بــــه دیـــگـــر روز یـــوســــف بــــامـــدادانکـه شـد دلـهـا ز فـیـض صـبــح شـادانبـــه بـــر کـــرده لـــبــــاس شـــهـــریـــاریبــــرون آمـــد ب…
| بــــه دیـــگـــر روز یـــوســــف بــــامـــدادان | کـه شـد دلـهـا ز فـیـض صـبــح شـادان |
| بـــه بـــر کـــرده لـــبــــاس شـــهـــریـــاری | بــــرون آمـــد بــــه آهـــنـــگ ســـواری |
| چـــو پـــا در یـــک رکـــاب آورد جـــبـــریـــل | بـدو گـفـتـا مـکـن زیـن بـیـش تـعـجـیـل |
| امــان نــبـــود ز چـــرخ عـــمــر فـــرســـای | کــه ســایــد بــر رکــاب دیــگــرت پــای |
| عـــنـــان بـــگـــســـل ز آمـــال و امـــانــی | بــــکـــش پـــا از رکـــاب زنـــدگـــانـــی |
| چــو یـوسـف ایـن بــشـارت کـرد ازو گـوش | زشـادی شـد بـر او هسـتـی فـراموش |
| ز شــاهــی دامــن هــمــت بــرافــشــانــد | یــکـــی از وارثـــان مــلـــک را خـــوانــد |
| بـــه جـــای خـــود شـــه آن مــرز کـــردش | بـه خـصـلـت هـای نـیـک انـدرز کـردش |
| دگـــر گــفـــتـــا زلــیــخـــا را بـــخـــوانــیــد | بـــه مـــیــعـــاد وداع مـــن رســـانــیــد |
| بــگـفـتـنـد او بــه دسـت غـم زبــون اسـت | فـتــاده در مـیـان خــاک و خــون اسـت |
| نــــدارد طــــاقــــت ایـــن بــــار جــــانـــش | بــه کــار خــویـش بــگــذار آنـچــنـانـش |
| بـــگــفــتـــا تـــرســـم ایــن داغ غـــرامــت | بـــمـــانـــد بـــر دل او تـــا قـــیـــامـــت |
| بـــگــفـــتـــنــد ایــزدش خـــرســـنــد داراد | بــه خــرســنــدی قــوی پــیــونــد داراد |
| بـه کـف جـبــریـل حـاضـر داشـت سـیـبـی | کـه بـاغ خـلـد ازان مـی داشـت زیـبـی |
| چـو یوسـف را بـه دسـت آن سـیب بـنـهـاد | روان آن ســیــب را بــویـیـد و جــان داد |
| بـــلــی زان نــکــهــت بـــاغ بـــقــا یــافــت | ازان نـکـهت بـه سـوی بـاغ بـشـتـافـت |
| چـــو یــوســـف را ازان بـــو جـــان بـــرآمــد | ز جـــان حـــاضـــران افــغـــان بـــرآمــد |
| ز بــــس بــــالــــا گــــرفــــت آواز فــــریـــاد | صـــدا در گـــنـــبـــد فـــیــروزه افـــتـــاد |
| زلـیخـا گـفـت کـین شـور و فـغـان چـیسـت | پـر از غـوغـا زمـین و آسـمـان چـیسـت |
| بــدو گــفــتــنـد کــان شــاه جــوانــبــخــت | بـه سـوی تـخـتـه رو کرد از سـر تـخـت |
| وداع کـــلـــبــــه تــــنـــگ جــــهـــان کـــرد | وطـــن بـــر اوج کـــاخ لــا مــکــان کــرد |
| چـو بـشنید این سـخـن از خـویشـتـن رفت | فــروغ نــیــر هــوشـــش ز تـــن رفـــت |
| ز هــول ایــن حـــدیــث آن ســرو چـــالــاک | سه روز افتـاد همچـون سـایه بـر خـاک |
| چـــو چـــارم روز شــد زان خـــواب بـــیــدار | ســمــاع آن ز خــود بــردش دگــر بـــار |
| سه بار اینسان سه روز از خود همی رفت | بـه داغ سینه سـوز از خـود همی رفت |
| چـــهــارم روز چـــون آمــد بـــه خـــود بـــاز | ز یــوســف کــرد اول پـــرســـش آغــاز |
| نـه از وی بــر سـر بــســتــر نـشـان یـافـت | نـه تـابــوتـش بـه آن عـالـم روان یـافـت |
| جـــز ایــن از وی خـــبـــر بـــازش نـــدادنــد | کـه همـچـون گـنـج در خـاکـش نهادنـد |
| نـــخــــســــت از دور چــــرخ نـــامـــوافـــق | گـریـبــان چـاک زد چـون صـبــح صـادق |
| بــر آن آتــش کــه بــر دل داشــت پــنـهـان | رهــی بــگــشــاد از چــاک گــریــبـــان |
| ولـــی زان راه در جــــانـــش بــــه هـــر دم | فـزون گـشـت آتـش سـوزنـده نـی کـم |
| بــه نـاخــن رخــنـه هـا در روی مــی کــنـد | بــرای چـشـمـه خـور جــوی مـی کـنـد |
| بــه هـر جـویـی کـز آن چـشـمـه روان کـرد | ســمــن را جـــلــوه گــاه ارغــوان کــرد |
| شـد از نـاخـن بــه رخ گـلـگـون خــط افـکـن | چــو عـرق نـاخــنـه در چــشـم روشـن |
| بــه ســیـنـه از تــغــابــن ســنــگ مــی زد | طــپــانــچــه بــر رخ گــلــرنـگ مــی زد |
| ز سـیـم آنـجــا عـقـیـق تــر هـمـی رســت | وز این بـر لـالـه نـیـلـوفـر هـمـی رسـت |
| بـــه ســـوی فـــرق نــازک بـــرد پـــنــجـــه | ز زور پـــنــجــه آن را ســاخــت رنــجــه |
| ز ریـحــان سـرو بــسـتــان را ســبــک کـرد | بـه چـیدن سـنـبـلـسـتـان را تـنـک کـرد |
| ز دل نــوحـــه ز جـــان فــریــاد بـــرداشــت | فـغــان از ســیـنـه نـاشــاد بــرداشــت |
| کـــه یـــوســـف کـــو و تـــخـــت آرایـــی او | بــه مــحــتــاجــان کــرم فــرمــایــی او |
| چــو عـزمـش کـرد زیـن بــر بــارگـی تــنـگ | بــه مـلــک جــاودانـی داشــت آهـنـگ |
| ز بــس بــود انــدریــن رفــتــن شــتــابــش | نـکــردم پــایـبــوســی چــون رکــابــش |
| ازیــن کــاخ غــم افــزا چـــون بـــرون رفــت | نـبــودم در حــضــور او کـه چــون رفــت |
| ســرش بــنــهــاده بـــر بـــالــیــن نــدیــدم | خـویـش از صـفـحـه نـسـریـن نـچــیـدم |
| چـــو آمــد بـــر تـــن آن زخـــم درشــتـــش | نـکـردم سـیـنـه پـشـتـیـبــان پـشـتـش |
| چـو سـوی تــخـتـه بــرد از تــخـتـگـه رخـت | همایون بـخت شد زو تـخته چون تـخت |
| گـلاب از چـشـم اشـک افـشـان نجـسـتـم | بــه آن روشـن گـلـاب او را نـشـسـتــم |
| کــفــن چــون بـــر تــن او راســت کــردنــد | بـه تـکفینش نشست و خـاست کردند |
| نــکــردم رشــتـــه انــدوزی فــن خـــویــش | کـه تــا دوزم بــر او لـاغـر تــن خــویـش |
| چــو از غــم خــارهـا در دل شــکـســتــنـد | وز این سـر منزلـش مـحـمل بـبـسـتـند |
| زبـــــان پـــــر از نــــوای بـــــیــــنــــوایــــی | نـــکــــردم مــــحــــمــــل او را درایـــی |
| چــو جــای خــواب در خــاکــش گـشــادنـد | چـــو در پـــاک در خـــاکــش نــهــادنــد |
| زمـــیــن زیـــر بـــر و دوشـــش نـــرفـــتـــم | بــه کـام دل بــه آغـوشــش نـخــفـتــم |
| دریـــغــــا زیـــن زیــــانــــکــــاری دریـــغــــا | دریــغـــا زیــن جـــگــرخـــواری دریــغـــا |
| بـــیــا ای کــام جــان مــحــرومــیــم بــیــن | ز ظــلــم آســمـان مـظــلــومـیـم بــیـن |
| بـــــریــــدی از مــــن و یــــادم نــــکــــردی | بـــه دیــداری ز خــود شــادم نــکــردی |
| وفــــــادارا وفـــــاداری نـــــه ایـــــن بــــــود | بــه یــاران شــیـوه یـاری نــه ایـن بــود |
| مـــرا از دل بــــرون افـــکـــنـــدی و رفــــت | مـیـان خــاک و خــون افـکـنـدی و رفـت |
| عــجــب خــاری شــکــســتــی در دل مـن | کـــه بـــیــرون نــایــد الــا از گـــل مــن |
| نــه جـــایــی راه رفــتـــن کــرده ای ســـاز | کــز آنـجــا هـیـچــگـه آیـد کـســی بــاز |
| هـمـان بــهـتــر کــز ایـنـجــا پــر گــشــایـم | بـــه یــک پـــرواز کــردن ســویــت آیــم |
| بــگـفــت ایـن و عــمـاری دار را خــواســت | بــه روی خــود عـمـاری را بــیـاراســت |
| بـــه یــک جـــنـــبـــش ازان انــدوه خـــانــه | بــه رحــلــتــگــاه یـوســف شــد روانـه |
| نــدیــد آنــجـــا نــشــان زان گــوهــر پـــاک | بـه جـز خـرپـشـتـه ای از خـاک نمـناک |
| بــر آن خــرپــشــتــه آن خــورشــیـد پــایـه | بـه خـاک انداخـت خود را همچـو سایه |
| ز رخـــســـار چـــو خـــور در زر گــرفــتـــش | ز اشــک لــعــل در گــوهـر گــرفــتــش |
| گـهـی فـرقـش هـمـی بـوسـید و گـه پـای | فـغـان مـی زد ز دل کـای وای مـن وای |
| تـــو زیــر گــل چــو بـــیــخ گــل نــهــفــتــه | بـه بــالـا مـن چـو شـاخ گـل شـگـفـتـه |
| تــو زیـر خــاک مــنــزل کــرده چــون گــنــج | بــه روی خــاک مــن ابــر گــهـرســنـج |
| فــرو رفــتـــه تـــو هــمــچــون آب در خــاک | به بیرون مانده من چون خار و خاشاک |
| خــیــالــت مــوج خــون بـــر خــاک مــن زد | فـراقـت شــعـلـه در خــاشــاک مـن زد |
| زدی آتـــــش بـــــه خــــاشــــاک وجــــودم | ازان پــــیـــچـــان رود بــــر چـــرخ دودم |
| بـــه دود مــن کــســی نــگــشــاده دیــده | کــه نــی از دیـدگــان آبــش چــکــیـده |
| هـمــی نــالــیـد و هــر دم ســیـنــه چــاک | بـه صـد حـسـرت همی مالید بـر خـاک |
| چــو درد و حــسـرتــش از حــد بــرون شـد | بـه رسـم خـاکـبـوسـی سـرنگون شـد |
| بــه چــشــمـان خــود انـگــشــتــان درآورد | دو نــرگــس را ز نــرگــســـدان بـــرآورد |
| بـــه خـــاک وی فــکــنــد از کــاســه ســـر | کـه نـرگـس کـاشـتـن در خـاک بــهـتــر |
| چــو بــاشــد از گــل رویــت جــدا چــشــم | چـه کـار آید درین بـسـتـان مرا چـشـم |
| بــود رســم مــصــیــبــت بــیـن مــبــهــوت | ســیـه بــادام افـشــانـدن بــه تــابــوت |
| چـو آن مـسـکـیـن ز تــابــوتــش جـدا مـانـد | دو بــادام سـیـه بــر خـاکـش افـشـانـد |
| بـــه خـــاکــش روی خــون آلــود بـــنــهــاد | بـه مسـکینی زمین بـوسید و جـان داد |
| خـوش آن عـاشـق کـه چـون جـانش بـرآید | بـــه بـــوی وصــل جــانــانــش بـــرآیــد |
| حـــریــفـــان حـــال او را چـــون بـــدیــدنــد | فــغــان و نـالـه بــر گـردون کـشــیـدنـد |
| هـر آن نــوحــه کــه بــهـر یـوســف او کــرد | هـمـی کـردنـد بــر وی بــا دو صــد درد |
| هــمــی کـــردنــد نــوحـــه نــوحـــه گــر را | بــه ســان نـوحــه گـر آن ســیـمـبــر را |
| چــو ســاز نـوحــه را آهـنـگ شـد پــســت | نـوردیـدنـد بــهـر شـســتــنـش دســت |
| بـــشــســتـــنــدش ز دیــده اشــکــبـــاران | چـــو بــــرگ گـــل ز بــــاران بـــهـــاران |
| بـه سـان غـنـچـه کـز شـاخ سـمـن رسـت | بــر او کـردنـد زنـگـاری کـفـن چــســت |
| ز گـــرد فــــرقـــتــــش رخ پــــاک کـــردنـــد | بــه جـنـب یـوسـفـش در خـاک کـردنـد |
| نــدیـده هـرگــز ایـن دولــت کــس از مــرگ | کـه یابـد صـحـبـت جـانان پـس از مـرگ |
| ولــی دانــای ایــن شـــیــریــن حـــکــایــت | کـــه دارد از کـــهـــن پـــیـــران روایـــت |
| چــنـیـن گـویـد کـه بــا هـر جــانـب از نـیـل | که جـسـم پـاک یوسـف یافـت تـحـویل |
| بــه دیـگـر جـانـبــش قـحـط و وبــا خـاسـت | بــه جـای نـعـمـت انـواع بــلـا خـاسـت |
| بـــــر ایــــن آخـــــر قـــــرار کـــــار دادنـــــد | کـه در تــابــوتـی از سـنـگـش نـهـادنـد |
| شـــکــاف ســـنــگ قــیــر انــدای کــردنــد | مــیـان قــعــر نــیـلــش جــای کــردنــد |
| بــبــیـن حــیـلـه کــه چــرخ بــی وفــا کــرد | کـه بـعـد از مرگش از یوسـف جـدا کـرد |
| نمی دانم کـه بـا ایشـان چـه کـین داشـت | کـه زیـر خـاکـشـان آسـوده نـگـذاشـت |
| یــکــی شـــد غـــرق بـــحـــر آشـــنــایــی | یـکــی لــب تــشــنــه در بــر جــدایـی |
| چـه خوش گفت آن قدم فرسوده در عشق | ز هـر ســود و زیـان آسـوده در عـشـق |
| کـه عـشـق آنـجــا کـه بــاشــد گـرم بــازار | نـــدارد هـــیــچ بـــا آســـودگـــی کـــار |
| کـفــن بــر عــاشــق از وی چــاک بــاشــد | اگـر خــود خــفـتــه زیـر خــاک بــاشــد |
| خوش آن عاشق که در هجـران چـنین مرد | بـه خـلـوتـگـاه جـانـان جـان چـنـین بـرد |
| نـگـویـد کــس کــه مـردی در کــفــن رفــت | بــدیـن مـردانـگـی کـان شــیـرزن رفـت |
| نـخــســت از غــیـر جــانـان دیـده بــر کـنـد | وز آن پـس نقـد جـان بـر خـاکش افـکند |
| هــزاران فــیــض بـــر جــان و تـــنــش بـــاد | بــه جــانـان دیـده جـان روشـنـش بــاد |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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