داشـت شـاهی بـر انس و جـان غـالبدخـــتـــری بـــلــکــه اخـــتـــری ثـــاقــباز قـــضـــا روزی آن یــگـــانـــه عـــصـــرســــر فــــرو کـــرد از کـــ…
| داشـت شـاهی بـر انس و جـان غـالب | دخـــتـــری بـــلــکــه اخـــتـــری ثـــاقــب |
| از قـــضـــا روزی آن یــگـــانـــه عـــصـــر | ســــر فــــرو کـــرد از کـــرانـــه قــــصــــر |
| حــــبــــشـــی زاده ای بــــدیـــد از دور | دلــربـــا هــمــچـــو خــال چـــهــره حـــور |
| قــــامــــت آن ســــیــــاه چــــرده روان | چـــون الــف کـــرد مــنــزلـــش در جـــان |
| بــــا ســـواد رخ و جـــبــــیـــن و عـــذار | ســـاخـــت جـــا در دلـــش ســـویـــداوار |
| مـــانــدش آن صـــورت پـــســـنــدیــده | چــــون ســــیـــاهــــی دیـــده در دیـــده |
| گـر چــه او بــد ســمـر بــه مـاه وشـی | سـوخـت جــانـش بــه داغ آن حـبــشـی |
| عـجــب افـسـانـه ای و خــوش لـاغـی | کـــــه زنـــــد بــــــر تــــــذرو ره زاغـــــی |
| لیکـن اینها ز عـشـق نیسـت شـگفـت | خــود چــه گـل کـان ز بــاغ او نـشـگـفـت |
| عشق در بـند حـسن و احـسـان است | عشق بنده ست و حسن سلطان است |
| هـر کــجــا حــســن مـی نـمــایـد روی | می نهد سر بـه سجـده عشق آن سوی |
| حــســن بــود آنــکــه در لــبـــاس ایــاز | خــوانــد مــحـــمــود را بـــه کــوی نــیــاز |
| حــســن بــود آن بــه کـســوت لـیـلـی | قــیــس را داده ســـوی خـــود مــیــلــی |
| حــــســــن بــــود آن ز صـــورت عـــذار | عــــذر وامـــق نـــهـــاده بــــر صــــحــــرا |
| حــســن بــود آن کــزان ســیـاه نـمــود | کـــه ازان مـــاه صـــبـــر و دیــن بـــربـــود |
| صـبـر و دین چـیسـت آن سـتـوده غلام | بــرد ازان مــاه هــر چــه داشــت تــمــام |
| هر چه از جنس هستی اش در دست | دیــد بــرد و بــه جــای آن بــنــشــســت |
| یـکـســر از رنـج خــویـشــتــن بــرهـیـد | غــیـر مــعــشــوق خــویـش هـیـچ نـدیـد |
| حـبـذا عـاشـقـی کـه رسـت از خـویش | هـر چـه جـز دوسـت بــرگـرفـت از پـیـش |
| یـکــدل و یـک جــهـت شــد و یـکــروی | روی هـمــت بــتــافــت از هـمــه ســوی |
| دوسـت دانسـت و دوست دید و شنید | هـر چــه جــز دوســت دیـد ازان بــبــریـد |
| دخـتـر الـقـصـه مـاند بـی خـور و خـواب | دل پــر آتــش ز عــشــق و دیــده پــر آب |
| لــب فـــرو بـــســـت از پـــرســـتـــاران | مـــهـــر بــــگـــســــســــت از وفـــاداران |
| پـشـت بـر بـزم و عـیش و شـادی کـرد | رو بــــــه دیـــــوار نـــــامـــــرادی کــــــرد |
| هــمـــه حـــیــران کـــار او مـــانـــدنـــد | ســــخــــن از کــــار و بــــار او رانــــدنـــد |
| آن یــــکــــی گــــفــــت راه او زد دیــــو | ســاخــت دیـوانـه اش بــه حــیـلـه و ریـو |
| وان دگــر گــفــت بـــا پـــری شــد یــار | کــــــارش از یـــــاری پــــــری شــــــد زار |
| وان دگــر گـفــت خــوبــیـی بــه تــمـام | داشــت، چـــشــمــش رســـیــد از ایــام |
| وان دگـر گـفـت هـیچ از اینـهـا نـیسـت | آفـتــش غـیـر عـشـق و ســودا نـیـســت |
| دلـــــبــــــری دیـــــده دل بـــــه او داده | وز غـــمــش در کـــشـــاکــش افـــتـــاده |
| بـــود بـــا او هــمـــیــشـــه یــک دایــه | از فـــســـون و فـــســـانـــه پـــر مـــایـــه |
| گــنــده پـــیــری کــه تــا جــوان بـــوده | هــــــدف تــــــیـــــر ایـــــن و آن بــــــوده |
| زده بـــــعـــــد از جـــــوانــــی گــــذران | دســــــت در کــــــارســــــازی دگــــــران |
| چـون لـبــش در فـسـون بــجــنـبــیـدی | بـــر خـــود افــســـونــگــران بـــلــرزیــدی |
| ور زبـــان در فــســـانــه بـــگــشـــادی | مــالــش صـــد فـــســـانــه خـــوان دادی |
| گر چـه از بـهر سـبـحـه داشـت بـه فن | مـــهـــره ای چــــنـــد کــــرده در گــــردن |
| بـود چـون سبـحه اش بـه زخم درشت | خــرد بــه مـهـره هـای گــردن و پــشــت |
| ور چـه مـی کـرد نـفـس حـیـلـه گـرش | وصــلــه وصــلــه مــرقــعــی بـــه بـــرش |
| بــــود اولـــی ز دهـــر خــــونـــخــــواره | چـــون مــرقــع تـــنــش بـــه صـــد پـــاره |
| دایـه چــون حــال دخــتــر آنـسـان دیـد | بـــر وی آن درد و رنـــج نـــپـــســـنــدیــد |
| پــیـش دخــتــر نـشـسـت کـای فـرزنـد | کــــه بــــود بــــا تــــو روح را پــــیـــونــــد |
| حـق چـو نشو و نمای سرو تـو جـست | بــر کــنــار مــنـش نـشــانــد نــخــســت |
| لب تـو کـاینچـنین شـکـر شـکن اسـت | پـــرورش یــافــتــه ز شــیــر مــن اســت |
| ابــرویــت را بــه وســمــه پــیـوســتــه | نـقــش نـو کــلــک صــنـع مــن بــســتــه |
| تــا نــکــردم بـــه ســرمــه دســت دراز | بــود چــشــمــت تــهــی ز ســرمــه نــاز |
| بـــود روشــن رخــت چــو صــبـــح دوم | در شـــب تـــار مــوی مــشــکــیــن گــم |
| تــا نــبــســتــم نــغــولــه مــوی تــو را | کــــس نــــدیـــد آشــــکــــار روی تــــو را |
| هـر شـب از بــهـر خـواب تـا بـه سـحـر | از حـــریـــرت فـــکـــنـــده ام بــــســـتـــر |
| چـون شـده سـیـر نـرگـس تــو ز خـواب | گــل روی تــو شــســتــه ام بــه گــلــاب |
| حــق خــدمــت بــســی گــزارده شــد | تــــا هـــلـــال تــــو مـــاه چــــارده شـــد |
| بـــار دیــگـــر مــکـــن ز رنــج و مــلـــال | بـــدل ایـــن مـــاه چـــارده بـــه هـــلـــال |
| مـــــحـــــنـــــت روزگـــــار نـــــابـــــرده | گــــل رویــــت چــــراســــت پــــژمــــرده |
| بـــود مــقــصــود دل ز قــد تــو راســت | ایـن زمــان قــد تــو خــمـیـده چــراســت |
| دیده عمری بـه روی تـو خـوش زیسـت | ایـن چـنـیـن زلـف تـو مـشـوش چـیـسـت |
| حـال خـود بـازگـو چـه حـال اسـت ایـن | اثــــر خـــواب یـــا خـــیـــال اســـت ایـــن |
| یـــا بـــه بـــیــداریــت کـــســـی زد راه | وز تـــو بــــربـــود صـــبــــر و دل نـــاگـــاه |
| مـهـر خــامـوشـی از لـبــت بــگـشــای | ســـوی آن رهــزنـــم رهــی بـــنـــمـــای |
| گــر بــود هـمــچــو مـه بــر اوج بــلــنـد | آرم او را فــــرو بـــــه خــــم کــــمــــنــــد |
| ور چــو مــاهــی بــود بــه بـــحــر درون | کــنــم او را بــه مــکــر و حــیــلــه بـــرون |
| چــون فــســون و فــریــب بــنــدم کــار | خـــواهــد از کـــار مـــن فـــلـــک زنــهــار |
| گــر بـــود زاهــدی بـــه خـــود مــغــرور | یــا حــکــیــمــی ز خــود پــرســتــی دور |
| آن بـــه زهــد از فــســون مــن نــرهــد | ویـن بــه جــهــد از فــریـب مــن نــجــهـد |
| دخـتــر از دایـه آن فـسـون چـو شـنـیـد | بــهــتــر از راســت هــیــچ چــاره نــدیــد |
| نــام و نــامــوس را بــه گــوشــه نـهـاد | پــــرده از روی کـــار خــــود بــــگـــشـــاد |
| حــال خــود آنــچــنــان کــه واقــع بــود | بـــی تـــکـــلـــف بـــه دایــه بـــاز نــمــود |
| دایــه گــفـــتـــا کـــفـــایــت ایــن کـــار | بـــــکــــنــــم دل ز غــــصـــــه فــــارغ دار |
| بــــنــــهـــم در کــــنــــار کــــام تــــو را | دور دارم ز عـــــــــار نـــــــــام تــــــــــو را |
| این سخن عرضه کرد بـی کم و کاست | بــهـر مـوعـود خــویـشـتــن بــرخــاســت |
| ســیـنـه ســوزان ز داغ آن حــبــشــی | کــرد هــر جـــا ســـراغ آن حـــبـــشـــی |
| عــــاقــــبــــت یـــافــــت مـــنـــزل او را | دیـــــد مــــــوزون شــــــمــــــایـــــل او را |
| کــرد بـــا او بـــه دوســتـــی پـــیــونــد | شــــد یـــکـــی مـــادر و دگـــر فــــرزنـــد |
| خــانــه خــویــشــتــن نــشــانــش داد | راه آمــــد شــــدن بــــر او بــــگــــشــــاد |
| هــیـچ شــامــی نــبــودی و ســحــری | کـــه نـــکـــردی بــــه ســـوی او گـــذری |
| یک شب او را بـه پـیش خـویش نشاند | بــر وی از بــهـر خــواب افـســون خــوانـد |
| آنــچــنــان خــفــت بــر ســر بــســتــر | کــه نــمــانــدش ز حــال خــویـش خــبــر |
| گـر بــه دنـدان کـســی لـبــش کـنـدی | چـــیــن در ابـــروی خــود نــیــفــکــنــدی |
| ور دو صـــد نــیــش، پـــای کـــرده دراز | نــکــشــیــدی بـــه جـــانــب خـــود بـــاز |
| خــــواب او را چــــو دایـــه دیـــد گـــران | بـــســت در پـــشــت خـــادمــیــش روان |
| بــرد چــون تــنـگ مــشــک یـا عــنـبــر | یـــکـــســـر او را بــــه خـــانـــه دخـــتـــر |
| نیکـبـخـتـا کـسـی کـه رفـت بـه خـواب | چـشـم حـس بـسـت ازین جـهـان خـراب |
| جــذب مـعــشــوق گـشــت حــامـل او | بـــرد تـــا پـــیـــشـــگـــاه مـــحـــمـــل او |
| شــبــروان رنـج بــیـن و مـحــنـت کـش | واو بــــه صـــدر وصـــال خـــرم و خـــوش |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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