چــنــیــن بـــود در نــامــه رهــنــمــایاز آن پـــس کــه بـــود آفــریــن خــدایکــه شــاهــا بـــه دانــش دل آبـــاددارز بـــی دانـــشـــان دور شــ…
| چــنــیــن بـــود در نــامــه رهــنــمــای | از آن پـــس کــه بـــود آفــریــن خــدای |
| کــه شــاهــا بـــه دانــش دل آبـــاددار | ز بـــی دانـــشـــان دور شـــو یـــاد دار |
| دری را کــه بـــنــدش بـــود نــاپـــدیــد | ز دانــا تــوان بـــازجــســتـــن کــلــیــد |
| بـــهــر دولــتـــی کـــاوری در شـــمــار | ســجــودی بــکــن پــیــش پــروردگــار |
| بــه پــیـروزی خــود قــوی دل مـبــاش | ز تــرس خــدا هــیـچ غــافــل مــبــاش |
| خــدا تــرس را کـارسـاز اسـت بــخــت | بـــود نــاخــدا تـــرس را کــار ســخــت |
| بـهـر جـا کـه بـاشـی تـنـومـنـد و شـاد | ســپــنـدی بــه آتــش فــکــن بــامـداد |
| مــبــاش ایـمــن از دیـدن چــشــم بــد | نه از چـشـم بـد بـلکـه از چـشـم خـود |
| چـنـیـن زد مـثــل مـرد گـوهـر شـنـاس | کـه گر خـوبـی از خـویشـتـن در هراس |
| ز بـــار آن درخــتـــی نــیــابـــد گــزنــد | کــه از خــاک ســربـــرنــیــارد بـــلــنــد |
| دو شــاخــه گـشــایـان نـخــجــیـرگــاه | بــه فــحــلــان نــخــجــیـر یــابــنــد راه |
| سـبـق بــرد خـود را تـک آهـسـتـه دار | حـسـد را بــه خـود راه بــربــسـتـه دار |
| حــــســــد مــــرد را دل بــــه درد آورد | مـــــــــیــــــــان دو آزاده گـــــــــرد آورد |
| بـه کـیـنـه مـبــر هـیـچـکـس را ز جـای | چـــو از جـــای بــــردی درآرش ز پـــای |
| گـرت بـا کـسـی هـسـت کـیـن کـهـن | نـژادش مـکـن یـکــســر از بــیـخ و بــن |
| مــخـــواه از کــســی کــیــن آبـــای او | نــظــر بـــیــش کــن در مــحــابـــای او |
| ز خــورشــیـد تــا ســایـه مــوئی بــود | کــه ایـن روشــن آن تــیــره روئی بــود |
| ز خـرمـا بــه دسـتــی بــود تــا بــخــار | کـه ایـن گـل شـکـر بــاشــد آن نـاگـوار |
| صـد گـرچـه همـسـایه شـد بـا نـهنـگ | در تــاج دارد نــه شــمــشــیـر جــنــگ |
| بــــرادر بـــه جـــرم بــــرادر مـــگـــیـــر | که بـس فرق بـاشـد ز خـون تـا بـشـیر |
| مـزن در کــس از بــهـر کــس نـیـش را | بـــه پـــای خــود آویــز هــر مــیــش را |
| چـــــو آمـــــرزش ایــــزدی بـــــایــــدت | نـــبــــایـــد کـــه رســـم بـــدی آیـــدت |
| بــــدان را بــــد آیـــد ز چـــرخ کـــبـــود | بــه نـیـکــان هـمـه نـیـکــی آیـد فــرود |
| مـکــن جــز بــه نـیـکــی گــرایـنـدگـی | کـه در نـیـکـنـامـی اســت پــایـنـدگـی |
| مــنــه بـــر دل نــیــکــنــامــان غــبـــار | کــه بـــدنــامــی آرد ســرانــجــام کــار |
| مــکــن کــار بــد گــوهــران را بــلــنــد | کــــه پــــروردن گـــرگـــت آرد گـــزنـــد |
| مــیــامــیــز در هــیــچ بـــد گـــوهــری | مــده کــیـمـیـائی بــه خــاکــســتــری |
| چــو بـــد گــوهــری ســربـــرآرد زمــرد | کــــنــــد گــــوهـــر ســــرخ را روی زرد |
| زدن بــــا خـــداونـــد فـــرهـــنـــگ رای | بــه فـرهـنـگ بــاشـد تــو را رهـنـمـای |
| چـو سـود درم بـیش خـواهـی نـه کـم | مـــــزن رای بــــــا مـــــردم بـــــی درم |
| کشش جستـن از مردم سست کوش | جــواهـر خــری بــاشــد از جــو فـروش |
| همـه جـنـسـی از گـور و گـاو و پـلـنگ | بـه جـنـسـیـت آرنـد شـادی بـه چـنـگ |
| چـو در پــرده نـاجـنـس بــاشـد هـمـال | ز تـهـمـت بـسـی نـقـش بـنـدد خـیـال |
| دو آیـیــنــه را چــون بــهــم بــرنــهــی | شــود هــر دو از عــاریــتـــهــا تـــهــی |
| مــشــو بـــا زبــون افــکــنــان گــاو دل | کـه مـانـی در انـدوه چـون خـر بـه گـل |
| جـــوانـــمـــردی شـــیـــر بــــا آدمـــی | ز مـــردم رمـــی دان نــه از مـــردمــی |
| بــر آنـکـس کـه بــا سـخـت روئی بـود | درشــتـــی بـــه از نــرم خـــوئی بـــود |
| سـتــیـزنـده را چـون بــود سـخـت کـار | بـه نرمی طـلب کن بـه سـخـتـی بـدار |
| سـر خـصـم چــون گـردد از فـتــنـه پــر | بــه چــربــی بــیــاور بــه تــیـزی بــبــر |
| چــو افــتــی مـیـان دو بــدخــواه خــام | پــراکــنـده شــان کــن لـگــام از لـگـام |
| درافــکـن بــه هـم گـرگ را بــا پــلـنـگ | تـــو بـــر آرد را از مـــیــان دو ســـنـــگ |
| کـسـی را که بـاشـد ز دهقـان و شـاه | بــــه انـــدازه پـــایـــه نـــه پـــایـــگـــاه |
| بـــســـوی تـــوانــا تـــوانــا فـــرســـت | بــه دانـا هـم از جــنـس دانـا فـرســت |
| فـرسـتــاده را چــون بــود چــاره ســاز | بـــه انـــدرز کـــردن نـــبـــاشـــد نــیــاز |
| بــه جــائی کــه آهـن درآیـد بــه زنــگ | بــــه زر داد آهـــن بــــرآور ز ســــنـــگ |
| خـــزیــنــه ز بـــهــر زر آکــنــدنــســـت | زر از بــهـر دشــمــن پــراکــنـدنـســت |
| بــه چـربــی تـوان پـای روبــاه بــسـت | بـه حـلـوا دهـد طـفـل چـیـزی زدسـت |
| چـو مطرب بـه سـور کسـان شادبـاش | زبـــنــده خـــود ارســـروری آزاد بـــاش |
| مــیــارای خــود را چـــو ریــحــان بـــاغ | بـه دسـت کـسـان خـوبـتـر شـد چـراغ |
| خـزینه کـه بـا تـوسـت بـر تـوسـت بـار | چــو دادی بــه دادن شـوی رســتــگـار |
| زر آن آتـــشـــی کـــاکــنــدنــیــســـت | شـراریـسـت کـز خـود پـراکـنـدنـیسـت |
| مــگــو کــز ز رو صــاحـــب زر کــه بـــه | گــره بـــدتــر از بـــنــد و بـــنــد از گــره |
| چـنـیـن گـفـت بـا آتـش آتـش پـرسـت | که از ما که بـهتـر بـه جائی که هست |
| بــگـفـت آتــش ار خـواهـی آمـوخـتــن | تــو را کــشــت بــایـد مـرا ســوخــتــن |
| فـراخ آسـتـین شـو کـزین سـبـز شـاخ | فـــتـــد مـــیــوه در آســـتـــیــن فـــراخ |
| ز سـیـری مـبــاش آنـچـنـان شـاد کـام | کـه از هـیـضـه زهـری درافـتـد بـه جـام |
| بــه گــنـجــیـنـه مـفــلــســی راه بــرد | بـــیــفــتــاد و از شــادمــانــی بـــمــرد |
| هــمــان تـــشــنــه گــرم را آب ســـرد | پــیـاپــی نـشـایـد بــه یـکـبــاره خــورد |
| بــه هــر مــنــزلــی کــاوری تــاخــتــن | نــشــایــد درو خــوابـــگــه ســاخــتــن |
| مـــخـــور آب نــا آزمــوده نــخـــســـت | بـه دیـگـر دهـانـی کـن آن بــازجـسـت |
| نــه آن مــیــوه ای کــو غــریــب آیــدت | کـــزو نـــاتـــوانـــی نـــصـــیـــب آیــدت |
| بـه وقت خـورش هر که بـاشـد طبـیب | بـــپـــرهــیــزد از خــوردهــای غــریــب |
| بــر آن ره کـه نـارفـتـه بــاشـد کـسـی | مــرو گــرچــه هــمــراه داری بـــســی |
| رهـی کــو بــود دور از انـدیـشــه پــاک | بـــه از راه نـــزدیــک انـــدیـــشـــنـــاک |
| گــرانــبـــاری مــال چــنــدان مــجــوی | کـه افـتـد بـه لـشـگـرگـهت گـفـتـگـوی |
| زهـر غــارت و مـال کــاری بــه دســت | به درویش ده هر یک از هر چه هست |
| نــهــانــی بــخــواهـنــدگــان چــیـز ده | کــه خــشــنــودی ایــزد از چــیــز بـــه |
| دهــش کــز نــظــرهــا نــهــانــی بــود | حــــصــــار بــــد آســــمـــانـــی بــــود |
| ســـپـــه را بـــه انــدازه ده پـــایــگـــاه | مــده بــیــشــتــر مــالــی از خــرج راه |
| شکم بـنده را چـون شکم گشت سیر | کـنـد بــد دلـی گـر چــه بــاشــد دلـیـر |
| نه سـیری چـنان ده کـه گردند مسـت | نـه بـگـذارشـان از خـورش تـنـگـدسـت |
| چـنـان زی کـه هنگـام سـخـتـی و نـاز | بــود لـشــگــر از جــزتــوئی بــی نـیـاز |
| بـــه روزی دو نــوبـــت بـــرآرای خــوان | ســران ســپــه را یــکــایــک بـــخــوان |
| مـخــور بــاده در هـیـچ بــیـگــانـه بــوم | تـن آسـان مـشـو تـا نـبـاشـی بـه روم |
| بــروشـنـتــریـن کـس ودیـعـت ســپــار | کـــه از آب روشـــن نـــیـــایــد غـــبـــار |
| چــو روشـن تــرســت آفـتــاب از گـروه | امــــانــــت بـــــدو داد دریــــا و کـــــوه |
| اگــر مـقــبــلـی مـقــبــلـانـرا شــنـاس | کـــه اقـــبــــال را دارد اقـــبـــال پـــاس |
| مـــده مـــدبـــران را بـــر خـــویــش راه | کــه انــگــور از انــگــور گــردد ســـیــاه |
| وفــا خـــصــلــت مــادر آورد تـــوســت | مگر از سـرشـتـی کـه بـود از نخـسـت |
| چــو مــردم بــگــردانــد آیــیــن و حــال | بــگــردد بــر او ســکــه مــلــک و مــال |
| ز خــوی قــدیـمـی نـشــایـد گـذشــت | کـه نـتــوان بــه خـوی دگـر بــازگـشـت |
| مـنـه خــوی اصــلــی چــو فــرزانـگــان | مــشــو پـــیــرو خــوی بـــیــگــانــگــان |
| پـــیــاده کــه اوراســـت آیــیــن شــود | نـگـونـســار گــردد چــو فــرزیـن شــود |
| اگـر صـاحــب اقـبــال بــیـنـی کـســی | نـبــیـنـم کـه بــا او بــکـوشـی بــسـی |
| بــه هـر گـردشـی بــا سـپــهـر بــلـنـد | ســتــیــزه مــبــر تــا نــیــابــی گــزنــد |
| بــــنــــه دل بــــه هـــرچ آورد روزگــــار | مـــگـــردان ســـراز پــــنـــد آمـــوزگـــار |
| اگــــر نـــازی از دولـــت آیـــد پــــدیـــد | ســر از نــاز دولــت نــبــایــد کــشــیـد |
| بــنــازی کــه دولــت نــمــایــد مــرنــج | کــه در نــاز دولــت بـــود کـــان گــنــج |
| چـــو هـــنـــگـــام نـــاز تـــو آیــد فـــراز | کــشــد دولــت آنــروز نــیــز از تــو نــاز |
| صدف زان همه تن شدست استخوان | کــه مــغــزی چــو در دارد انــدرمــیــان |
| ازان سـخـت شد کان گوهر چـو سنگ | که ناید گهر جـز بـه سختـی بـه چـنگ |
| بـه سـخـتـی در اخـتـر مشـو بـدگـمان | کـــه فـــرخ تـــر آیــد زمـــان تـــا زمــان |
| ز پــیــروزه گــون گــنــبـــد انــده مــدار | کــه پــیـروز بــاشــد ســرانــجــام کــار |
| مـشــو نـاامـیـد ارشــود کـار ســخــت | دل خـود قـوی کـن بــه نـیـروی بــخـت |
| بــر انــداز ســنــگــی بــه بــالــا دلــیـر | دگــرگــون بـــود کـــار کــایــد بـــه زیــر |
| رهـا کــن ســتــم را بــه یـکــبــارگــی | کـه کــم عــمـری آرد ســتــمـکــارگـی |
| شـه از داد خـود گـر پــشـیـمـان شـود | ولــــایــــت ز بــــیـــداد ویـــران شــــود |
| تـــو را ایــزد از بـــهـــر عـــدل آفـــریــد | ســتــم نــایــد از شــاه عــادل پــدیــد |
| نــکــوی رای چـــون رای را بـــد کــنــد | چــنـان دان کـه بــد در حـق خـود کـنـد |
| چــو گــردد جــهـان گــاهـگــاه از نــورد | بـه گـرمـای گـرم و بـه سـرمـای سـرد |
| در آن گـرم و سـردی سـلـامت مجـوی | کــه گــردانــد از عــادت خــویــش روی |
| چـنان بـه که هر فصـلی از فصل سـال | بــه خــاصــیـت خــود نـمـایـد خــصــال |
| ربــیـع از ربــیـعــی نـمـایـد ســرشــت | تــمــوز از تــمــوز آورد ســرنــبـــشــت |
| چــو هــرچ او بــگــردد ز تــرتــیـب کــار | بـــــگــــردد بـــــر او گــــردش روزگــــار |
| بــجــای تــو گـر بــد کــنـد نـاکــســی | تــو نـیـز ارکـنـی نـیـکـوی بــا کــســی |
| هـمــانــرا هـمــیـن را فــرامــوش کــن | زبـــان از بـــدو نــیــک خــامــوش کــن |
| مــژه در نـخــفــتــن چــو الــمــاس دار | بــــه بــــیـــداری آفــــاق را پــــاس دار |
| چـــنــیــن زد مـــثـــل کـــاردان بـــزرگ | کـه پــاس شـبــانـسـت پــابــنـد گـرگ |
| چــو یـابــی تــوانــائیـی در ســرشــت | مـزن خـنـده کـانـجـا بـود خـنـده زشـت |
| وگـــر نـــاتــــوانـــی درآیـــد بــــه کـــار | مـکـن عــاجــزی بــرکـســی آشــکــار |
| لــب از خـــنــده خـــرمــی درمــبـــنــد | غـمـیـن بــاش پـنـهـان و پـیـدا بــخـنـد |
| بــه هـر جــا کــه حــربــی فــراز آیـدت | بـــه حـــرب آزمـــایـــان نـــیـــاز آیـــدت |
| هــزیــمــت پــذیــر از دگــر حــربـــگــاه | نــبـــایــد کـــه یــابـــد درآن حـــرب راه |
| گــریــزنــده چــون ره بـــه دســت آورد | بــه کـوشــنـدگـان درشــکــســت آورد |
| چـو خـواهـی کـه بـاشـد ظـفـر یـار تـو | ظــفــر دیــده بـــایــد ســـپـــهــدارتـــو |
| بـــه فـــرخ رکـــابـــان فـــیـــروزمـــنـــد | عـــنــان عـــزیــمـــت بـــرآور بـــلـــنــد |
| بـه هـرچ آری از نـیـک و از بــد بــجـای | بـد از خـویشـتـن بـین و نـیک از خـدای |
| چــو ایـن نــامــه نــامــور شــد تــمــام | بـه شه داد و شه گشـت ازو شـادکام |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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