دبـــیـــر خـــردمـــنـــد دانـــش پـــژوهنـــویــســـنـــده قـــصـــه هـــر گـــروهنـوشــت از ســکــنـدر شــه نــامــدارکه چـون سـلطـنت یافـت بـر وی …
| دبـــیـــر خـــردمـــنـــد دانـــش پـــژوه | نـــویــســـنـــده قـــصـــه هـــر گـــروه |
| نـوشــت از ســکــنـدر شــه نــامــدار | که چـون سـلطـنت یافـت بـر وی قـرار |
| چــو نـور خـرد بــودش انـدر سـرشـت | خــردنـامـه هـای حــکـیـمـان نـوشـت |
| ز هر حـرف حـکمت که شد بـهره یاب | نـوشــتــش بــه حــل یـافــتــه زر نـاب |
| بــلـی نـقـد بــحـر خـرد گـوهـر اسـت | بـه زر نظم سلک گهر خـوشتـر اسـت |
| بـه هـر لـحـظـه کـردی در آنـجـا نـظـر | شــدی از ســوادش مـکــحــل بــصــر |
| گـرفـتـی بــه دسـتــور آن کـار پــیـش | بـه آن راسـت کردی همه کار خـویش |
| نخـسـت از ارسـطو کش اسـتـاد بـود | بــه شــاگــردی او دلــش شــاد بـــود |
| خــردنـامـه ای نـغــز عــنـوان گـرفــت | کـه مـغـز از قـبــول دل و جـان گـرفـت |
| ز نـــام خـــدایــش ســـر آغـــاز کـــرد | وز آن پـــس نــوای دعـــا ســـاز کـــرد |
| کـه شــاهـا دلـت چــشــمـه راز بــاد | بــه روی تــو چــشــم رضــا بـــاز بـــاد |
| زبــانـی کـه بــاشــد بــه فـرمـان گـرو | نـبــاشــد بــه از گـوش فـرمـان شــنـو |
| فــضــیـلــت بــود در قــبــول ســخــن | نــه انــدر فــضــولــی کــن یــا مــکــن |
| ز سـوسـن گل بـاغ ازان بـهتـر اسـت | که این جـمله گوش آن زبـان آور است |
| خـدای آنـچـه بــا بـنـدگـان مـی کـنـد | ازیـشــان تــوقــع هـمــان مــی کــنـد |
| کـنـد لـطـف تــا لـطـف خـویـی کـنـنـد | کــنـد نـیـکــویـی تــا نـکــویـی کــنـنـد |
| بــــپــــرورد در لـــجــــه جــــودشـــان | بــه جــودی کـه پــرورد فــرمـودشــان |
| گــنـاه هـمـه از نـم عــفــو شــســت | بـه جـرم کسـان از همه عفو جـسـت |
| ازان بـــا هــمــه زد دم از راســـتـــی | کـه تـابـد عـنـانـشـان ز کـم کـاسـتـی |
| بـه هر کـس ز داد و سـتـد ره گـشـاد | نمـی خـواهد از وی بـه جـز آنـچـه داد |
| مــیــفــکــن بـــه کــار رعـــیــت گــره | خــدا آنــچــه دادت بــه ایــشــان بــده |
| تـرحـم کن و عـفـو و بـخـشـش نمای | کـه ایـنـهـا رســیـدت ز فـضــل خــدای |
| جــهــان کــوه و فــعــل تــو آمــد نــدا | جــزای تــو بـــر فــعــل بـــاشــد صــدا |
| ازیـن کـوه کـز فـعـل تــو پــر نـداسـت | صـدا جــز بــه وفـق نـدا بــرنـخــاسـت |
| بـه کـوه آنچـه گـویی جـز آن نشـنوی | بــه خـاک آنـچـه کـاری جـز آن نـدروی |
| نـهـالـی کـه کـاری دریـن تـیـره خـاک | چــنــان کــار کــز وایــه طــبـــع پـــاک |
| دهـــد نـــام نـــیـــکـــوت امـــروز بـــار | بـــه فــردات خـــشـــنــودی کــردگــار |
| اگــر واگــذاری بـــه او کــار خـــویــش | نــیــایـد تــو را هــیــچ دشــوار پــیـش |
| ز کـار تــو دشــمـن هـراســان شــود | هـمــه کــارهــا بــر تــو آســان شــود |
| وگـــر جـــز بـــدو افـــکـــنــی کـــار را | نـــشـــانـــه شـــوی تـــیـــر ادبــــار را |
| بـــمــانــد تـــو را کــار نــاســاخــتـــه | دل از نـــقـــد اقـــبــــال پـــرداخـــتـــه |
| نـــیـــاورده روی دل انــــدر صــــلــــاح | ز تــو قــصــد اصــلــاح نــبــود مــبـــاح |
| ز گـم کـرده ره رهـنـمـایی کـه یـافـت | ز دود ســیـه روشــنـایـی کــه یـافــت |
| ز سرچـشمه چون تـلخ و شور آید آب | ز لـب تـشـنـگـان کـی بـرد تـف و تـاب |
| گــر اصــلــاح خــلــق جــهـان بــایـدت | دل از هــر بـــدی بـــر کــران بـــایــدت |
| نشسته ز خود حرف عیب از نخست | ز تــو عـیـب شــویـی نـیـایـد درســت |
| چــو نــاپــاک آیــد بـــه تــو آب جــوی | مجـو پـاکی جـامه از شسـت و شوی |
| مـشـو غـره حـسـن گـفـتــار خـویـش | نـکـو کـن چــو گـفـتــار کـردار خـویـش |
| چــو کــردار نــاصــح بــود نــاپــســنـد | نـصـیـحــت کـی افـتــد ز وی ســودنـد |
| خــرد عـیـب آن بــی خــرد مـی کـنـد | کـه مـنـع کـس از کـار خـود مـی کـنـد |
| نــشـــد مــانــع طـــفـــل قـــول پـــدر | کـه خـود خـورد حـلوا و گفـتـش مخـور |
| پــی زجــر نــادان بــی بــاک کــیــش | بـــود قـــوت فـــعـــل از قــول بـــیــش |
| ودیـعـت نـهـادت فـلـک در ســرشــت | بسی خوی نیک و بسی خوی زشت |
| هلاک تـو در خـوی زشـت اسـت لیک | نـجـات تــو بــخـشـد ازان خـوی نـیـک |
| چـو غـالـب شـود خـوی بــد بـر مـزاج | نـبـاشـد بـه جـز خـوی نـیـکـش عـلـاج |
| بـزن شـیشـه خـشـم را سـنگ حـلم | بــشــو ظــلـمـت جــهـل را زآب عـلـم |
| بــه فـکـرت ز دل زنـگ نـسـیـان بــبــر | بــه شــکـر از درون داغ کـفــران بــبــر |
| چــو بــاری ز گــردونـت آیـد بــه دوش | در افـکـنـدن آن مـشــو حــیـلـه کـوش |
| بــه پــشـت تــحـمـل کـش آن بــار را | مــکــن حــیـلــه گــر نـفــس مـکــار را |
| مــبــادا شــود ســخــت تــر کــار تــو | بــه پــشــت تــو گـردد فــزون بــار تــو |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
منبع : درج











