مـغــنـی دل تــنـگ را چــاره نـیـســتبـجـز سـازکان هسـت و بـیغاره نیستدمــاغ مــرا کــز غــم آمــد بــه جــوشبـه ابــریـشـم سـاز کـن حـلـقـه گـوش***چـ…
| مـغــنـی دل تــنـگ را چــاره نـیـســت | بـجـز سـازکان هسـت و بـیغاره نیست |
| دمــاغ مــرا کــز غــم آمــد بــه جــوش | بـه ابــریـشـم سـاز کـن حـلـقـه گـوش |
| *** | |
| چــو در خــانـه خــویـش رفــت آفـتــاب | ز گـرمـی شــد انـدام شــیـران کــبــاب |
| تــبــشـهـای بــاحــوری از دســتــبــرد | ز روی هـــوا چــــرک تــــری ســـتــــرد |
| گـیـا دانـه بــگـشـاد و بـنـوشـت بــرگ | بـــلــالــه ســتــان انــدر افــتــاد مــرگ |
| بــجــوشــیـد در کـوه و صـحــرا بــخــار | شــکــر خــنـده زد مـیـوه بــر مـیـوه دار |
| ز هـامـون سـوی کـوه شـد عـنـدلـیـب | بـه غـربـت همـی گـفـت چـیزی غـریب |
| بـــه گــوش انــدرش از هــوای تــمــوز | نـــوای چـــکـــاوک نـــیــامـــد هـــنـــوز |
| درفــشــنـده خــورشــیـد گـردون نـورد | ز بــاد خــزان نــیـش عــقــرب نــخــورد |
| شـب و روز می گشت در چـین و زنگ | بـه دود افکنی طشـت آتـش بـه چـنگ |
| چــو شــیـران دریـد از ســردســت زور | گـهـی ســاق گـاو و گـهـی ســم گـور |
| در ایــام بـــا حـــور و گـــرمـــای گـــرم | کـه از تـاب خـورشـید شـد سـنـگ نـرم |
| ســکـنـدر ز چــیـن رای خــرخــیـز کـرد | در خـــواب را تـــنـــگ دهــلـــیــز کـــرد |
| رهـا کـرد خــاقـان چــیـن را بــه جــای | دگــر بـــاره ســـوی ســـفــر کــرد رای |
| بـسـی گـنج در پـیش خـاقـان کـشـید | وز آنـجــا ســپــه در بــیـابــان کـشــیـد |
| فــرو کــوفــت بـــر کــوس دولــت دوال | ز مــشــرق درآمــد بـــه حــد شــمــال |
| بـــیـــابـــان و ریــگ روان دیــد و بـــس | نـه پــرنـده دروی نـه جــنـبــنـده کــس |
| بـسـی رفـت و کـس در بـیـابـان نـدیـد | هـــمـــان راه را نـــیــز پـــایــان نـــدیــد |
| زمـیـن دیـد رخــشــان و از رخــنـه دور | درو ریــگ رخـــشـــنــده مــانــنــد نــور |
| بـه شـه گفـت رهبـر که این ریگ پـاک | هـمــه نــقــره شــد نــقــره تــابــنــاک |
| بـــه انـــدازه بـــردار ازیـــن راه گـــنـــج | نه چـندان کـه محـمل کـش آید بـه رنج |
| بـه لشـگـر مگـوور نه از عـشـق سـیم | گــران بـــار گــردنــد و یــابـــنــد بـــیــم |
| هــمـــه بـــارشـــه بـــود پـــر زر نـــاب | بــدان نـقــره نـامــد دلــش را شــتــاب |
| ولـــیـــک آرزو درمـــنـــش کــــار کـــرد | ازو اشـــتــــری چــــنـــد را بــــار کـــرد |
| بــدان راه مــی رفــت چــون بــاد تــیـز | هــوا را نــدیــد از زمــیــن گــرد خـــیــز |
| بـه یک هفتـه ننشسـت بـر جـامه گرد | کــه از نــقــره بــود آن زمــیــن را نــورد |
| تـو گفتـی که شد خـاک و آبـش دونیم | یکـی نیمـه سـیمـاب و یک نیمه سـیم |
| نـه در سـیـمـش آرام شـایـســت کـرد | نـه سـیـمـاب را نـیـز شـایـسـت خــورد |
| ز ســودای ره کــان نــه کــم درد بـــود | ســوادی بــدان ســیــم در خــورد بــود |
| کـجـا چـشـمـه ای بــود مـانـنـد نـوش | در آن آب ســـیــمـــاب را بـــود جـــوش |
| چـــو شـــورش نــبـــودی در آب زلـــال | ز ســیـمــاب کــس را نــبــودی مــلــال |
| بــــخـــوردنـــدی آن آبـــهـــا را دلـــیـــر | کــه آب از زبــر بــود و ســیــمــاب زیــر |
| چـو شورش در آب آمدی پـیش و پـس | نـــخـــوردنــدی آن آب را هــیــچ کـــس |
| وگـر خــوردی از راه غــفــلـت کـســی | نــمــانــدی درو زنــدگــانــی بـــســـی |
| بـــفــرمــود شــه تـــا چـــو رای آورنــد | در آن آب دانـــش بــــه جــــای آورنــــد |
| چــنــان بـــرکــشــنــد آب را زابــگــیــر | کـه ســاکــن بــود آب جــنـبــش پــذیـر |
| بــدیـن گــونــه یــک مــاه رفــتــنــد راه | بـسـی مـردم از تـشـنـگـی شـد تـبـاه |
| رسـیـدنـد از آن مـفـرش سـیـم ســود | بــه خــاکــی کــزاو بــودشــان زاد بــود |
| نــهــادنــد بـــرخـــاک رخــســار پـــاک | کـه خــاکـی نـیـاســایـد الـا بــه خــاک |
| پــــدیـــد آمــــد آرامــــگــــاهـــی زدور | چــنـان کـز شــب تــیـزه تــابــنـده هـور |
| بــر افــراخــتــه طــاقــی از تــیـغ کــوه | کــه از دیــدنــش در دل آمــد شـــکــوه |
| بـــه بـــالــای آن طــاق پــیــروزه رنــگ | کـشـیده کـمـر کـوهی از خـاره سـنـگ |
| گــروهــی بـــر آن کــوه دیــن پـــروران | مـســلــمــان و فــارغ ز پــیـغــمــبــران |
| بـــه الـــهـــام یــزدان ز روی قـــیـــاس | در احـوال خـود گـشـتـه یزدان شـنـاس |
| چــو دیـدنــد ســیـمــای اســکــنـدری | پــذیــرا شــدنــدش بــه پــیـغــمــبــری |
| بــه تــعــلــیــم او خــاطــر آراســتــنــد | وزو دانـــش و داد درخــــواســــتــــنـــد |
| ســکـنـدر بــرایـشــان در دیـن گـشـاد | بــجــز دیـن و دانـش بــسـی چـیـز داد |
| چـو دیدنـد شـاهـی چـنـان چـاره سـاز | بـــه چـــاره گــری در گــشــادنــد بـــاز |
| کـه شــفـقـت بــرای داور دســتــگـیـر | بــرایـن زیــر دســتــان فــرمــان پــذیــر |
| پــس ایـن گــریـوه در ایـن ســنـگــلـاخ | یـکـی دشــت بــیـنـی چــو دریـا فــراخ |
| گــروهــی در آن دشــت یــاجــوج نــام | چــــو مــــا آدمــــی زاده و دیـــو فــــام |
| چــو دیـوان آهـن دل الــمــاس چــنـگ | چــو گـرگـان بــد گـوهـر آشـفـتــه رنـگ |
| رســیـده ز ســر تــا قــدم مــویـشــان | نــبــیـنــی نــشــانـی تــو از رویـشــان |
| بــه چـنـگـال و دنـدان هـمـه چـون دده | بــه خـون ریـخـتــن چـنـگ و دنـدان زده |
| بـــگـــیــرنـــد هــنــگـــام تـــک بـــاد را | بـــه نــاخــن بـــســنــبـــنــد پــولــاد را |
| هـمـه در خــرام و خـورش نـاسـپــاس | نه بـینی در ایشـان کـس ایزد شـنـاس |
| زهـر طـعـمـه ای کـان بـود جـسـتـنـی | طــعــامــی نــدارنــد جـــز رســتـــنــی |
| نـدارنـد جــز خــواب و جــز خــورد کــار | نـــمـــیــرد یــکـــی تـــا نـــزایــد هـــزار |
| گـیـائیـســت آنـجــا زمـیـن خــیـزشـان | چــو بـــلــبـــل بـــود دانــه تـــیــزشــان |
| از آن هـر شــبــان روز بــهـری خــورنـد | هـمـانـجــا بــخــســبــنـد و درنـگـذرنـد |
| چــو بــر آفــتــاب افــکــنــد مــاه جــرم | بــجــوشــنـده بــرخــود بــه کـردار کـرم |
| خـورنـد آنـچـه یـابـنـد بـی تـرس و بـیم | بــدیـن گــونــه تــا مــاه گــردد دو نـیـم |
| چــو گــیـرد گــمـی مــاه نـاکــاســتــه | شــره گــردد از جــمـلـه بــرخــاســتــه |
| فــتــد ســال تــا ســال از ابــر ســیـاه | ســتــمــکــاره تــنــیـنــی آن جــایـگــاه |
| بـــه انـــدازه آنــک در دشـــت و کـــوه | از او ســـیــر کـــردنــد چـــنــدان گــروه |
| بـــه امــیــد آن کـــوه دریــا ســـتـــیــز | کـــه انـــدازدش ابـــر ســـیــلـــاب ریــز |
| چــــو آواز تـــــنــــدر خــــروش آورنــــد | زمـــیــن را ز دوزخ بـــه جـــوش آورنـــد |
| ز ســـرمـــســـتـــی خـــون آن اژدهــا | کـــنــنــد آب و دانــه یــکــی مــه رهــا |
| دگر خوردشان نیست جـز بـیخ و بـرگ | نــبـــاشـــنــد بـــیــمـــار تـــا روز مــرگ |
| چــو مـیـرد از ایـشــان یـکــی آن گـروه | خورندش همانسان در آن دشت و کوه |
| نــه مــردار مــانــد در آن خـــاک شــور | نـه کـس مـرده ای نـیـز بــیـنـد نـه گـور |
| جز این یک هنر نیست کان آب و خاک | ز مـــردار دورســــت و از مـــرده پــــاک |
| بـــهــر مــدت آرنــد بـــر مــا شـــتـــاب | کــنــنــد آشــیــانــهــای مــا را خـــراب |
| ز مـا گــوســپــنـدان بــه غــارت بــرنـد | خـورشـهای مـا هر چـه بـاشـد خـورنـد |
| ز گــرگ آن چــنـان کــم گــریـزد گــلــه | کــزان گـرگـســاران ســگ مـشــغــلـه |
| چـو درمـا بــه کـشـتــن سـتــیـز آورنـد | بـــکــوشـــنــد و بـــر مــا گــریــز آورنــد |
| گـریزیم از ایشـان بـر این کـوه سـخـت | بـــه کـــردار پـــرنــدگـــان بـــر درخـــت |
| نـــدارنـــد پــــائی چــــنـــان آن گـــروه | کـــه مـــا را درارنـــد از آن تـــیــغ کـــوه |
| بــه دفـع چــنـان سـخـت پــتــیـاره ای | ثـــوابـــت بـــود گــر کـــنــی چـــاره ای |
| چـو بــشـنـیـد شـه حـکـم یـا جــوج را | کــه پــیـل افــکــنـد هـر یـکـی عــوج را |
| بــدان گـونـه ســدی ز پــولـاد بــســت | که تـا رسـتـخـیزش نبـاشـد شـکسـت |
| چــو طــالـع نـمـود آن بــلـنـد اخــتــری | کـه شـد ســاخــتــه ســد اسـکـنـدری |
| از آن مرحـله سـوی شـهری شـتـافت | که بـسـیار کس جـسـت و آن را نیافت |
| دگــــر بـــــاره در کــــار عــــالــــم روی | روان شـــد ســـراپــــرده خــــســـروی |
| بــر آن کـار چــون مـدتــی بــرگـذشـت | بــتــازیــد یـک مــاه بــر کــوه و دشــت |
| پـــدیــد آمـــد آراســـتـــه مـــنـــزلـــی | کــه از دیـدنــش تــازه شــد هـر دلــی |
| جــهـانـدار بــا ره بــسـیـچــان خـویـش | ره آورد چــــشــــم از ره آورد پــــیـــش |
| دگـرگـونـه دیـد آن زمـیـن را ســرشـت | هـم آب روان دیـد هـم کــار و کــشــت |
| هـــمـــه راه بـــر بــــاغ و دیـــوار نـــی | گــلــه در گــلــه کـــس نــگــهــدارنــی |
| ز لـشــگــر یـکــی دســت بــرزد فــراخ | کــزان مـیـوه ای بــرگــشــایـد ز شــاخ |
| نــچــیــده یــکــی مــیــوه تـــر هــنــوز | ز خشکی تـنش چون کمان گشت کوز |
| ســواری دگــر گـوســپــنـدی گــرفــت | تــبــش کـرد و زان کـار بــنـدی گـرفــت |
| سـکـندر چـو زین عـبـرت آگـاه گـشـت | ز خـشک و تـرش دسـت کوتـاه گشـت |
| بــفــرمـود تــا هـر کــه بــود از ســپــاه | ز بـــاغ کـــســـان دســـت دارد نــگــاه |
| چـو لـخـتـی گـرایـنـده شـد در شـتـاب | گــذر کــرد از آن ســبـــزه و جـــوی آب |
| پـــدیــدار شـــد شـــهــری آراســـتـــه | چـو فـردوسـی از نـعـمـت و خـواسـتـه |
| چـــو آمــد بـــه دروازه شــهــر تـــنــگ | نـدیـدش دری زآهـن و چــوب و سـنـگ |
| در آن شـهـر شـد بــاتـنـی چـنـد پــیـر | هـمـه غـایـت انـدیـش و عـبــرت پــذیـر |
| دکــانــهــا بـــســی یــافــت آراســتــه | درو قــفــل از جــمــلــه بـــرخــاســتــه |
| مــقـــیــمــان آن شـــهــر مــردم نــواز | بــه پـیـش آمـدنـدش بـه صـد عـذر بــاز |
| فــــرود آوریـــدنـــدش از ره بــــه کـــاخ | بــه کـاخــی چــو مـیـنـوی مـیـنـا فـراخ |
| بــسـی خــوان نـعـمـت بــرآراســتــنـد | نـهـادنـد و خـود پــیـش بــرخــاسـتــنـد |
| پــرســتــش نــمــودنــد بــا صــد نـیـاز | زهــی مــیــزبـــانــان مـــهــمـــان نــواز |
| چـو پـذرفـت شـه نزلـشـان را بـه مـهر | بــدان خـوب چـهـران بـرافـروخـت چـهـر |
| بـپـرسـیدشان کاین چـنین بـی هراس | چـــرائیـــد و خـــود را نـــداریـــد پـــاس |
| بــدیـن ایـمـنـی چــون زیـبــد از گــزنـد | کـه بــر در نـدارد کـسـی قـفـل و بــنـد |
| هـمـان بـاغـبـان نـیسـت در بـاغ کـس | رمـــه نـــیــز چـــوپـــان نـــدارد ز پـــس |
| شــبــانــی نــه و صــد هــزاران گــلــه | گــلــه کــرده بــر کــوه و صــحــرا یـلــه |
| چـگونست و این ناحـفاظی ز چـیست | حــفــاظ شــمـا را تــولـا بــه کـیـســت |
| بـــــــزرگــــــان آن داد پــــــرور دیــــــار | دعـــا تـــازه کـــردنـــد بـــر شـــهــریــار |
| که آن کـس که بـر فـرقـت افـسـر نهاد | بـــقــای تـــو بـــر قــدر افــســـر دهــاد |
| خـــــدا بـــــاد در کـــــارهـــــا یــــاورت | هــــنــــر ســـــکــــه نــــام نــــام آورت |
| چـو پـرسـیـدی از حـال مـا نـیـک و بــد | بــگــوئیــم شــه را هــمــه حــال خــود |
| چـنـان دان حـقـیقـت کـه مـا این گـروه | که هسـتـیم سـاکن درین دشت و کوه |
| گــروهــی ضــعــیــفــان دیـن پــروریـم | ســـرمــوئی از راســـتـــی نــگـــذریــم |
| نـــداریــم بـــر پـــرده کـــج بـــســـیــچ | بــجــز راســت بــازی نــدانــیـم هــیــچ |
| در کـجــروی بــرجــهـان بــســتــه ایـم | ز دنــیـا بــدیـن راســتــی رســتــه ایـم |
| دروغـــی نـــگـــوئیــم در هــیــچ بـــاب | بــه شــب بــاژگـونـه نـبــیـنـیـم خــواب |
| نـپـرسـیم چـیـزی کـزو سـود نـیـسـت | کـه یـزدان از آن کـار خـشـنـود نـیسـت |
| پـــذیـــریـــم هـــرچ آن خـــدائی بــــود | خـــصـــومـــت خـــدای آزمـــائی بــــود |
| نـــکـــوشـــیــم بـــا کـــرده کـــردگـــار | پــرســتــنـده را بــا خــصــومـت چــکـار |
| چــو عــاجــز بــود یــار یــاری کــنــیــم | چـو سـخـتــی رسـد بــردبــاری کـنـیـم |
| گــر از مــا کــســی را زیــانــی رســد | وزان رخـــنــه مــا را نــشــانــی رســد |
| بــر آریـمـش از کـیـسـه خــویـش کـام | بــه ســرمـایـه خــود کـنـیـمـش تــمـام |
| نـدارد ز مــا کــس زکــس مـال بــیـش | همه راسـت قـسـمیم در مـال خـویش |
| شـمـاریـم خــود را هـمـه هـمـســران | نـــخـــنـــدیــم بـــر گـــریــه دیـــگـــران |
| ز دزدان نــــداریـــم هـــرگــــز هـــراس | نـه در شـهر شـحـنه نه در کـوی پـاس |
| ز دیـگــر کــســان مــا نــدزدیـم چــیــز | ز مـــا دیــگـــران هــم نـــدزدنـــد نــیــز |
| نــداریــم در خــانــهــا قــفــل و بـــنــد | نـگـهـبــان نـه بــا گـاو و بــا گـوسـفـنـد |
| خــــدا کــــرد خــــردان مـــا را بــــزرگ | ســتــوران مــا فــارغ از شــیـر و گــرگ |
| اگـــر گـــرگ بـــر مــیــش مــا دم زنــد | هــلــاکــش در آن حــال بـــر هــم زنــد |
| گـر از کـشـت ماکـس بـرد خـوشـه ای | رســد بــر دلـش تــیـری از گـوشــه ای |
| بـــکــاریــم دانــه گــه کــشــت و کــار | ســپـــاریــم کــشــتــه بـــه پــروردگــار |
| نــگـــردیــم بـــر گــرد گـــاورس و جـــو | مـگـر بــعـد شـش مـه کـه بــاشـد درو |
| بـه ما از آنچـه بـر جـای خود می رسد | یـکــی دانـه را هـفــتــصــد مـی رســد |
| چـنـیـن گـریـکـی کـارو گـر صـد کـنـیـم | تــوکــل بــر ایـزد نــه بــر خــود کــنـیـم |
| نــگــهــدار مــا هـســت یـزدان و بــس | بــه یـزدان پـنـاهـیـم و دیـگـر بــه کـس |
| سـخـن چـینـی از کـس نـیـامـوخـتـیـم | ز عــیـب کـســان دیـده بــر دوخــتــیـم |
| گـــر از مــا کـــســـی را رســـد داوری | کــنـیـمـش ســوی مـصــلـحــت یـاوری |
| نـبــاشـیـم کـس را بــه بــد رهـنـمـون | نــجـــوئیــم فــتـــنــه نــریــزیــم خـــون |
| بــه غـم خــواری یـکـدگـر غـم خـوریـم | بــه شــادی هـمــان یـار یـکــدیـگــریـم |
| فـــریـــب زر و ســـیــم را در شـــمـــار | نــبــاریـم و نــایــد کــســی را بــه کــار |
| نـــداریــم خـــوردی یــک از یــک دریــغ | نخـواهیم جـو سـنگـی از کـس بـه تـیغ |
| دد و دام را نـــیــســـت از مـــا گـــریــز | نــه مــا را بـــرآزار ایــشــان ســـتـــیــز |
| بـــه وقــت نــیــاز آهــو و غــرم و گــور | ز درهــــا در آیــــنــــد مــــا را بـــــه زور |
| از آن جــمـلـه چــون در شــکــار آوریـم | بـــه مــقــدار حـــاجـــت بـــکــار آوریــم |
| دگـرهـا کـه بــاشــیـم از آن بــی نـیـاز | نـــداریــمـــشـــان از در و دشـــت بـــاز |
| نـه بــسـیـار خـواریـم چــون گـاو و خـر | نـه لـب نـیز بـر بـسـتـه ازخـشـک و تـر |
| خــوریـم آن قـدر مـایـه از گـرم و ســرد | کــه چــنــدان دیــگــر تــوانــیــم خــورد |
| ز مــا در جـــوانــی نــمــیــرد کــســی | مــگــر پــیــر کــو عــمــر دارد بـــســی |
| چــومـیـرد کــســی دل نـداریـم تــنـگ | کــه درمــان آن درد نــایــد بــه چــنــگ |
| پــس کـس نـگـوئیـم چــیـزی نـهـفــت | کــه در پــیـش رویـش نـیـاریـم گــفــت |
| تـجـسس نسـازیم کاین کس چـه کرد | فــغــان بــر نـیـاریـم کــان را کـه خــورد |
| بـهرسـان که ما را رسد خـوب و زشت | سـر خــود نـتــابــیـم از آن سـرنـوشـت |
| بــهـرچ آفــریـنـنـده کـردســت راســت | نـگـوئیـم کـیـن چـون و آن از کـجـاسـت |
| کــســی گـیـرد از خــلـق بــا مـا قــرار | کـه بــاشـد چـو مـا پــاک و پـرهـیـزگـار |
| چــو از ســیــرت مــا دگــرگــون شــود | ز پــــرگـــار مـــا زود بــــیـــرون شــــود |
| سـکـندر چـو دید آن چـنان رسـم و راه | فـرو مـانـد ســرگـشــتــه بــر جــایـگـاه |
| کـز آن خـوبــتــر قـصـه نـشـنـیـده بــود | نــه در نــامــه خـــســروان دیــده بـــود |
| بــه دل گـفـت ازیـن رازهـای شـگـفـت | اگــر زیــرکـــی پـــنــد بـــایــد گــرفـــت |
| نــخــواهـم دگــر در جــهـان تــاخــتــن | بــه هـر صــیـد گــه دامــی انـداخــتــن |
| مـرا بــس شـد از هـر چــه انـدوخـتــم | حــســابــی کــزیـن مــردم آمــوخــتــم |
| هــمــانــا کــه پــیـش جــهــان آزمــای | جـهان هسـت ازین نیک مـردان بـجـای |
| بــدیـشـان گـرفـتـسـت عـالـم شـکـوه | کــه اوتــاد عــالــم شــدنــد ایـن گــروه |
| اگـر سـیـرت ایـنـسـت مـا بــرچــه ایـم | وگــر مــردم ایـنـنــد پــس مــا کــه ایـم |
| فــرســتـــادن مــا بـــه دریــا و دشــت | بــدان بــود تــا بــایـد ایـنـجــا گـذشــت |
| مـــگـــر ســـیـــرگـــردم ز خـــوی ددان | در آمــــوزم آیـــیـــن ایـــن بــــخــــردان |
| گـر ایـن قــوم را پــیـش ازیـن دیـدمـی | بــه گــرد جــهــان بـــر نــگــردیــدمــی |
| بـه کـنـجـی در از کـوه بـنشـسـتـمـی | بــه ایـزد پــرسـتـی مـیـان بــسـتـمـی |
| ازیـن رســم نـگــذشــتــی آیـیـن مــن | جــز ایـن دیـن نـبــودی دگــر دیـن مــن |
| چـو دیـد آن چـنـان دیـن و دیـن پـروری | نــکــرد از بـــنــه یــاد پـــیــغـــمــبـــری |
| چـو در حـق خود دیدشان حق شناس | درود و درم دادشــــان بــــی قـــیـــاس |
| از آن مـمـلـکـت شــادمـان بــازگـشـت | روان کـرد لـشـگـر چـو دریـا بــه دشـت |
| زرنــگــیــن عــلــمــهــای دیــبــای روم | وشـی پـوش گـشـتـه همه مـرز و بـوم |
| بــهـر کـوه و بــیـشـه ز شـاخ و ز شـخ | پــراکــنـده لــشــگــر چــومـور و مــلــخ |
| بــهــرجــا کــه او تــاخــتــی بـــارگــی | رهـانـدی بــسـی کـس ز بــیـچــارگـی |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
منبع : درج











