغ را نـــــام دارا نـــــهـــــاد | بـــر آن فــال چــشــم آشــکــارا نــهــاد |
| دو مــــــــــــرغ دلــــــــــــاور در آن داوری | زمـــانـــی نـــمـــودنـــد جــــنـــگ آوری |
| هـمــان مــرغ شــد عــاقــبــت کــامـگــار | کــه بــر نــام خــود فــال زد شــهــریــار |
| چـــو پـــیــروز دیــد آنـــچـــنـــان حـــال را | دلـــیـــل ظــــفـــر یـــافـــت آن فــــال را |
| خـــرامــنــده کــبـــک ظـــفـــر یــافـــتـــه | پـــریـــد از بــــرکـــبـــک بـــر تـــافـــتـــه |
| ســـوی پــــشـــتـــه کـــوه پــــرواز کـــرد | عـــقــابـــی درآمــد ســـرش بـــاز کــرد |
| چــو بــشـکـســت کـبــک دری را عـقـاب | ملـک کـبـک بـشـکـسـت و آمد بـه تـاب |
| ز پــــرواز پــــیــــروزی خــــویـــشــــتــــن | نــبـــودش هــمــانــا غــم جـــان و تـــن |
| بـــدانـــســـت کـــاقـــبـــال یــاری دهـــد | بـــــه دارا در کـــــامـــــگـــــاری دهـــــد |
| ولـــیـــکــــن در آن دولـــت کــــامـــگــــار | نــبـــاشــد بـــســی عــمــر او پـــایــدار |
| شــنـیـدم کــه بــود انــدر آن خــاره کــوه | مـقـرنـس یـکـی طــاق گـردون شــکـوه |
| کــه پــرســنــدگــان زو بــه آواز خــویـش | خــبــر بــاز جــسـتــنـدی از راز خـویـش |
| صــدائی شــنـیـدنــدی از کــوه ســخــت | بــر انـسـان کـه بــودی نـمـودار بــخــت |
| بــفــرمـود شــه تــا یـکــی هـوشــمــنـد | خـــبـــر بـــاز پـــرســـد ز کــوه بـــلــنــد |
| کــه چــون در جــهـان ریـزش خــون بــود | ســـرانـــجـــام اقـــبـــال او چـــون بـــود |
| بـــپـــرســـیــد پـــرســـنــده نــغـــز فــال | کـه چـون مـی نمـاید سـرانـجـام حـال؟ |
| سـکـنـدر شـود بـر جـهـان چـیره دسـت؟ | بــــه دارای دارا درآرد شــــکــــســــت؟ |
| صــــدائی بــــرآورد کــــوه از نـــهـــفــــت | هـمـان را کـه او گـفــتــه بــدبــاز گـفـت |
| از آن فـــــال فـــــرخ دل خــــــســــــروی | چــو کــوه قــوی یـافــت پــشــت قــوی |
| بــه خــرم دلــی زان طــرف بــازگــشــت | ســوی بــزمـگـاه آمـد از کــوه و دشــت |
| بــه تــدبــیـر بــنـشــســت بــا انـجــمــن | چــو ســرو ســهــی در مــیـان چــمــن |
| ســـخـــن رانــد ز انــدازه کــار خـــویــش | ز پــیــروزی صــلــح و پــیـکــار خــویــش |
| کـه چـون مـن بــه نـیـروی گـیـتـی پــنـاه | بـــه گــردون گــردان رســـانــدم کــلــاه |
| گـــزیـــت ربـــاخـــوارگـــان چـــون دهـــم | بـه خـود بـر چـنـین خـواریی چـون نـهـم |
| بـــــه دارا چـــــرا داد بــــــایـــــد خـــــراج | کــزو کــم نــدارم نــه گــوهــر نــه تـــاج |
| گـــر او تـــاج دارد مـــرا تـــیــغ هــســـت | چـو تـیـغـم بــود تــاجـم آیـد بــه دسـت |
| گــر او لــشـــگــر آرد بـــه پـــیــکــار مــن | نــگـــهــدار مــن بـــس نــگــهــدار مــن |
| مــرا نــصـــرت ایــزدی حـــاصـــلـــســـت | کـه رایـم قــوی لـشــگـرم یـکــدلـســت |
| ســـپـــه را کــه فـــیــروزمــنــدی رســـد | ز یـــاران یـــک دل بــــلـــنـــدی رســــد |
| دو درزی ز دل بــــشــــکــــنــــد کــــوه را | پـــــراکـــــنــــدگـــــی آرد انـــــبـــــوه را |
| امـیـدم چــنـان شـد بــه نـیـروی بــخــت | کـه بـسـتـانم از دشـمـنان تـاج و تـخـت |
| چــــه بــــایـــد رصــــدگــــاه دارا شــــدن | بـــه جـــزیــت دهــی آشــکــارا شـــدن |
| شـــــمــــا زیــــرکــــان از ســـــریــــاوری | چــه گــوئیــد چــون بــاشــد ایـن داوری |
| چـــه حـــجـــت بـــود پـــیـــش دارا مـــرا | نـــهـــانـــی کــــنـــد آشــــکــــارا مــــرا |
| شـــنــاســـنــدگــان ســـرانــجـــام کـــار | دعـــا تـــازه کـــردنـــد بـــر شـــهـــریــار |
| کــه تـــا چــرخ گــردنــده و اخــتـــرســت | وزیــن هــر دو آمــیــزش گــوهــرســـت |
| چـــراغ جــــهـــان گـــوهـــر شـــاه بــــاد | رخ شــــاه روشــــن تــــر از مـــاه بــــاد |
| تـوئی آنـکـه نـیـروی بـیـنـش بـه تـوسـت | بـــرومــنــدی آفــریــنــش بــه تــوســت |
| بــه هـر جــا کـه بــاشـی خـداونـد بــاش | ز تــخــمـی کــه کــاری بــرومـنـد بــاش |
| چــو پــرسـیـدی از مـا بــه فـرخـنـده رای | بــگـوئیـم چــون بــخـت شـد رهـنـمـای |
| چـــنــانــســت رخـــصــت بـــرای صــواب | کـه شــه بــر مـخــالـف نـیـارد شــتــاب |
| تــو بــنـشــیـن گـر او بــا تــو جــنـگ آورد | بــــر او تـــیـــغ تــــو کـــار تــــنـــگ آورد |
| ز دســت تـــو یــک تـــیــغ بـــرداشــتـــن | ز دشــمـن ســر و تــیـغ بــگــذاشــتــن |
| گــوزنــی کــه بـــا شـــیــر بـــازی کــنــد | زمــیــن جــای قــربــان نــمــازی کــنــد |
| ز دارا نـــیــایــد بـــه جـــز نـــای و نـــوش | گـر آیـد بــه تــو خـونـش آیـد بــه جـوش |
| تـــو زو بـــیــش در لــشــگــر آراســـتـــن | خــراج از زبـــونــان تـــوان خــواســتـــن |
| شــبـــیــخــون تـــو تـــا بـــیــابـــان زنــگ | تــمـاشــای او تــا شــبــســتــان تــنـگ |
| تـو دیـن پــروری خـصـم کـیـن پــرورسـت | فــرشــتــه دگــر اهــرمــن دیـگــرســت |
| تــو شــمــشــیـرگــیـری و او جــام گــیـر | تــو بــر ســر نـشـیـنـی و او بــر سـریـر |
| تـــو بـــا دادی او هـــســـت بـــیــدادگـــر | تــــــو مــــــیــــــزان زور او تــــــرازوی زر |
| تــو بــیـداری او بــی خــودی مــی کــنـد | تــو نـیـکــی کــنـی او بــدی مـی کــنـد |
| بــدآن بــد کـه از جـمـلـه شـهـر و سـپـاه | ز نــیـکــان نــدارد کــســی نـیـکــخــواه |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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