مـجـنـون چـو شـنـید پـنـد خـویشـاناز تــلــخــی پــنــد شــد پــریـشــانزد دســــت و دریـــد پــــیـــرهـــن راکـایـن مـرده چـه مـی کـنـد کـفـن راآن ک…
| مـجـنـون چـو شـنـید پـنـد خـویشـان | از تــلــخــی پــنــد شــد پــریـشــان |
| زد دســــت و دریـــد پــــیـــرهـــن را | کـایـن مـرده چـه مـی کـنـد کـفـن را |
| آن کـز دو جــهـان بــرون زنـد تــخـت | در پــیـرهـنـی کــجــا کـشــد رخــت |
| چــــــون وامــــــق از آرزوی عــــــذرا | گــه کــوه گــرفـــت و گــاه صـــحـــرا |
| تــرکـانـه ز خــانـه رخــت بــربــسـت | در کــوچــگــه رحــیـل بــنـشــســت |
| دراعـــه دریـــد و درع مـــی دوخـــت | زنـجـیـر بــریـد و بــنـد مـی سـوخـت |
| مـی گـشــت ز دور چــون غــریـبــان | دامـــن بــــدریـــده تـــا گـــریـــبــــان |
| بـر کـشـتـن خـویـش گـشـتـه والـی | لـــاحــــول ازو بــــه هـــر حـــوالـــی |
| دیـوانـه صـفـت شــده بــه هـر کـوی | لـیـلـی لـیـلـی زنـان بــه هـر سـوی |
| احــــرام دریـــده ســــر گــــشــــاده | در کـــوی مـــلـــامـــت او فــــتــــاده |
| بـا نـیک و بـدی کـه بـود در سـاخـت | نـیـک از بـد و بـد ز نـیک نـشـنـاخـت |
| مــی خــوانــد نـشــیـد مــهـربــانـی | بـــر شـــوق ســـتـــاره یـــمـــانـــی |
| هــر بـــیــت کـــه آمـــد از زبـــانــش | بــــر یـــاد گـــرفـــت ایـــن و آتــــش |
| حـیران شـده هـر کـسـی در آن پـی | مـی دیـد و هـمـی گـریسـت بـر وی |
| او فــارغ از آنـکــه مـردمـی هـســت | یـا بـر حـرفـش کـسـی نـهـد دسـت |
| حـــرف از ورق جـــهـــان ســـتـــرده | مـــی بـــود نــه زنـــده و نــه مـــرده |
| بــر سـنـگ فـتــاده خــوار چــون گـل | ســـنــگ دگـــرش فـــتـــاده بـــر دل |
| صــافــی تــن او چــو درد گــشــتــه | در زیــر دو ســنــگ خــرد گــشــتــه |
| چــون شــمــع جــگــر گــداز مــانـده | یــا مـــرغ ز جـــفـــت بـــاز مـــانـــده |
| در دل هــــمـــــه داغ دردنــــاکـــــی | بـــر چــهــره غــبـــارهــای خــاکــی |
| چــون مـانـده شـد از عـذاب و انـدوه | ســجــاده بــرون فــکــنــد از انــبــوه |
| بـنشـسـت و بـه هایهای بـگریسـت | کـاوخ چــکـنـم دوای مـن چــیـســت |
| آواره ز خــــان و مــــان چــــنــــانـــم | کـــز کــوی بـــه خـــانــه ره نــدانــم |
| نـــه بـــر در دیــر خـــود پـــنـــاهــی | نــه بــر ســر کــوی دوســت راهـی |
| قــرابـــه نــام و شـــیــشـــه نــنــگ | افـتـاد و شـکـسـت بــر سـر سـنـگ |
| شـــد طــبـــل بـــشـــارتـــم دریــده | مــن طــبــل رحــیــل بــرکــشــیــده |
| تـــرکــی کــه شــکــار لــنــگ اویــم | آمــــاجـــــگــــه خـــــدنــــگ اویــــم |
| یــاری کــه ز جــان مــطــیــعــم او را | در دادن جــــان شـــفـــیـــعـــم او را |
| گـر مـســتــم خــوانـد یـار مـســتــم | ور شــیـفـتــه گـفـت نـیـز هـســتــم |
| چـون شـیفتـگی و مسـتـیم هسـت | در شـیفـتـه دل مـجـوی و در مسـت |
| آشــفـتــه چــنـان نـیـم بــه تــقـدیـر | کـاســوده شـوم بــه هـیـچ زنـجــیـر |
| ویـران نـه چــنـان شــد اســت کـارم | کــابـــادی خـــویــش چـــشــم دارم |
| ای کــاش کــه بـــر مــن اوفــتـــادی | خـــاکــی کـــه مــرا بـــه بـــاد دادی |
| یـا صــاعــقــه ای درآمـدی ســخــت | هـم خـانـه بـسـوخـتـی و هم رخـت |
| کــس نـیـســت کـه آتــشــی در آرد | دود از مــــن و جــــان مــــن بــــرآرد |
| انــــــدازد در دم نـــــهـــــنـــــگــــــم | تـــا بـــاز رهــد جـــهــان ز نــنــگـــم |
| از نـــاخـــلـــفـــی کـــه در زمـــانـــم | دیـــوانـــه خـــلـــق و دیـــو خـــانـــم |
| خــویـشــان مــرا ز خــوی مــن خــار | یــــاران مـــــرا ز نــــام مــــن عـــــار |
| خــونــریــز مــن خـــراب خـــســتـــه | هـســت از دیـت و قـصـاص رسـتــه |
| ای هـم نــفــســان مــجــلــس ورود | بـــدرود شـــویــد جـــمــلــه بـــدرود |
| کان شـیشـه می که بـود در دسـت | افـتـاده شـد آبــگـیـنـه بــشـکـسـت |
| گــر در رهـم آبــگــیـنــه شــد خــورد | ســـیــل آمــد و آبـــگــیــنــه را بـــرد |
| تــا هـر کــه بــه مـن رســیـد رایـش | نـــازارد از آبــــگــــیـــنـــه پــــایـــش |
| ای بــــی خــــبــــران ز درد و آهــــم | خـــیــزیــد و رهـــا کـــنـــیــد راهـــم |
| مــن گــم شــده ام مــرا مــجــوئیــد | بــا گـم شــدگـان ســخــن مـگـوئیـد |
| تــا کــی ســتــم و جــفــا کــنــیـدم | بــا مــحــنــت خــود رهــا کــنــیــدم |
| بـــیــرون مــکـــنــیــد از ایــن دیــارم | مــن خــود بــه گــریـخــتــن ســوارم |
| از پـــای فــتـــاده ام چــه تـــدبـــیــر | ای دوســت بــیـا و دسـت مـن گـیـر |
| این خـسـتـه که دل سـپـرده تـست | زنـده بــه تــوبــه کـه مـرده تــســت |
| بــنــواز بــه لــطــف یــک ســلــامــم | جــان تــازه نــمــا بــه یـک پــیــامــم |
| دیــوانــه مــنــم بـــه رای و تــدبــیــر | در گــردن تـــو چــراســت زنــجـــیــر |
| در گــردن خـــود رســن مــیــفــکــن | مـن بــه بــاشــم رســن بــه گــردن |
| زلــف تــو دریـد هـر چــه دل دوخــت | ایــن پـــرده دری ورا کـــه آمــوخـــت |
| دل بـــردن زلــف تـــو نــه زور اســت | او هـــنـــدو و روزگـــار کـــور اســـت |
| کـــاری بـــکـــن ای نــشـــان کـــارم | زیــن چـــه کــه فــرو شـــدم بـــرآرم |
| یـا دســت بــگـیـر از ایـن فـسـوسـم | یـــا پـــای بــــدار تـــا بــــبــــوســـم |
| بــی کـار نـمـی تــوان نـشــســتــن | در کـنـج خـطـاسـت دسـت بـسـتـن |
| بـی رحـمتـم این چـنین چـه مـاندی | (ارحــم تــرحــم) مــگــر نــخــوانـدی |
| آســــوده کــــه رنــــج بـــــر نــــدارد | از رنـــــجـــــوران خـــــبـــــر نـــــدارد |
| سـیری کـه بـه گـرسـنـه نـهد خـوان | خــردک شـکـنـد بــه کـاسـه در نـان |
| آن راســـت خـــبـــر از آتـــش گـــرم | کــــو دســــت درو زنــــد بــــی آزرم |
| ای هــم مــن و هــم تـــو آدمــیــزاد | من خـار خـسـک تـو شـاخ شمشاد |
| زرنــیـخ چــو زر کــجــا عــزیـز اســت | زان یک من ازین بـه یک پشیز است |
| ای راحـــت جــــان مـــن کـــجـــائی | در بـــــردن جـــــان مــــن چـــــرائی |
| جــرم دل عـذر خـواه مـن چــیـسـت | جـز دوسـتـیـت گـنـاه مـن چـیـسـت |
| یـکــشــب ز هـزار شــب مــرا بــاش | یــک رای صــواب گــو خــطــا بـــاش |
| گــردن مــکــش از رضــای ایــنــکــار | در گــردن مــن خـــطـــای ایــنــکـــار |
| این کـم زده را کـه نـام کـم نـیـسـت | آزرم تـو هـسـت هـیـچ غـم نـیسـت |
| صـفـرای تـو گـر مشـام سـوز اسـت | لــطــفــت ز پـــی کــدام روز اســـت |
| گـر خــشــم تــو آتــشــی زنـد تــیـز | آبـــی ز ســرشــک مــن بـــر او ریــز |
| ای مـــــاه نــــوم ســـــتـــــاره تـــــو | مـــن شـــیـــفـــتـــه نـــظـــاره تــــو |
| بـــه گــر بـــه تــوام نــمــی نــوازنــد | کــاشــفــتــه و مــاه نــو نــســازنــد |
| از ســایـه نــشــان تــو نــه پــرســم | کـز سـایه خـویشـتـن مـی بـتـرسـم |
| مــن کـــار تـــرا بـــه ســـایــه دیــده | تـــو ســـایــه ز کـــار مـــن بـــریـــده |
| بردی دل و جانم این چه شور است | این بـازی نـیسـت دسـت زور اسـت |
| از حــــاصــــل تــــو کــــه نــــام دارم | بــــی حــــاصــــلـــی تــــمـــام دارم |
| بـر وصـل تـو گـرچـه نیسـت دسـتـم | غـم نـیسـت چـو بـر امـیـد هـسـتـم |
| گـر بــیـنـد طـفـل تــشـنـه در خـواب | کــورا بـــه ســـبـــوی زر دهــنــد آب |
| لـیـکـن چــو ز خــواب خــوش بــرایـد | انــگــشــت ز تــشــنـگــی بــخــایـد |
| پــایـم چــو دولـام خــم پــذیـر اسـت | دسـتـم چـو دو یا شـکنج گیر اسـت |
| نــــام تـــــو مـــــرا چـــــو نــــام دارد | کـــــو نـــــیــــز دویــــا دولـــــام دارد |
| عـشـق تــو ز دل نـهـادنـی نـیـسـت | وین راز بـه کـس گـشـادنـی نیسـت |
| بــا شـیـر بــه تــن فـرو شـد ایـن راز | بـــا جــان بـــه در آیــد از تــنــم بـــاز |
| ایـن گـفــت و فـتــاد بــر ســر خــاک | نــظـــارگــیــان شـــدنــد غــمــنــاک |
| گـشـتــنـد بــه لـطـف چـاره سـازش | بــردنــد بــه ســوی خــانــه بـــازش |
| عشـقی که نه عشق جـاودانیسـت | بــازیــچــه شــهــوت جــوانــیـســت |
| عـشــق آن بــاشــد کـه کـم نـگـردد | تـــا بـــاشـــد از ایــن قــدم نــگــردد |
| آن عـشـق نه سـرسـری خـیالسـت | کــــورا ابــــد الــــابــــد زوالـــســــت |
| مـجـنون کـه بـلـند نـام عـشـقـسـت | از مـعــرفــت تــمـام عــشــقــســت |
| تــا زنـده بــه عـشـق بــارکـش بــود | چون گل به نسیم عشق خوش بود |
| واکـنـون کـه گـلـش رحـیل یـابـسـت | این قـطـره کـه مـانـد ازو گـلـابـسـت |
| مـن نـیـز بــدان گـلـاب خــوشــبــوی | خـوش می کنم آب خود درین جـوی |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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