ســـازنـــده ارغـــنــون ایــن ســـازاز پــــرده چــــنــــیـــن بــــرآرد آوازکــان مــرغ بـــه کــام نــارســیــدهاز نــوفــلــیــان چــو شــد بــری…
| ســـازنـــده ارغـــنــون ایــن ســـاز | از پــــرده چــــنــــیـــن بــــرآرد آواز |
| کــان مــرغ بـــه کــام نــارســیــده | از نــوفــلــیــان چــو شــد بــریــده |
| طـــیـــاره تـــنـــد را شـــتــــابــــان | مــی رانــد چــو بـــاد در بــیــابــان |
| مـی خــوانـد ســرود بــی وفــائی | بــــر نـــوفـــل و آن خـــلـــاف رائی |
| بـــا هـــر دمـــنـــی از آن ولـــایــت | مـی کـرد ز بــخــت بــد شـکـایـت |
| مـی رفـت سـرشـک ریـز و رنـجـور | انـــداخـــتــــه دیـــد دامـــی از دور |
| در دام فـــتـــاده آهـــوئی چـــنـــد | محـکم شده دسـت و پـای در بـند |
| صــیـاد بــدیـن طــمـع کــه خــیـزد | خــــون از تــــن آهـــوان بــــریـــزد |
| مجـنون بـه شـفاعت اسـب را راند | صـــیــاد ســـوار دیــد و درمـــانـــد |
| گــفــتــا کــه بــه رســم دامـیـاری | مــهــمــان تــوام بـــدانــچــه داری |
| دام از ســــر آهـــوان جــــدا کـــن | ایـن یــک دو رمــیــده را رهــا کــن |
| بــیـجــان چـه کـنـی رمـیـده ای را | جــانــیــســت هــر آفــریــده ای را |
| چـشمی و سرینی اینچـنین خوب | بـر هر دو نـبـشـتـه غـیر مـغـضـوب |
| دل چـون دهـدت کـه بـر سـتـیـزی | خــون دو ســه بــیـگــنــه بــریـزی |
| آن کس که نه آدمیسـت گرگسـت | آهـو کـشــی آهـوئی بــزرگـســت |
| چـشـمش نه بـه چـشـم یار ماند؟ | رویـش نــه بــه نــوبــهــار مــانــد؟ |
| بــگــذار بــه حــق چــشــم یـارش | بـــنـــواز بـــه بــــاد نـــوبـــهـــارش |
| گـردن مزنش کـه بـی وفـا نیسـت | در گــردن او رســن روا نــیــســت |
| آن گـــــردن طـــــوق بـــــنــــد آزاد | افــســوس بــود بــه تــیـغ پــولــاد |
| وان چـشـم سـیاه سـرمـه سـوده | در خـــاک خـــطـــا بـــود غـــنــوده |
| وان سینه که رشک سیم نابست | نـه در خــور آتــش و کـبــابــســت |
| وان ســـاده ســـریـــن نـــازپـــرورد | دانی که بـه زخـم نیست در خورد |
| وان نـافــه کــه مــشــک نـاب دارد | خــون ریــخــتـــنــش چــه آب دارد |
| وان پـــای لــطـــیــف خـــیــزرانــی | درخـورد شـکـنـجـه نـیسـت دانـی |
| وان پـشـت که بـار کـس نسـنجـد | بــر پــشـت زمـیـن زنـی بــرنـجــد |
| صــیـاد بــدان نـشــیـد کـو خــوانـد | انـگـشـت گـرفـتــه در دهـن مـانـد |
| گـفـتــا سـخـن تـو کـردمـی گـوش | گـر فــقــر نـبــودمـی هـم آغــوش |
| نـخـجـیر دو مـاهـه قـیدم اینـسـت | یک خـانـه عـیال و صـیدم اینـسـت |
| صـــیـــاد بـــدیــن نـــیــازمـــنـــدی | آزادی صــیــد چـــون پـــســـنــدی |
| گــر بــر ســر صــیــد ســایـه داری | جــان بــازخــرش کــه مــایـه داری |
| مجـنون بـه جـواب آن تـهی دسـت | از مرکب خـود سـبـک فـروجـسـت |
| آهـــو تـــک خـــویــش را بـــدو داد | تـــــا گــــردن آهــــوان شـــــد آزاد |
| او مــانــد و یـکــی دو آهـوی خــرد | صــیــاد بـــرفــت و بـــارگــی بـــرد |
| می داد ز دوسـتـی نه زافـسـوس | بــر چــشـم ســیـاه آهـوان بــوس |
| کاین چـشم اگرنه چشم یار است | زان چــشـم سـیـاه یـادگـار اسـت |
| بـــســـیــار بـــر آهــوان دعـــا کــد | وانــگــاه ز دامــشـــان رهــا کـــرد |
| رفــت از پــس آهــوان شــتــابـــان | فـــریــاد کـــنــان در آن بـــیــابـــان |
| بــی کـیـنـه وری سـلـاح بــسـتــه | چون گل بـه سلاح خویش خستـه |
| در مـرحــلـه هـای ریـگ جــوشـان | گشتـه ز تـبـش چـو دیگ جـوشان |
| از دل بـــــه هــــوا بـــــخـــــار داده | خـــارا و قـــصـــب بــــه خـــار داده |
| شـب چـون قـصـب سـیاه پـوشـید | خـورشـیـد قـصـب ز مـاه پــوشـیـد |
| آن شـــیــفـــتـــه مــه حـــصـــاری | چــون تــار قــصــب شــد از نـزاری |
| زانسـان که بـه هیچ جـستـجـوئی | فــرقــش نـکـنـد کـســی ز مـوئی |
| شـب چــون سـر زلـف یـار تــاریـک | ره چــون تــن دوســتـــار بـــاریــک |
| شــد نــوحــه کــنــان درون غــاری | چــون مـار گــزیـده ســوســمـاری |
| از بــحــر دو دیـده گـوهـر افـشـانـد | بـنشـسـت ز پـای و موج بـنشـاند |
| پــیـچـیـد چـنـانـکـه بــر زمـیـن مـار | یـا بــر ســر آتــش افــکــنـی خــار |
| تــــا روز نـــخــــفـــت از آه کـــردن | وز نـامـه چــو شـب ســیـاه کـردن |
| *** | |
| چــون صــبــح بــه فــال نـیـکـروزی | بــــرزد عـــلـــم جـــهـــان فـــروزی |
| ابــروی حــبــش بــه چــیـن درآمـد | کــایـیـنــه چــیـن ز چــیـن بــرآمــد |
| آن آیـــنـــه خــــیـــال در چــــنـــگ | چــون آیــنــه بــود لــیــک در زنــگ |
| بــرخـاسـت چـنـانـکـه دود از آتـش | چــون دود عـبــیـر بــوی او خــوش |
| ره پــیـش گـرفــت بــیـت خــوانـان | بــرداشــتــه بــانــک مــهـربــانــان |
| نــاگـــاه رســـیــد در مـــقـــامـــی | انـــداخـــتــــه دیـــد بــــاز دامـــی |
| در دام گـــــوزنـــــی اوفـــــتـــــاده | گـــردن ز رســـن بـــه تـــیـــغ داده |
| صـــیــاد بـــران گـــوزن گـــلــرنــگ | آورده چــو شــیــر شــرزه آهــنــگ |
| تــا بــی گــهـنــیـش خــون بــریـزد | خـونـی کـه چـنـین از او چـه خـیزد |
| مـجـنـون چـو رسـیـد پـیـش صـیـاد | بــگـشـاد زبــان چــو نـیـش فـصـاد |
| کای چـون سـگ ظالمان زبـون گیر | دام از ســر عــاجــزان بــرون گــیـر |
| بــگــذار کــه ایـن اســیــر بــنــدی | روزی دو کــنــد نــشـــاط مــنــدی |
| زیـن جــفــتــه خــون کـرانـه گـیـرد | بــا جــفــت خــود آشــیـانـه گـیـرد |
| آن جـفـت کـه امـشـبــش نـجـویـد | از گـم شــدنـش تــرا چــه گـویـد؟ |
| کــای آنـکــه تــرا ز مـن جــدا کــرد | مأخـــوذ مــبـــاد جـــز بـــدیــن درد |
| صــیــاد تــو روز خــوش مــبــیـنــاد | یـعـنـی کـه بـه روز مـن نـشـیـنـاد |
| گـــر تـــرســـی از آه دردمـــنـــدان | بــرکــن ز چــنـیـن شــکــار دنــدان |
| رای تــو چـه کـردی ار بــه تــقـدیـر | نـخـجـیر گـر او شـدی تـو نـخـجـیر |
| شــکـرانـه ایـن چــه مـی پــذیـری | کـو صـیـد شــد و تــو صـیـدگـیـری |
| صــیــاد بـــدیــن ســخـــن گــزاری | شـــد دور ز خـــون آن شـــکـــاری |
| گــفــتــا نـکــنـم هـلــاک جــانــش | امـــا نـــدهـــم بـــه رایــگـــانـــش |
| وجـه خـورش من این شکار اسـت | گـر بــازخــریـش وقـت کـار اســت |
| مـجـنون همه سـاز و آلـت خـویش | بــرکـنـد و سـبــک نـهـاد در پـیـش |
| صـیـاد سـلـیـح و ســاز بــرداشـت | صیدی سـره دید و صید بـگذاشت |
| مـجـنـون سـوی آن شـکـار دلـبـنـد | آمـد چــو پــدر بــه ســوی فــرزنـد |
| مـالـیـد بـر او چـو دوسـتـان دسـت | هرجا که شکستـه دیدمی بـست |
| سـر تـا پــایـش بــه کـف بــخـاریـد | زو گـــرد وز دیــده اشـــک بـــاریــد |
| گـفـت ای ز رفـیق خـویـشـتـن دور | تـو نـیز چـو مـن ز دوسـت مـهجـور |
| ای پـــیــشــرو ســـپـــاه صــحـــرا | خـــرگــاه نــشــیــن کــوه خــضــرا |
| بــــوی تـــو ز دوســـت یـــادگـــارم | چــشــم تــو نـظـیـر چــشـم یـارم |
| در ســایــه جــفــت بـــاد جـــایــت | وز دام گـــشــــاده بــــاد پــــایـــت |
| دنــــــدان تــــــو از دهـــــانـــــه زر | هــم در صــدف لــب تــو بـــهــتـــر |
| چــرم تــو کــه ســازمـنـد زه شــد | هــم بــر زه جــامــه تــو بــه شــد |
| اشـک تـو اگـر چـه هـسـت تـریاک | نـاریـخـتــه بــه چــو زهـر بــرخـاک |
| ای ســیـنـه گـشــای گـردن افــراز | در سـوخـتــه سـیـنـه ای بــپــرداز |
| دانم که در این حـصـار سـربـسـت | زان مـاه حـصـاریـت خـبــر هـسـت |
| وقـتــی کـه چـرا کـنـی در آن بــوم | حــال دل مـن کــنـیـش مــعــلــوم |
| کـی مـانـده بــه کـام دشــمـنـانـم | چـونـان کـه بــخـواهـی آنـچــنـانـم |
| تــو دور و مــن از تــو نـیـز هـم دور | رنــجــور مــن و تــو نــیــز رنــجــور |
| پــیـری نــه کــه در مــیـانـه افــتــد | تــیـری نـه کـه بــر نـشـانـه افـتــد |
| بـــادی کـــه نـــدارد از تـــو بـــوئی | نــامــش نــبــرم بــه هــیــچ روئی |
| یــــادی کــــه ز تــــو اثــــر نــــدارد | بــــر خـــاطـــر مـــن گـــذر نـــدارد |
| زینگـونه یکـی نه بـلکـه صـد بـیش | می گفت به حسب حالت خویش |
| از پـــای گــوزن بـــنــد بـــگــشــاد | چـشـمـش بـوسـیـد و کـردش آزاد |
| چــــون رفــــت گــــوزن دام دیـــده | زان بـــقــعــه روان شــد آرمــیــده |
| سـیـاره شـب چــو بــر ســر چــاه | یـوســف روئی خــریـد چــون مــاه |
| از انـــجـــمـــن رصـــد فـــروشـــان | شـد مصـر فلک چـو نیک جـوشـان |
| آن مـیـل کـشـیـده مـیـل بـر مـیـل | مـی رفـت چـو نـیل جـامـه در نـیل |
| چـنـدان کـه زبــان بـه در کـنـد مـار | یــا مـــرغ زنــد بـــه آب مـــنــقـــار |
| نــاســـوده چـــو مـــار بـــر دریــده | نــغــنــوده چــو مــرغ پــر بـــریــده |
| مـــغـــزش ز حـــرارت دمـــاغـــش | ســوزنــده چــو روغــن چــراغــش |
| گر خـود بـه مثـل چـو شـمع مردی | پــهـلـو بــه سـوی زمـیـن نـبــردی |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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