چـــون نـــای بـــیــنــوایــم ازیــن نــای بـــیــنــواشــادی نــدیـد هــیـچ کــس از نــای بــیـنــوابـــا کـــوه گــویــم آنــچـــه ازو پـــر شـــود…
| چـــون نـــای بـــیــنــوایــم ازیــن نــای بـــیــنــوا | شــادی نــدیـد هــیـچ کــس از نــای بــیـنــوا |
| بـــا کـــوه گــویــم آنــچـــه ازو پـــر شـــود دلــم | زیـرا جــواب گـفـتــه مـن نـیـســت جــز صـدا |
| شــد دیـده تــیـره و نــخــورم غــم ز بــهـر آنــک | روزم همه شب است و صبـاحـم همه مسـا |
| انـــده چـــرا بـــرم چـــو تـــحـــمـــل بـــبـــایــدم | روی از کـه بـایدم کـه کـسـی نیسـت آشـنـا |
| هــر روز بـــامــداد بـــر ایــن کــوهــســار تـــنــد | ابـــری بـــســـان طـــور زیــارت کـــنـــد مـــرا |
| بـرقی چـو دسـت موسـی عمران بـه فعل و نور | آرد هــمــی پـــدیــد ز جـــیــب هــوا صـــبـــا |
| گـشــت اژدهـای جــان مـن ایـن اژدهـای چــرخ | ورچــه صــلـاح رهـبــر مـن بــود چــون عـصــا |
| بــر مــن نــهـاد روی و فــرو بــرد ســر بــه ســر | نـیرنـگ و سـحـر خـاطـر و طـبـعـم چـو اژدهـا |
| در ایـن حـصـار خـفـتـن مـن هـسـت بـر حـصـیـر | چـون بـر حـصـیر گویم خـود هسـت بـر حـصـا |
| چــون بــازو چــرغ چــرخ هـمـی داردم بــه بــنـد | گــر در حــذر غــرابــم و در رهــبــری ســبـــا |
| بــنـگـر چـه سـودمـنـد شـکـارم کـه هـیـچ وقـت | از چـــنـــگ روزگـــار نــگـــردم هــمـــی رهــا |
| زین سمج تنگ چشمم چون چشم اکمه است | زین بـام گشـت پـشتـم چـون پـشت پـارسـا |
| ســاقـط شـدسـت قـوت مـن پــاک اگـر نـه مـن | بــر رفــتــمـی ز روزن ایـن ســمــج بــا هـبــا |
| بــا غـم رفـیـق طـبـعـم از آنـسـان گـرفـت انـس | کــز در چــو غــم درآیــد گــویــدش مــرحــبــا |
| چــنـدان کـزیـن دو دیـده مـن رفــت روز و شــب | هــرگــز نــرفــت خــون شــهــیـدان کــربــلــا |
| بــا روزگــار قــمــر هـمــی بــازم ای شــگــفــت | نـایـدش شـرم هـیـچ کـه چـنـدیـن کـنـد دغـا |
| گــر بـــر ســرم بـــگــردد چـــون آســیــا فــلــک | از جــای خـود نـجــنـبــم چـون قـطـب آسـیـا |
| آن گـــوهــری حـــســـامــم در دســـت روزگـــار | کــــاخــــر بــــرونــــم آرد یــــک روز در وغــــا |
| در صــد مـصــاف مـعـرکـه گـر کـنـد گـشــتــه ام | روزی بــه یـک صـقـال بــجـای آیـد ایـن مـضـا |
| ای طـــالـــع نـــگـــون مـــن ای کـــژ رو حــــرون | ای نحـس بـی سعادت و ای خـوف بـی رجـا |
| خــــرچــــنـــگ آبئی و خــــداونـــد تــــو قـــمـــر | آبــیـسـت سـوزش تـن و جـان از شـمـا چـرا |
| مـسـعـود سـعـد گـردش و پــیـچـش چـرا کـنـی | در گــردش حـــوادث و در پـــیــچـــش عـــنــا |
| خودرو چو خس مبـاش و به هر سرد و گرم دهر | آزاده ســـرو بـــاش بـــه هــر شــدت و رخـــا |
| مـی دان یقـین کـه شـادی و راحـت فـرسـتـدت | گـر چـنـد گـشـتـه ای بـه غـم و رنـج مـبـتـلـا |
| جــاه مــحــمـد عــلــی آن گــوهـری کــه چــرخ | پــــرورده ذات پــــاکـــش در پــــرده صــــفـــا |
| چـون بـر کـفـش نـهاد و بـه خـلـق جـهان نـمـود | زو روزگـــار تـــازه شـــد و مــلــک بـــا بـــهــا |
| گــردون شــده اســت رتــبـــت او پــایــه عــلــو | خــورشــیـد گــشــت هـمـت او مــایـه ضــیـا |
| تــا شـد ســحــاب جــودش بــا ظـل و بــا مـطـر | آمــد نــبــات مــدحــش در نــشــو و در نـمــا |
| تـــا آفـــتـــاب رایـــش در خـــط اســـتـــواســـت | روز و شــــب ولـــی و عـــدو دارد اســــتــــوا |
| تـــا شـــد شـــفـــای آز عـــطـــاهــای او نــیــاز | بـــیــمــاروار کــرد ز نــان خــوردن احـــتـــمــا |
| فــربــه شــدســت مـکــرمـت و ایـمـن از گــزنـد | تـــا در بـــهــار دولـــت او مـــی کـــنــد چـــرا |
| ای کــودکــی کــه قــدر تــو کــیـوان پــیــر شــد | بــخـت جــوان چـو دایـه هـمـی پــرورد تــو را |
| پـــیــران روزگـــار ســـپـــرهــا بـــیــفـــکـــنــنــد | در صـف عـزم چــون بــکـشـی خــنـجــر دهـا |
| گــویـا بــه لــفــظ فــهـم تــو آمــد زبــان عــقــل | بـــیــنــا بـــه نــور رای تـــو شــد دیــده ذکــا |
| بـر هر زبـان ثـنای تـو گشتـه است چـون سخن | در هر دلی هوای تـو رسـتـه اسـت چـون گیا |
| چــون مـهـر بــی نـفـاق کـنـی در جــهـان نـظـر | چــون ابــر بــی دریـغ دهـی خــلـق را عـطــا |
| اقــرار کــرد مــال بـــه جــود تـــو و بـــســســت | دو کــف تــو گــواه و دو بـــایــد هــمــی گــوا |
| جــاه تــو را بــه گـردون تــشــبــیـه کــی کــنـم | گفته است هیچ کس به صف راست را دو تا |
| عـزم تــو را کـه تـیـغ نـخـوانـیـم خـرده ای سـت | زیــرا کــه تــیــغ تــیــز فــراوان کــنــد خــطــا |
| گــر دشــمــنــت ز تــرس بـــرآرد چــو مــرغ پـــر | آخـــر چـــو مــرغ گــردد گــردان بـــه گــردنــا |
| تـو خـاص پـادشـاه شـدی بـس شگفت نیسـت | شـد خــاص پــادشـا پــســر خــاص پــادشـا |
| ای عــقــل را دهــای تـــو چــون دیــده را فــروع | ای فـضــل را ذکـای تــو چــون دیـده را ضــیـا |
| چـون بـخـت نـحـس گـفـتـه مـن نـشـنود همـی | نـزد تــو مــســتــجــاب چــرا شــد مــرا دعــا |
| مـعــلــوم شــد مـرا کــه هـنـوز انـدریـن جــهـان | مــانــدســت یـک کــریـم کــه دارد مــرا وفــا |
| چــون بــر مــحــمــد عــلــیــم تــکــیــه اوفــتــاد | زهـره اســت چــرخ را کـه نـمـایـد مـرا جــفـا |
| ضــعــف و کــســاد بــیـش نــتــرســانــدم کــزو | بـــازوی مـــن قـــوی شـــد و بـــازار مــن روا |
| ای هــر کــفــایــتــی را شــایــســتــه و امــیـن | وی هــر بـــزرگـــیــی را انــدر خـــور و ســـزا |
| تـــو شــاخ آن درخــتـــی کــانــدر زمــانــه بـــود | بـرگش همه شـجـاعت و بـارش همه سـخـا |
| انــــدر پــــنــــاه ســــایــــه او بــــود مأمــــنــــم | تــا بـــر روان پــاکــش غــالــب نــشــد فــنــا |
| یـک رویـه دوسـتــم مـن و کـم حــرص مـادحــم | هـم راســت در خــلأام و هـم پــاک در مـلــا |
| هــم مــدح نــادر آیـد و هــم دوســتــی تــمــام | مـادح چـو بـی طـمـع بـود و دوسـت بـی ریـا |
| نـظــم مـرا چــو نـظــم دگـر کــس مـدان از آنـک | یــاقـــوت زرد نــیــکــو مــانــد بـــه کــهــربـــا |
| هــر چـــنــد کــز بـــرای جـــزا بـــایــدت مــدیــح | والــلـه کــه بــر مـدیـح نـخــواهـم ز تــو جــزا |
| آزاده ای کــه جـــویــد نــام نــکــو بـــه شـــعـــر | چـون بــنـدگـان ز خـلـق نـبــایـد سـتــد بــهـا |
| در مــدحـــت تـــو از گــل تـــیــره کـــنــم گــهــر | هـرگـز چـو مـدحـت تـو کـه دیدسـت کـیمـیـا |
| امـروز مـن چــو خــار و گــیـاام ذلـیـل و پــســت | از بــاغ بــخــت تــو کــنــدم هــر زمــان بــلــا |
| تـــو آفــتـــاب و ابـــری کــز فــر و ســـعــی تـــو | گــلــهــا و لــالــه هـا دمــد از خــار و از گــیـا |
| ابـیات مـن چـو تـیر اسـت از شـسـت طـبـع من | زیـرا یـکــی کــشــیـده کــمــانــم ز انــحــنــا |
| چــون از گـشـاد بــر نـظـرت شـد زمـانـه راسـت | هـرگـز گـمـان مـبـر کـه ز بـخـت افـتـدش بـدا |
| بـیمار گشـت و تـیره تـن و چـشم جـاه و بـخـت | ای جــاه و بــخــت تــو هـمــه دارو و تــوتــیـا |
| ای نــوبـــهــار ســرو نــبـــیــنــد هــمــی تـــذرو | وی آفــتـــاب نــور نــیــابـــد هــمــی ســهــا |
| تـا دولـت اسـت و نـعـمـت بـا بـخـت تـو بـه هـم | از لــهـو از نـشــاط مـشــو ســاعــتــی جــدا |
| از سـاقـی یـی چـو مـاه سـمـا جـام بـاده خـواه | بـر لـحـن و نـغـمـه صـنـمـی چـون مـه سـمـا |
| زان شـادی و طرب که دو رخـسـار او گل اسـت | بـر حـسـن او بـهـشـت زمـان مـی کـنـد ثـنـا |
| انــدر بـــر و کـــنــار وی آن ســـرو لــعـــبـــتـــی | انــدر بـــهــار بـــزم چـــو بـــلـــبـــل زنــد نــوا |
| نـالــان شــود بــه زاری چــون دســت نـازکــش | در چــشــم گــرد او زنــد انـگــشــت گــردنــا |
| تـــا طـــبـــع هــا مــراتـــب دارنــد مــخـــتـــلــف | آب اســت بــر زمـیـن و اثــیـر اسـت بــر هـوا |
| بــادت چــهــار طــبــع بــه قــوت چــهــار طــبــع | کــرده بـــه ذات اصــلــی در کــالــبـــد بـــقــا |
| هـمـچـون هـوا هـوای تـو بـر هـر شـرف مـحـیـط | هـمــچــون اثــیـر اثــیـر بــزرگــیـت بــاســنــا |
| هــمــچــون زمــیـن زمــیـن مــراد تــو اصــل بــر | چــــون آب آب دولـــت تــــو مـــایـــه صـــفـــا |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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