بـــود بــــقـــالـــی و وی را طـــوطـــیـــیخـوش نـوایـی سـبــز و گـویـا طـوطـیـیبـــر دکـــان بـــودی نــگـــهــبـــان دکـــاننـکـتــه گـفـتــی بــا…
| بـــود بــــقـــالـــی و وی را طـــوطـــیـــی | خـوش نـوایـی سـبــز و گـویـا طـوطـیـی |
| بـــر دکـــان بـــودی نــگـــهــبـــان دکـــان | نـکـتــه گـفـتــی بــا هـمـه ســوداگـران |
| در خــــطــــاب آدمـــی نـــاطـــق بــــدی | در نـــوای طـــوطـــیـــان حـــاذق بـــدی |
| جـسـت از سـوی دکـان سـویی گریخـت | شـیـشـه هـای روغـن گـل را بــریـخــت |
| از ســوی خــانــه بــیـامــد خــواجــه اش | بـر دکان بـنشـسـت فـارغ خـواجـه وش |
| دیــد پـــر روغــن دکــان و جــامــه چــرب | بـر سـرش زد گشت طوطی کل ز ضرب |
| روزکــی چــنــدی ســخــن کــوتــاه کــرد | مــــرد بــــقــــال از نـــدامــــت آه کــــرد |
| ریش بـر مـی کـند و می گـفـت ای دریغ | کــافــتــاب نــعــمــتــم شــد زیــر مــیـغ |
| دسـت مـن بـشـکـسـتـه بـودی آن زمـان | کــه زدم مـن بــر ســر آن خــوش زبــان |
| هـــدیــه هـــا مـــی داد هــر درویــش را | تــا بـــیــابـــد نــطــق مــرغ خــویــش را |
| بــعـد سـه روز و سـه شـب حـیـران و زار | بــر دکـان بــنـشـســتــه بــد نـومـیـدوار |
| مـی نـمـود آن مـرغ را هـر گـون نـهـفــت | تــا کــه بــاشــد انــدر آیــد او بــگــفــت |
| جــولـقـیـی سـر بــرهـنـه مـی گـذشـت | بـا سر بی مو چو پشت طاس و طشت |
| آمــد انــدر گــفـــت طـــوطـــی آن زمــان | بــانـگ بــر درویـش زد چــون عــاقــلــان |
| کــز چــه ای کــل بــا کــلـان آمـیـخــتــی | تــو مـگـر از شـیـشــه روغـن ریـخــتــی |
| از قــیــاســـش خـــنــده آمــد خـــلــق را | کـو چـو خـود پـنداشـت صـاحـب دلـق را |
| کــار پــاکــان را قــیـاس از خــود مــگــیـر | گـر چـه مـاند در نبـشـتـن شـیر و شـیر |
| جـمـلـه عـالـم زیـن سـبــب گـمـراه شـد | کـم کــســی ز ابــدال حــق آگـاه شــد |
| هــمــســری بـــا انــبــیــا بــرداشــتــنــد | اولــیـا را هـمــچــو خــود پــنـداشــتــنـد |
| گـفـتــه ایـنـک مـا بــشـر ایـشـان بــشـر | مـا و ایـشـان بــسـتـه خـوابــیـم و خـور |
| ایـن نــدانــســتــنــد ایـشــان از عــمــی | هـسـت فـرقـی درمـیـان بـی مـنـتـهـی |
| هـر دو گــون زنــبــور خــوردنـد از مــحــل | لـیک شـد زان نیش و زین دیگـر عـسـل |
| هــر دو گــون آهــو گــیــا خــوردنــد و آب | زین یکی سـرگین شد و زان مشک ناب |
| هــر دو نــی خـــوردنــد از یــک آب خـــور | ایـن یـکــی خــالــی و آن پــر از شــکــر |
| صـد هـزاران ایـن چــنـیـن اشــبــاه بــیـن | فــرقــشــان هـفــتــاد ســالـه راه بــیـن |
| ایــن خـــورد گـــردد پـــلـــیــدی زو جـــدا | آن خــــورد گـــردد هـــمـــه نـــور خــــدا |
| ایـن خــورد زایـد هـمـه بــخــل و حــسـد | وآن خــــورد زایـــد هـــمـــه نـــور احــــد |
| ایـن زمـیـن پـاک و آن شـوره سـت و بــد | ایـن فـرشـتـه پــاک و آن دیـوسـت و دد |
| هـر دو صـورت گـر بـه هم مـانـد رواسـت | آب تــلـخ و آب شــیـریـن را صــفـاســت |
| جـز که صاحـب ذوق کی شـناسـد بـیاب | او شــنــاســد آب خــوش از شــوره آب |
| ســحــر را بــا مــعــجــزه کــرده قــیــاس | هــر دو را بـــر مــکــر پـــنــدارد اســاس |
| ســـاحـــران مــوســی از اســـتـــیــزه را | بـــرگــرفــتــه چــون عــصــای او عــصــا |
| زیـن عـصـا تــا آن عـصـا فـرقـیـسـت ژرف | زین عـمـل تـا آن عـمـل راهـی شـگـرف |
| لــعــنــت الــلــه ایـن عــمــل را در قــفــا | رحـــمــت الــلــه آن عـــمــل را در وفـــا |
| کــافــران انــدر مــری بـــوزیــنــه طــبـــع | آفـــتـــی آمــد درون ســـیــنــه طـــبـــع |
| هـرچــه مــردم مـی کــنـد بــوزیـنـه هـم | آن کـــنــد کـــز مــرد بـــیــنــد دم بـــدم |
| او گــمــان بــرده کــه مــن کــردم چــو او | فـــرق را کــی دانــد آن اســـتـــیــزه رو |
| ایــن کــنــد از امــر و او بـــهــر ســتـــیــز | بــر ســر اســتــیــزه رویــان خــاک ریــز |
| آن مـــنــافـــق بـــا مـــوافـــق در نــمـــاز | از پـــی اســـتـــیـــزه آیـــد نـــه نـــیـــاز |
| در نـــــمـــــاز و روزه و حــــــج و زکـــــات | بــا مــنــافــق مؤمــنـان در بــرد و مــات |
| مؤمــنــان را بـــرد بـــاشـــد عـــاقـــبـــت | بــــر مـــنـــافــــق مـــات انـــدر آخــــرت |
| گــرچــه هـر دو بــر ســر یـک بــازی انــد | هـــر دو بـــا هــم مـــروزی و رازی انـــد |
| هــر یــکـــی ســـوی مــقـــام خـــود رود | هــر یــکــی بـــر وفـــق نــام خـــود رود |
| مؤمـنـش خـوانـنـد جــانـش خـوش شـود | ور مــنــافــق تــیــز و پـــر آتـــش شــود |
| نـــام او مـــحـــبــــوب از ذات وی اســـت | نـام ایـن مـبــغــوض از آفـات وی اســت |
| مـیم و واو و مـیم و نون تـشـریف نیسـت | لـطـف مؤمـن جـز پـی تـعـریف نـیـسـت |
| گــر مــنــافــق خــوانـیـش ایـن نــام دون | هـمــچــو کــزدم مـی خــلــد در انـدرون |
| گـرنـه ایـن نـام اشــتــقــاق دوزخــســت | پـــس چـــرا در وی مــذاق دوزخــســت |
| زشــتــی آن نـام بــد از حــرف نـیـســت | تــلـخـی آن آب بــحـر از ظـرف نـیـسـت |
| حــرف ظــرف آمـد درو مـعـنـی چــون آب | بـــحــر مــعــنــی عــنــده ام الــکــتــاب |
| بــحـر تــلـخ و بــحـر شـیـریـن در جــهـان | در مــیــانــشــان بـــرزخ لــا یــبــغــیــان |
| وانــگــه ایـن هــر دو ز یـک اصــلــی روان | بـــر گــذر زیــن هــر دو رو تـــا اصــل آن |
| زر قــــلــــب و زر نــــیـــکــــو در عــــیـــار | بــی مـحــک هـرگـز نـدانـی ز اعــتــبــار |
| هـر کـه را در جــان خــدا بــنـهـد مـحــک | هــر یــقـــیــن را بـــاز دانــد او ز شـــک |
| در دهــان زنـــده خـــاشـــاکـــی جـــهــد | آنــگـــه آرامــد کـــه بـــیــرونــش نــهــد |
| در هـزاران لـقــمـه یـک خــاشــاک خــرد | چــون در آمــد حــس زنــده پــی بــبــرد |
| حـــس دنـــیــا نـــردبـــان ایــن جـــهـــان | حـــس دیـــنـــی نـــردبـــان آســـمـــان |
| صـحـت ایـن حـس بــجـویـیـد از طـبــیـب | صـحـت آن حـس بــجــویـیـد از حـبــیـب |
| صــحــت ایــن حــس ز مــعــمــوری تـــن | صــحـــت آن حــس ز تـــخــریــب بـــدن |
| راه جـــان مــر جـــســم را ویــران کــنــد | بـــعـــد از آن ویــرانـــی آبـــادان کـــنـــد |
| کـــرد ویــران خـــانـــه بـــهـــر گـــنـــج زر | وز هـمـان گــنـجــش کــنـد مـعــمـورتــر |
| آب را بــــبــــریـــد و جـــو را پــــاک کـــرد | بــعــد از آن در جــو روان کـرد آب خــورد |
| پـوسـت را بـشـکافـت و پـیکان را کشـید | پــوسـت تــازه بــعـد از آنـش بــر دمـیـد |
| قــلــعــه ویــران کــرد و از کــافــر ســتــد | بـعد از آن بـر سـاخـتـش صد بـرج و سد |
| کــار بــی چــون را کــه کــیـفــیـت نــهـد | ایـنـک گـفــتــم ایـن ضــرورت مـی دهـد |
| گــه چــنـیـن بــنــمــایـد و گــه ضــد ایـن | جــز کـه حــیـرانـی نـبــاشــد کــار دیـن |
| نه چنان حیران که پشتش سوی اوست | بل چنان حیران و غرق و مست دوست |
| آن یـکـی را روی او شـد سـوی دوســت | وان یـکـی را روی او خــود روی اوســت |
| روی هـر یـک مــی نـگــر مــی دار پــاس | بــوک گـردی تــو ز خــدمـت روشــنـاس |
| چـون بــسـی ابـلـیـس آدم روی هـسـت | پـس بــهـر دسـتـی نـشـایـد داد دسـت |
| زانـــک صـــیــاد آورد بـــانـــگ صـــفـــیــر | تـــا فـــریــبـــد مـــرغ را آن مــرغ گـــیــر |
| بـشـنـود آن مـرغ بـانـگ جـنـس خـویـش | از هـــوا آیـــد بـــیـــایـــد دام و نـــیـــش |
| حــــرف درویـــشـــان بــــدزدد مـــرد دون | تـا بــخـوانـد بــر سـلـیـمـی زان فـسـون |
| کــار مــردان روشــنــی و گــرمــیــســت | کـار دونـان حـیـلـه و بــی شـرمـیـسـت |
| شــیـر پــشــمــیـن از بــرای کــد کــنـنـد | بــومـســیـلـم را لــقــب احــمـد کــنـنـد |
| بــومــســیــلــم را لــقــب کــذاب مــانــد | مـر مــحــمـد را اولــوا الــالــبــاب مــانـد |
| آن شـراب حــق خـتــامـش مـشـک نـاب | بــاده را خــتــمـش بــود گــنـد و عــذاب |
گروه کتاب پایگاه خبری شاعر
منبع : درج
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