بـــرآتـــش مـــیـــاور کـــه کـــیــن آوردســکــاهــن بــر آهــن کــمــیــن آورداگـر سـهـم شـیـری بــیـفـتــد ز شـیـرحــرون اسـتــری مـغـزش آرد بــه …
| بـــرآتـــش مـــیـــاور کـــه کـــیــن آورد | ســکــاهــن بــر آهــن کــمــیــن آورد |
| اگـر سـهـم شـیـری بــیـفـتــد ز شـیـر | حــرون اسـتــری مـغـزش آرد بــه ریـز |
| بــه نـامـوس شـایـد جــهـان داشـتــن | و زان جــاســت رایـت بــرافـراشــتــن |
| بـــرون آرش از دعـــوی هــمـــســـری | کـــزیــن پـــایــه دارا کــنــد ســـروری |
| هـر آن جــو کـه بــا زر بــود هـم عـیـار | بـــه نــرخ زر آرنــدش انــدر شـــمـــار |
| بـــســا شــیــر درنــده ســهــمــنــاک | کــه از نـوک خــاری درآیـد بــه خــاک |
| چــو بــا کــژدمـی گـرم کـیـنـی کـنـی | مـبـین خـردش ار خـرده بـینـی کـنـی |
| بــیـنــدیــش از آن پــشــه نــیــش دار | کـه نـمـرود را گـفـت ســر پــیـش دار |
| جـهان آن کـسـی راسـت کـاندر نـبـرد | پــی مـرد بــگـذاشـت بــر هـیـچ مـرد |
| گـرسـنـه چــو بــا سـیـر خـایـد کـبــاب | بــه فـربــه تـریـن زخـمـی آرد شـتـاب |
| نـه بــیـگـانـه گـر هـســت فــرزنـد وزن | چـو هم جـامه گردد شـود جـامه کـن |
| چـو شـد جـامـه بـر قـد فـرزنـد راسـت | نـبــایـد دگـر مـهـر فــرزنـد خــواســت |
| چـــو بـــالـــا بـــرآرد گـــیــاه بـــلـــنـــد | سـهـی سـرو را بــاشـد از وی گـزنـد |
| ز پــنــد بـــزرگــان نــبـــایــد گــذشــت | ســخــن را ورق در نــبــایـد نــوشــت |
| کـــه چــــون آزمـــوده شــــود روزگـــار | بــــه یـــاد آیـــدت پــــنـــد آمـــوزگـــار |
| سـگـالـش گـری کـو نـصـیحـت شـنـید | در چــــاره را در کــــف آرد کــــلـــیـــد |
| شــه ار پــنـد آن پــیـر پــالــوده مــغــز | هـراســان شــد از کـار آن پــای لـغــز |
| ولــیــکــن نــکــشـــت آتـــش گــرم را | بــه ســر کــوچــکــی داشــت آزرم را |
| شــد از گــفــتــه رایـزن خــشــمـنـاک | بــپــیـچـیـد چــون مـار بــر روی خـاک |
| گـــره بـــرزد ابـــروی پـــیــوســـتـــه را | گـشـاد از گـره چـشـم در بــسـتـه را |
| درو دیــــد چـــــون اژدهــــا در گــــوزن | به چشمی که دور افتد از سنگ وزن |
| کـه در مـن چــه نـرم آهـنـی دیـده ای | کــه پـــولــاد او را پـــســـنــدیــده ای |
| نــمـــائی بـــه مــن مــردی اهــل روم | ره کـــوه آتــــش بــــرآری بــــه مـــوم |
| عـقـابـان بـه بـازی و کبـکـان بـه چـنگ | ســـر بــــازبـــازان درآرد بـــه نـــنـــگ |
| چــه بــنـدم کـمـر در مـصـاف کـســی | که دارم کمر بـسـتـه چـون او بـسـی |
| دلــیــری کــنــد بـــا مــن آن نــادلــیــر | چــو گـور گــرازنـده بــا شــرزه شــیـر |
| ســرش لـیـکـن آنـگـه در آیـد ز خــواب | که شیر از تـنش خـورده بـاشد کبـاب |
| بـــود خـــایــه مــرغ ســخــت و گــران | نـه بــا پــتــک و خـایـسـک آهـنـگـران |
| کـه دانـسـت کـیـن کـودک خــردسـال | شـود بــا بـزرگـان چـنـیـن بــدسـگـال |
| بـــه اول قــدح دردی آرد بـــه پـــیــش | گـذارد شـکـوه مـن و شــرم خــویـش |
| بــخــود نـنــگ را رهـنــمــونـی کــنــم | کــه پــیـش زبــونــان زبــونــی کــنــم |
| اگــر خــود شــود غــرقــه در زهـر مـار | نــخــواهــد نــهــنــگ از وزغ زیـنــهــار |
| ز رومــی کــجــا خــیـزد آن دســت زور | کـه کـشـتــی بــرون رانـد از آب شـور |
| بـــشـــورانــد اورنــگ خـــورشـــیــد را | تــمــنــا کــنــد جــای جــمــشــیـد را |
| بــــه تــــاراج ایـــران بــــرآرد عــــلــــم | بــرد تــخـت کـیـخـسـرو و جــام جــم |
| شــکــوه کــیــان بــیـش بــایـد نــهــاد | قــدم در خــور خــویـش بــایـد نــهــاد |
| ســگ کــیــســت روبــاه نــا زورمــنــد | کــه شــیـر ژیــان را رســانــد گــزنــد |
| ز شـــیـــران بــــود روبــــهـــان را نـــوا | نــخــنــدد زمــیــن تــا نــگــریــد هــوا |
| تــهـی دســت کــو مــایـه داری کــنـد | چـو لـنـگـی اسـت کـو راهـواری کـنـد |
| تـو خـود نیک دانی کـه بـا این شـکـوه | ز یـک طــفـل رومـی نـیـایـم ســتــوه |
| بــه دسـت غـلـامـان مـسـتــش دهـم | بـه چـوب شـبـانان شـکسـتـش دهم |
| هـزبــری کــه از ســگ زبــونـی کــنــد | خـــر پـــیــر بـــا او حـــرونــی کـــنـــد |
| عــقــابــی کـه از پــشــه گـیـرد گـریـز | گـر افـتـادنـش هـسـت گـو بـر مـخـیز |
| پــلـنـگــی کــه تــرســد ز روبــاه پــیـر | بــشـوراد مـغـزش بــه سـرسـام تـیـر |
| بـــبــیــنــی کــه فــردا مــن پــیــل زور | سرش چـون سـپـارم بـه سم سـتـور |
| کـه بــاشـد زبــونـی خــراجــی سـری | کـه هـمـسـر بــود نـابــلـنـد افـسـری |
| نــشــیــنــنــده بــر بــزمــگــاه کــیــان | مـنـم تــاج بــر ســر کــمـر بــر مـیـان |
| کــه را یـارگـی کــز ســر گــفــتــگـوی | ز مـن جــای آبــا کـنـد جــسـتــجـوی |
| کــلــاه کــیــان هــم کــیــان را ســـزد | دریــن خــز تــن رومــیــان کــی خــزد |
| مـن از تـخـمـه بــهـمـن و پـشـت کـی | چـرا تــرسـم از رومـی سـسـت پــی |
| ز روئیـــن دز و درع اســــفــــنــــدیـــار | بـــر اورنـــگ زریــن مـــنـــم یــادگـــار |
| اگــر بــاز گــردد بــه پــیــشــیــنــه راه | بـــر او روز روشـــن نــگــردد ســـیــاه |
| وگــر کــشــتــی آرد بـــه دریــای مــن | ســری بــیـنـد افــکـنـده در پــای مـن |
| چـو دریـا بــه تــلـخـی جـوابــش دهـم | ز خـاکـش سـتــانـم بــه آبــش دهـم |
| از آن ابـــر عــاصــی چــنــان ریــزم آب | کــه نــارد دگــر دســت بـــر آفــتـــاب |
| ســتــیــزنــده چــون روســتــائی بــود | شـکـسـتــش بــه از مـومـیـائی بــود |
| خــر از زیـن زر بــه کـه پــالـان کــشــد | کـه تـا رخـت خـر بـنـده آسـان کـشـد |
| مـن آن صــیـد را کــرده ام ســربــلـنـد | مــنــش بـــاز در گــردن آرم کـــمــنــد |
| تــو ای مـغــز پــوســیـده ســالـخــورد | ز گـســتــاخــی خــســروان بــاز گـرد |
| نه چـابـک شد این چـابـکی سـاخـتـن | کــمـنـدی بــه کـوهـی در انـداخــتــن |
| چــراغــی بــه صــحــرا بــرافـروخــتــن | فــلــک را جـــهــانــداری آمــوخــتـــن |
| مـکـش جــز بــه انـدازه خـویـش پــای | کـه هـر گـوهـری را پـدیـدسـت جـای |
| قــبـــا کــو نــه در خـــورد بـــالــا بـــود | هــم انـــگـــاره دزدیــده کـــالـــا بـــود |
| بــیـا ســاقــی آن آتــش تــوبــه ســوز | بــه آتــشــگــه مــغــز مــن بـــرفــروز |
| بـه مـجـلـس فـروزی دلـم خـوش بــود | کـه چـون شـمـع بـر فـرقـم آتـش بـود |
| *** | |
| خــردمــنــد را خــوبــی از داد اوســت | پـــنــاه خـــدا ایــمـــن آبـــاد اوســـت |
| کسی کو بـدین ملک خـرسند نیسـت | بــه نـزدیـک دانـا خــردمـنـد نـیـســت |
| خـرد نیک همـسـایه شـد آن بـدسـت | کـه هـمـسـایـه کـوی نـابــخــردسـت |
| چـــو در کــوی نــابـــخـــردان دم زنــی | بـــه ار داســـتـــان خـــرد کـــم زنــی |
| درایـن ده کــســی خــانــه آبــاد کــرد | کـــه گــردن ز دهــقـــانــی آزاد کـــرد |
| تــو نــیـز ار نــهــی بــار گــردن ز دوش | ز گـــردن زنــان بـــرنــیــاری خـــروش |
| چـو دریـا بـه سـرمـایـه خـویـش بــاش | هـم از بـود خـود سـود خـود بـرتـراش |
| بــه مـهـمـانـی خــویـش تــا روز مـرگ | درخـتـی شو از خـویشتـن سـاز بـرگ |
| چـو پــیـلـه ز بــرگ کـسـان خـورد گـاز | همه تـن شـد انگشـت و قی کرد بـاز |
| *** | |
| گـــزارنـــده تـــر پـــیــری از مـــوبـــدان | گــزارش چــنــیـن کــرد بــا بــخــردان |
| کــه چـــون شــاه روم آمــد آراســتـــه | همش تـیغ در دست و هم خـواستـه |
| خــبــر گـرم شـد در هـمـه مـرز و بــوم | کــــه آمــــد بــــرون اژدهـــائی ز روم |
| بـــه پـــرخــاش دارا ســر افــراخــتـــه | هـــمـــه آلـــت داوری ســـاخــــتــــه |
| جــهــان را بـــدیــن مــژده نــوروز بــود | کــه بــیــداد دارا جــهــانــســوز بـــود |
| ازو بــوم و کــشــور بــه یــکــبــارگــی | ســتــوه آمــدنـد از ســتــمـکــارگــی |
| ز دارا پــرســتــی مــنــش خــاســتــه | بــه مــهــر ســکــنــدر بــیــاراســتــه |
| چـــو دارای دریــا دل آگـــاه گـــشـــت | کــه مـوج ســکــنـدر ز دریـا گـذشــت |
| ز پـــــــیــــــران روشـــــــن دل رای زن | بــرآراســت پــنـهـان یـکــی انـجــمـن |
| ز هـــر کــــاردانـــی بــــرای درســــت | در آن داوری چــاره ای بـــاز جــســت |
| کـه بــدخـواه را چـون درآرد شـکـسـت | بــد چــرخ را چــون کـنـد بــاز بــسـت |
| چــه افــســون درآمــوزد از رهـنـمــون | کـــه آیــد ز کـــار ســـکـــنــدر بـــرون |
| چــو در جــنـگ پــیـروزیـش دیـده بــود | ز پــیـروز جــنـگـیـش تــرســیـده بــود |
| نــکــردش در آن کــار کــس چـــاره ای | نخـوردش غـمـی هیچ غـمـخـواره ای |
| چـو دانسـتـه بـودند کو سـرکشـسـت | بـه سـوزندگی گرم چـون آتـشـسـت |
| سـخــنـهـای کـس درنـیـارد بــه گـوش | در آن کــار بــودنـد یـکـســر خــمـوش |
| بـــه تـــخـــمــه در از زنــگــه شــاوران | ســـری بــــود نـــامـــی ز نـــام آوران |
| فـــریــبـــرز نــامــی کــه از فــر و بـــرز | تــن جــوشــنـش بــود و بــازوی گــرز |
| بــه بــیـعــت در آن انـجــمـن گـاه بــود | ز احـــوال پـــیــشـــیــنــه آگــاه بـــود |
| ثــنـا گـفــت بــر گـاه و بــر بــزم شــاه | کــه آبـــاد بــاد از تــو ایــن بــزمــگــاه |
| مــبـــادا تـــهــی عـــالـــم از نــام تـــو | هــمـــان جـــنــبـــش دور از آرام تـــو |
| گـذشــتــه نـیـای مـن از عـهـد پــیـش | چـنین گـفـت بـا مـن در اندرز خـویش |
| کـه چـون کـرد کـیخـسـرو آهـنـگ غـار | خــبــر داد از آن جــام گــوهــر نــگــار |
| کـــه در طـــالـــع زود مـــاتـــانـــه دیــر | فــرود آیــد اخــتـــر ز بـــالــا بـــه زیــر |
| بـــرون آیـــد از روم گـــردنـــکـــشـــی | زنــد در هــر آتـــشـــکــده آتـــشـــی |
| هــمــه مــلــک ایــران بـــدســـت آورد | بــه تــخــت کـیـان بــرنـشـسـت آورد |
| جـهـان گـیـرد و هـم نـمـانـد بــه جـای | ســـرانـــجــــام روزی درآیـــد ز پــــای |
| مــبـــادا کـــه ایــن مــرد رومــی نــژاد | در آن قـالـب افـتــد کـه هـرگـز مـبــاد |
| بـــه ار شـــاه بــــر یـــخ زنـــد نـــام او | نــــیــــارد در ایـــن کــــشــــور آرام او |
| نــبـــایــد کـــزو دولـــت آیــد بـــه رنــج | که مفلس بـه جان کوشد از بـهر گنج |
| فـریـبــی فـرســتــد کـه طـاعـت کـنـد | بــه یـک روم تــنـهـا قــنــاعــت کــنـد |
| فریب خوش از خشم ناخوش بـهست | بــرافـشـانـدن آب از آتــش بــهـســت |
| مـکـن تــکـیـه بــر زور بــازوی خـویـش | نـــگـــهـــدار وزن تـــرازوی خـــویـــش |
| تــو را فــتـــرت پـــیــری از جــای بـــرد | کـهـن گـشـتــگـیـت از ســر رای بــرد |
| چــو پــیـر کــهـن گــردد آزرده پــشــت | ز نیزه عـصـا بـه کـه گـیرد بـه مـشـت |
| ز پــیــری دگــرگــون شــود رای نــغــز | فــرامــوش کــاری درآیــد بـــه مــغـــز |
| ز پـیـران دو چـیـزسـت بـا زیـب و سـاز | یـکــی در ســتــودان یـکــی در نـمـاز |
| جــهــان بــر جــوانــان جــنــگ آزمــای | رهـا کـن فــروکـش تــو پــیـرانـه پــای |
| تـــن نــاتـــوان کـــی ســـواری کـــنــد | سـلـیـح شـکـسـتــه چـه یـاری کـنـد |
| سـپـه بـه کـه بــرنـا بــود زان کـه پـیـر | مـیانـجـی کـند چـون رسـد تـیغ و تـیر |
| بـه هـنـگـام خـود گـفـت بـایـد سـخـن | کــه بـــی وقـــت بـــر نــاورد نــاربـــن |
| خـروسـی کـه بـیـگـه نـوا بــر کـشـیـد | ســرش را پــگــه بـــاز بـــایــد بــریــد |
| زبــان بــنـد کــن تــا ســر آری بــســر | زبــان خــشــگ بــه تــا گـلـوگــاه تــر |
| سـر بــی زبــان کـو بــه خـون تـر بــود | بـهـسـت از زبـانـی کـه بـی سـر بـود |
| زبـــان را نــگــهــدار در کــام خــویــش | نفـس بـر مزن جـز بـه هنگام خـویش |
| زبـــان بـــه کـــه او کـــام داری کـــنــد | چــو کــامـش رســد کـامـگـاری کـنـد |
| زبـــان تـــرازو کــه شــد راســـت نــام | از آن شــد کـه بــیـرون نـیـایـد ز کــام |
| چــو از کــام خــود گــامــی آیـد بــرون | بـه هر سـو که جـنبـد شود سـرنگون |
| بـسـا گـفـتـنـیـهـا کـه بــاشـد نـهـفـت | بــه دیـگـر زبــان بــایـدش بــاز گـفــت |
| به گفتن کسی کو شود سخت کوش | نــیـوشــنــده را درنــیـایـد بــه گــوش |
| سخـن بـه که بـا صاحـب تـاج و تـخـت | بــگـویـنـد سـخـتـه نـگـویـنـد سـخـت |
| چـو زین گونه تـندی بـسـی کرد شـاه | پـشیمان شد آن پـیر و شد عذرخـواه |
| خـطـرهاسـت در کـار شـاهان بـسـی | کـه بـا شـاه خـویشـی ندارد کـسـی |
| چــو از کــیـنـه ای بــر فــروزنــد چــهـر | بــه فــرزنــد خــود بــر نـیـارنــد مــهـر |
| هـمـانـا کـه پــیـونـد شـاه آتــشـسـت | بـه آتـش در از دور دیـدن خـوشـسـت |
| نــصــیــحـــت مــوافــق بـــود شــاه را | گـــر از کـــبـــر خـــالــی کـــنــد راه را |
| نــصــیــحـــت گــری بـــا خــداونــد زور | بـود تـخـمـی افـکـنـده در خـاک شـور |
| *** | |
| چــو آگـاه گـشــت آن نـصـیـحــت گـزار | کــه از پــنـد او گــرم شــد شــهـریـار |
| ســخــن را دگــرگــونــه بــنــیــاد کــرد | بــه شـیـریـن زبــان شــاه را یـاد کـرد |
| کــــه دارای دور آشـــــکــــارا تـــــوئی | مــخــالــف چــه دارد چــو دارا تـــوئی |
| کـه بــاشـد ســکـنـدر کـه آرد ســپــاه | ز دارای دولـــت ســـتـــانـــد کـــلـــاه |
| تــرا ایـن کـلـاه آسـمـان دوخــتــســت | ســتــاره چــراغ تــو افــروخــتــســت |
| کــلـوخــی کـه بــا کــوه ســازد نـبــرد | بــه ســنـگــی تــوان زو بــرآورد کــرد |
| درخـــت کـــدو تـــانـــه بـــس روزگـــار | کــنـد دعــوی هـمــســری بــا چــنـار |
| چـــو گـــردد ز دولـــابـــه نــال ســـیــر | رسـن بــسـتـه در گـردن آیـد بــه زیـر |
| کــدوئی اســت او گــردن افــراخــتـــه | ز ســاق گــیــائی رســن ســاخــتــه |
| رسـن زود پــوســد چــو بــاشـد گـیـاه | دگــر بــاره دلـوش درافــتــد بــه چــاه |
| چـو خـورشـیـد مـشـعـل درآرد بـه بـاغ | بــه پــروانـگــی پــیـش مــیـرد چــراغ |
| بــه هـنـگـام سـر پــنـجـه روبــاه لـنـگ | چــگــونـه نـهـد پــای پــیـش پــلــنـگ |
| گـره ز ابــروی خـویـش بــر گـوشـه نـه | کـه بــر گـوشـه بــهـتـر کـمـان را گـره |
| بــه آهــســتــگــی کــار عــالــم بـــرار | کــه در کــار گــرمـی نـیـایـد بــه کــار |
| چــراغ ار بــه گــرمــی نـیـفــروخــتــی | نـه خـود را نـه پــروانـه را سـوخـتــی |
| خــمــیــر آمــده و آتـــش انــدر تـــنــور | نـــبـــاشـــد زنـــان تـــا دهــن راه دور |
| شـــکــیــب آورد بـــنــدهــا را کــلــیــد | شـکـیـبـنـده را کـس پـشـیمـان نـدید |
| نـه نـیـکـوسـت شـطـرنـج بـد بـاخـتـن | فــرس در تــک و پـــیــل در تــاخــتــن |
| بـسـا رود کـز زخـم خـوردن شـکسـت | کــه تــا زخــمـه رودی آمـد بــدســت |
| تــو شــاهـی قـیـاس تــو افـزون کـنـم | حـسـاب تــو بــا دیـگـران چــون کـنـم |
| بــه تــعــظــیـم دارا جــهـان دیـده مـرد | بـسـی گـونـه زیـن داسـتـان یـاد کـرد |
| جــهــانــدار دارای جــوشــیــده مــغــز | نـشـد نـرم دل زان سـخــنـهـای نـغـز |
| در آن تـــنــدی و آتـــش افــروخـــتـــن | کز او خـواسـت مغز سخـن سوخـتـن |
| طـــلــب کــرد کــایــد ز دیــوان دبـــیــر | بــه کــار آورد مــشــک را بـــا حــریــر |
| دبـــیــر نــویــســنــده آمــد چـــو بـــاد | نــوشــت آنــچــه دارا بـــدو کــرد یــاد |
| روان کـــرد کـــلـــک شـــبـــه رنـــگ را | بــــبــــرد آب مــــانــــی و ارژنــــگ را |
| یـکــی نــامــه نــغــز پــیـکــر نـوشــت | بــه نـغـزی بــه کـردار بــاغ بــهـشـت |
| ســخـــنــهــائی از تـــیــغ پـــولــادتـــر | زبــان از ســخــن سـخــت بــنـیـادتــر |
| چـــو شــد نــامــه نــغــز پـــرداخــتـــه | بــر او مـهـر شـاهـانـه شـد سـاخـتـه |
| رســــانـــنـــده نـــامـــه خــــســـروان | ز دارا بــــه اســــکــــنـــدر آمـــد روان |
| بـــدو داد نــامــه چـــو ســر بـــاز کــرد | دبـــیــر آمــد و خـــوانــدن آغــاز کــرد |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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