چــون دیــد پــدر بــه حــال فــرزنــدآهــی بـــزد و عـــمــامــه بـــفــکــنــدنـالــیـد چــو مـرغ صــبــحــگــاهـیروزش چـو شـبــی شـد از سـیـاهـیگــ…
| چــون دیــد پــدر بــه حــال فــرزنــد | آهــی بـــزد و عـــمــامــه بـــفــکــنــد |
| نـالــیـد چــو مـرغ صــبــحــگــاهـی | روزش چـو شـبــی شـد از سـیـاهـی |
| گــفـــت ای ورق شـــکــنــج دیــده | چــــون دفــــتــــر گــــل ورق دریــــده |
| ای شــیــفــتــه چــنــد بــیـقــراری | وی ســوخــتـــه چـــنــد خــامــکــاری |
| چــشــم کـه رســیـد در جــمـالـت | نــفـــریــن کـــه داد گـــوشـــمــالـــت |
| خـــون کـــه گـــرفـــت گـــردنــت را | خــــار کــــه خــــلـــیـــد دامـــنـــت را |
| از کــار شــدی چــه کــارت افــتــاد | در دیــــده کــــدام خــــارت افــــتــــاد |
| شـوریده بـود نه چـون تـو بـدبـخـت | سخـتـیش رسد نه این چـنین سخت |
| مـانـده نـشــدی ز غـم کـشـیـدن؟ | وز طــعــنــه دشـــمــنــان شــنــیــدن |
| دل سـیـر نـگـســتــی از مـلـامـت؟ | زنــده نــشـــدی بـــدیــن قــیــامــت؟ |
| بـس کـن هوسـی که پـیش بـردی | کــاب مــن و ســنـگ خــویـش بــردی |
| در خــــرگـــه کـــار خــــرده کـــاری | عــیــبــی اســت بــزرگ بــی قــراری |
| عـیـب ارچـه درون پــوسـت بــهـتـر | آیــیــنــه دوســـت دوســت بـــهــتـــر |
| آیـــیـــنـــه ز روی راســـتــــگـــوئی | بـــنــمــایــد عـــیــب تـــا بـــشـــوئی |
| آیـیـنـه ز خـوب و زشـت پــاکـسـت | ایـن تــعـبــیـه خــانـه زای خــاکـسـت |
| بــنـشـیـن وز دل رهـا کـن ایـن درد | آن بـــه کــه نــکــوبـــی آهــن ســـرد |
| گــیــرم کــه نــداری آن صـــبـــوری | کــز دوســت کــنـی بــه صــبــر دوری |
| آخــر کــم از آنــکــه گــاهــگــاهـی | آیــی و بـــه مـــا کـــنــی نــگـــاهــی |
| هـرکـس بـه هـوای دل تـکـی رانـد | وز بــهــر گــریــخــتــن تــکــی مــانــد |
| بــی بــاده کـفـایـتـسـت مـسـتـی | بـــــــی آرزو آرزو پـــــــرســــــتـــــــی |
| تــو رفــتــه بــه بـــاد داده خــرمــن | مـن مـانـده چـنـیـن بــه کـام دشـمـن |
| تـا در من و در تـو سکه ای هسـت | ایـن ســکــه بــد رهـا کــن از دســت |
| تــــو رود زنــــی و مــــن زنــــم ران | تـــو جـــامـــه دری و مـــن درم جـــان |
| عـشـق ارز تـو آتـشـی بـرافروخـت | دل سـوخـت تــرا مـرا جـگـر سـوخـت |
| نـومـیـد مـشـو ز چــاره جــســتــن | کـز دانـه شـگـفـت نـیـســت رسـتــن |
| کــــاری کـــه نـــه زو امـــیـــدداری | بــــاشــــد ســــبــــب امــــیــــدواری |
| در نـومـیـدی بــسـی امـیـد اســت | پــایـان شـب ســیـه ســپــیـد اســت |
| بــا دولــتــیـان نـشــیـن و بــرخــیـز | زیــن بـــخــت گــریــز پـــای بـــگــریــز |
| آواره مــــبــــاد دولــــت از دســــت | چـون دولـت هـسـت کـام دل هسـت |
| دولـت ســبــب گـره گـشـائیـسـت | پــــیـــروزه خـــاتــــم خـــدائیـــســـت |
| فـتـحـی کـه بـدو جـهـان گـشـادنـد | در دامــــن دولــــتــــش نــــهـــادنــــد |
| گر صـبـر کـنی بـه صـبـر بـی شـک | دولـــت بـــه تـــو آیـــد انـــدک انـــدک |
| دریـا کــه چــنـیـن فــراخ رویـســت | پــالــایــش قــطــرهــای جــویــســت |
| وان کــوه بــلــنـد کــابــرنـاکــســت | جــمـع آمـده ریـزه هـای خــاکــســت |
| هان تـانشوی بـه صابـری سـسـت | گـوهـر بــه درنـگ مـی تــوان جـسـت |
| بــیـرای مـشـوی کـه مـرد بـی رای | بــی پــای بــود چــو کــرم بــی پــای |
| روبــــاه ز گـــرگ بـــهـــره زان بـــرد | کــــیــــن رای بــــزرگ دارد آن خــــرد |
| دل را بــه کـسـی چـه بــایـدت داد | کـــو نـــاوردت بــــه ســـالـــهـــا یـــاد |
| او بــی تـو چـو گـل تـو پـای در گـل | او ســنــگ دل و تــو ســنــگ بـــر دل |
| گــر بــا تــو حــدیــث او بــگــویــنــد | رســـوائی کـــار تــــو بــــجــــویـــنـــد |
| زهـریـســت بــه قـهـر نـفـس دادن | کـــــــژدم زده را کـــــــرفـــــــس دادن |
| مشـغـول شـو ای پـسـر بـه کـاری | تـــا بـــگــذری از چــنــیــن شــمــاری |
| هـنــدو ز چــه مــغــز پــیـل خــارد؟ | تـــا هــنــدوســـتـــان بـــه یــاد نـــارد |
| جـــانـــی و عـــزیــزتـــر ز جـــانــی | در خــانـه بــمــان کــه خــان و مـانـی |
| از کــوه گــرفــتـــنــت چــه خــیــزد | جـــــــز آب کـــــــه آن ز روی ریـــــــزد |
| هم سنگ درین رهست و هم چاه | مـــی دار ز هــر دو چـــشـــم بـــر راه |
| مسـتـیز که شحـنه در کمین است | زنــجــیـر مــبــر کــه آهــنــیـن اســت |
| تــو طــفــل رهـی و فــتــنـه رهـدار | شــمـشــیـر بــبــیـن و ســر نـگـه دار |
| پــیـش آر ز دوسـتــان تــنـی چـنـد | خـوش بـاش بـه رغـم دشـمـنی چـند |
| *** | |
| مـجــنـون بــه جــواب آن شــکـرریـز | بـــگـــشـــاد لــب طـــبـــرزد انــگــیــز |
| گـفــت ای فــلـک شــکــوه مـنـدی | بــــالـــاتـــرت از فـــلـــک بـــلـــنـــدی |
| شــــاه دمـــن و رئیـــس اطـــلـــال | روی عــرب از تــو عــنــبـــربـــن خــال |
| درگـــاه تـــو قـــبـــلــه ســـجـــودم | زنــــده بـــــه وجــــود تـــــو وجــــودم |
| خـواهم کـه همـیشـه زنـده مـانـی | خـــود بـــی تـــو مــبـــاد زنــدگــانــی |
| زیـن پــنــد خــزیـنــه ای کــه دادی | بــر ســوخــتــه مــرهــمــی نــهــادی |
| لـیـکـن چــه کـنـم مـن ســیـه روی | کــافــتــاده بــخــودنـیـم در ایـن کـوی |
| زیـن ره کـه نـه بــرقـرار خــویـشــم | دانــی نــه بـــاخـــتـــیــار خــویــشــم |
| مـن بـسـتـه و بـنـدم آهنـین اسـت | تـدبـیـر چـه سـود قـسـمـت اینـسـت |
| ایـن بــنـد بــه خـود گـشـاد نـتــوان | وایـــن بـــار زخـــود نـــهـــاد نـــتـــوان |
| تــنـهـا نـه مــنـم ســتــم رســیـده | کــودیـده کــه صــد چــو مــن نــدیـده |
| سـایـه نـه بــه خـود فـتــاد در چــاه | بــر اوج بــه خــویـشــتــن نـشـد مـاه |
| از پـــیـــکـــر پـــیـــل تـــا پــــرمـــور | کس نیست که نیست بر وی این زور |
| ســنـگ از دل تــنـگ مـن بــکــاهـد | دلـتــنـگـی خــویـشـتــن کـه خــواهـد |
| بـــخــت بـــد مــن مــرا بـــجـــویــد | بـــدبـــخــتــی را زخــود کــه شــویــد |
| گـر دسـت رسـی بـدی در ایـن راه | مـــن بــــودمـــی آفـــتـــاب یـــا مـــاه |
| چـون کـار بــه اخـتـیـار مـا نـیـسـت | بـــه کــردن کــار کــار مــا نــیــســـت |
| خــوشــدل نــزیـم مــن بــلــاکــش | وان کـیـســت کــه دارد او دل خــوش |
| چــون بــرق ز خـنـده لـب بــبــنـدم | تــرســم کــه بــســوزم ار بـــخــنــدم |
| گـــویــنــد مـــرا چـــرا نـــخـــنــدی | گــریــه اســـت نــشـــان دردمــنــدی |
| تــرسـم چــو نـشـاط خـنـده خـیـزد | ســــوز از دهـــنـــم بــــرون گـــریـــزد |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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