فرخ آن کس که وار خود بشناختکـار خـود را بــه وار خـود پــرداخـتشــد بــه حــکــمــت بــلــنـد آوازهگــــام بـــــیــــرون نــــزد ز انــــدازهمـــتـــ…
| فرخ آن کس که وار خود بشناخت | کـار خـود را بــه وار خـود پــرداخـت |
| شــد بــه حــکــمــت بــلــنـد آوازه | گــــام بـــــیــــرون نــــزد ز انــــدازه |
| مـــتـــقـــارب نـــهـــاد در ره گـــام | مــتـــجـــانــب ز طـــفـــره نــظـــام |
| هـر کـه زد طـفـره از ســر صــرفـه | تـا بـه مقـصـد رسـد بـه یک طـرفـه |
| نرسـیدش بـه پـای مقصـد دسـت | گردن و پشت هر دو خرد شکست |
| مـرغ نـورس نـگـشـتــه نـیـرومـنـد | مــی پــرد ز اوج آشــیــان بـــلــنــد |
| مــی زنــد پــر شــر و بــال و بــال | مـی کـنـد چـرب گـربــه را چـنـگـال |
| ور تــو گـویـی کـه هـمـت عــالـی | کـــز هــوا و هــوس بـــود خـــالــی |
| طــلــب مــقــصــد بــلــنــد کــنــد | مــیـل مــقــصــود ارجــمــنـد کــنـد |
| از امـــور دنـــی بــــه بـــیـــهـــوده | نـــکــــنـــد دامــــن خــــود آلــــوده |
| خـوش نـبـاشـد کـه بـاز شـه پـرور | بــه هــوای مــگــس گــشــایـد پــر |
| بــد نـمـایـد کـه شـیـر آهـو جــوی | بــــه شــــکـــار شـــکـــال آرد روی |
| گــویــم آری ولــی حـــکـــیــم ازل | کــه بــود حــکــم او بــری ز خــلـل |
| بـهـر هـر مـقـصـدی رهی بـنـمـود | سـوی هر خـانه ای دری بـگـشـود |
| طـالـبـان را بـه لطـف کـرد خـطـاب | گـفــت فأتــوا الـبــیـوت مـن ابــواب |
| گــر تـــو از در روی مــبـــارک بـــاد | تــاج فــضــلــت کــلــاه تــارک بـــاد |
| ور گـــــــذاری در و ز بــــــــام روی | هـدف طـعـن خــاص و عـام شـوی |
| طـشــت رســوائیـت فـتــد از بــام | دیـگ انــدیــشــه تــو مــانــد خــام |
| من نمی گـویمـت بـه کـعـبـه مـرو | هـمـت خـود مـکـن بـه کـعـبـه گـرو |
| مـی روی زادگـیـر و راحـلـه جــوی | روز و شـب در قـفـای قـافـلـه پـوی |
| ور نـه غــولـی شــوی بــیـابــانـی | هـم ز کـعـبــه هـم از وطـن مـانـی |
| بـلکه فـرسـوده پـای و خـونین دل | بــــاز گــــردی ز اولـــیـــن مـــنـــزل |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
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