دگــر گـفــت نـیـکــو ســخــن رانـده ایتــو در خــانـه از نـیـکــوئی مــانــده ایچـه خـسـبـیـم چـنـدین بـر این آسـتـانکـه بـا مـرگ شـد خـواب هم داسـتـ…
| دگــر گـفــت نـیـکــو ســخــن رانـده ای | تــو در خــانـه از نـیـکــوئی مــانــده ای |
| چـه خـسـبـیـم چـنـدین بـر این آسـتـان | کـه بـا مـرگ شـد خـواب هم داسـتـان |
| کـســی کـو نـدانـد کـه در وقـت خــواب | دگـــر ره بـــه بـــیـــداری آرد شـــتـــاب |
| ز خــفــتــن چــو مــردن بــود در هـراس | کـه مـاند بـهم خـواب و مـرگ از قـیاس |
| درین ره جـز این خواب خـرگوش نیست | کـه خـسـبـنـده مـرگ را هوش نیسـت |
| چـه بـودی کـزین خـواب زیـرک و فـریـب | شــکــیـبــا شــدی دیـده نــاشــکــیـب |
| مــــگــــر دیـــدی احــــوال نـــادیـــده را | پـــســـنــدیــده و نــاپـــســـنــدیــده را |
| وز ایــن بـــیــهــده داوری ســـاخـــتـــن | زمـــانـــی بـــراســـودی از تـــاخـــتـــن |
| چـــرا از پـــی یـــک شـــکـــم وار نـــان | گــرایـنــده بــایـد بــه هـر ســو عــنــان |
| شـــتـــاب آوریــدن بـــه دریــا و دشــت | چــرا چـون بــه نـانـی بــود بــازگـشـت |
| شــتــابــنـدگـانـی کــه صــاحــب دلـنـد | طـــلـــبـــکـــار آســـایــش مــنــزلـــنــد |
| گـــذارنــد گــیــتـــی هــمــه زیــر پـــای | هــم آخـــر بـــه آســـایــش آرنـــد رای |
| هــمــه رهــروان پــیـش بــیـنــنــدگــان | کــنــنــد آفــریـن بــر نــشــیـنـنــدگــان |
| ســلـامـت در اقــلـیـم آســودگـیـســت | کـزین بـگـذری جـمـلـه بـیهود گـیسـت |
| چــه بــایـد دریـن آتــش هـفـت جــوش | بـه صـید کبـابـی شـدن سـخـت کوش |
| ســرانــجــام هــر بـــاز کــوشــیــدنــی | بـجـز خـوردنـی نـیسـت و پـوشـیـدنـی |
| چــو پــوشـیـدنـی بــاشــد و خــوردنـی | حــســابــی دگــر هـســت نـاکــردنـی |
| بــه دریـا درآنـکــس کـه جــان مـیـکــنـد | هم آنکـس کـه در کـوه کـان مـی کـنـد |
| کـــس از روزی خــــویـــش درنـــگـــذرد | بــــه انـــدازه خــــویـــش روزی خـــورد |
| هـوس بــیـن کـه چـنـدیـن هـزار آدمـی | نـــهـــنـــد آز در جــــان و زر در زمــــی |
| زر آکـــن کـــه او خـــاک بـــر زر کـــنـــد | خـورد خـاک و هـم خـاک بـر سـر کـنـد |
| جـهان آن کـسـی راسـت کـو در جـهان | خـــورد تـــوشـــه راه بـــا هــمـــرهــان |
| ز کــیــســه بــه چــربــی بــرد بــنــد را | دهــد فـــربـــهــی لــاغـــری چـــنــد را |
| بـیک جـو که چـربـنده شـد سـنگ خـام | بــدان خــشـگـیـش چــرب کـردنـد نـام |
| رهـــی در و بــــرگــــی در آن راه نــــی | ز پـــایــان مـــنـــزل کـــس آگـــاه نـــی |
| نــبـــایــد غــنــودن چــنــان بــیــخــبـــر | کــه نــاگــاه ســیـلــی درآیـد بــه ســر |
| نـه بــودن چـنـان نـیـز بـیـخـواب و خـورد | کـــه تــــن نـــاتـــوان گـــردد و روی زرد |
| کـــــجــــــا عـــــزم راه آورد راه جـــــوی | نـرانــد چــو آشــفــتــگــان پــوی پــوی |
| نـــگـــهـــبـــان بـــرانـــگـــیــزد آن راه را | کـــنــد بـــرخـــود ایــمــن گـــذرگـــاه را |
| شــب و روز بـــیــدار بـــاشــد بـــه کــار | کــه بـــر خــفــتـــگــان ره زنــد روزگــار |
| پـس و پـیش بـینـد بـه فـرهنگ و هوش | نــدارد بــه گــفــتــار بــیـگــانــه گــوش |
| چـو لشـگرکشی بـاشـدش ره شـناس | ز دشـــــــواری ره نـــــــدارد هــــــراس |
| گـذر گـر بــه هـامـون کـنـد گـر بــه کـوه | پــــراکــــنــــدگــــی نــــاورد در گــــروه |
| بــه مـوکـب خـرامـد چــو بــاران و بــرف | بــه هـیـبــت نـشـیـنـد چـو دریـای ژرف |
| زمــیــن خــیــز آن بــوم را یــک دو مــرد | بــه دسـت آرد و سـیـر دارد بــه خــورد |
| وزیـشــان نـهـانـی کــنـد بــاز جــســت | کـه بـی آب تـخـم از زمـیـن بــرنـرسـت |
| بـــه آســـانــی آن کـــار گــردد تـــمــام | ز ســخــتــی نـبــایـد کـشــیـدن لـگـام |
| چــو آیـد ز یـک ســر ســلــامــت پــدیـد | ســر چــنــد کــس را نــبـــایــد بـــریــد |
| دران ره کــه دســتـــی قــویــتـــر بـــود | زدن پـــای پـــیـــش آفـــت ســـر بـــود |
| نــشـــایــد دران داوری پـــی فـــشـــرد | کـه دعـوی نـشــایـد در او پــیـش بــرد |
| چــو بـــر رشــتـــه کــاری افــتـــد گــره | شــکــیـبــائی از جــهــد بــیـهـوده بــه |
| هــمــه کــارهــا از فــرو بـــســتـــگــی | گــشــایـد ولـیـکــن بــه آهـســتــگــی |
| فــــرو بــــســــتــــن کــــار در ره بــــود | گــشـــایــش در آن نــیــز نــاگــه بـــود |
| سخن گر چه شد گفته بر جای خویش | سـخـنـدانی شـاه از این هسـت بـیش |
| بــه هـر جـا کـه رانـد بـه نـیـک اخـتـری | خـــرد خــود کــنــد شــاه را رهــبـــری |
| کــســی را کــه یــزدان بــود کــارســاز | بـــــود زادم و آدمــــی بـــــی نــــیــــاز |
| دلــــی را کــــه آرد فــــرشــــتــــه درود | بـــه انــدیــشــه کــس نــیــایــد فــرود |
| اگــر مــن بـــه فــرمــان شــاه جــهــان | مـثــالـی نـبــشــتــم چــو کــارآگــهـان |
| نــیــاوردم الـــا پـــرســـتـــش بـــجـــای | کــه اقــبــال شــد شــاه را رهـنـمــای |
| نـشــد خــاطــر شــاه مــحــتــاج کــس | خـــــدا و خــــرد یــــاور شــــاه بـــــس |
| خــــرد بــــاد در نـــیـــک و بــــد یـــار او | خــــــدا بــــــاد ســـــازنـــــده کـــــار او |
| خــردمــنـد چــون نــامــه را کــرد ســاز | بــه شــاه جــهـان داد و بــردش نـمــاز |
| دل شـــه ز بـــنــد غـــم آزاد گـــشـــت | از آن نــامــه نــامــور شـــاد گـــشـــت |
| دگـــر روز کـــز عـــطـــســــه آفـــتــــاب | دمــیــدنــد کــافــور بــر مــشــک نــاب |
| فـرسـتــاد شـه تــا بــه روشـن ضـمـیـر | فــلــاطــون نـهـد خــامــه را بــر حــریـر |
| نـــگــــارد یـــکــــی نـــامـــه دلــــنـــواز | کــه خــوانــنــدگــان را بـــود کــارســاز |
| بــه فــرمــان شــه پــیـر دریــا شــکــوه | جــواهــر بـــرون ریــخــت از کــان کــوه |
| ز گـوهـر فــشــان کــلـک فــرمـانـبــرش | نـبــشــتــه چــنـیـن بــود در دفــتــرش |
| کــه بـــاد افــزون ز آســمــان و زمــیــن | ز مــــا آفــــریــــنــــنــــده را آفــــریــــن |
| پــــس از آفــــریـــن کــــردن کـــردگـــار | بــســاط ســخــن کــرد گــوهـر نــگــار |
| کـه شـاه جـهـان از جـهـان بــرتــرسـت | جـهـان کـان گـوهـر شـد او گـوهرسـت |
| چــو گــوهـر نـهـادســت و گــوهـر نــژاد | خـــطـــرنــاکــی گــوهــر آرد بـــه بـــاد |
| نــمــودار اگـــر نــیــک اگــر بـــد کـــنــد | بــــانــــدازه گــــوهـــر خــــود کــــنــــد |
| کــمـیـن گـاه دزدان شــد ایـن مـرحــلـه | نـــشـــایــد دراو رخـــت کـــردن یــلـــه |
| دریـن پـاسـگـه هـر کـه بـیـدار نـیـسـت | جــهـانــبــانــی او را ســزاوار نـیـســت |
| جــهـانـگـیـر چـون سـر بــرارد بــه مـیـغ | بــه تــدبــیـر گـیـرد جـهـان را چـو تــیـغ |
| هـمـان تــیـغ مـردان کـه خــونـریـز شـد | بـــه تــدبـــیــر فــرزانــگــان تــیــز شــد |
| بـه روز و بـه شـب بـزم شـاهـنـشـهـی | ز دانــا نــبـــایــد کــه بـــاشــد تـــهــی |
| شـه آن بــه کـه بــر دانـش آرد شـتــاب | نـبــایـد کـه بـفـریـبـدش خـورد و خـواب |
| دو آفــت بـــود شـــاهــرا هــم نــفــس | کـه درویـش را نـیـســت آن دسـتــرس |
| یــک آفــت ز طــبـــاخــه چــرب دســت | که شه را کند چـرب و شیرین پـرسـت |
| دگـــر آفـــت از جـــفـــت زیـــبــــا بــــود | کــــزو آرزو نــــاشــــکــــیــــبـــــا بــــود |
| از ایـن هـردو شــه را نــبــاشــد بــهـی | کـه آن بــرکـنـد طـبـع و ایـن تـن تـهـی |
| نـه بـسـیـار کـن شـو نـه بـسـیـار خـوار | کــز آن ســســتــی آیـد وزیـن نــاگــوار |
| جـهان را کـه بـینـی چـنـین سـرخ و زرد | بــســاطــی فــریـبــنــده شــد در نـورد |
| جــهـان اژدهـائیـســت مـعـشــوق نـام | از آن کـــام نــی جـــان بـــرایــد ز کــام |
| نـگــویـم کــه دنـیـا نـه از بــهـرمـاســت | که هم شـهری ما و هم شهر ماسـت |
| نـبــاشـیـم از ایـن گـونـه دنـیـا پــرسـت | کـه آریم خـوانـی بـه خـونی بـه دسـت |
| نـهـادی کــه بــرداشــت از خــون کــنـد | فــروداشــتــی بــی جــگـر چــون کـنـد |
| از ایـــن چـــار تــــرکـــیـــب آراســـتــــه | ز هــر گــوهــری عــاریــت خــواســتــه |
| عـنـان بــه کـه پــیـچـیـم ازان پــیـشـتـر | کــه ایـشــان زمــا بــاز پــیـچــنـد ســر |
| اگـــر آب در خــــاک عـــنـــبــــر شــــود | ســرانـجــام گــوهـر بــه گــوهـر شــود |
| خــری آبـــکــش بــود خــیــکــش دریــد | کـری بــنـده غـم خـورد و خـر مـیـدویـد |
| جـهـان خـار در پـشـت و مـا خـارپـشـت | به هم لایقست این درشت آن درشت |
| دوبــیـوه بــه هـم گـفـتــگـو سـاخـتــنـد | ســخــن را بــه طــعـنـه درانـداخــتــنـد |
| یــکــی گــفـــت کــز زشـــتـــی روی او | نـگـردد کـســی در جــهـان شــوی تــو |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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